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रायपुर। यह किसी से छिपा नहीं है कि अभाव में ही प्रतिभा पलती है। सपनों को पूरा करने की चाहत और जुनून हो तो मंजिल खुद-ब-खुद रास्ते बना लेती है। एक चाय बेचने वाले की बेटी संगीता रामटेके (27) का क्रिकेटर बनने का सपना था। उन्होंने कड़ी मेहनत की और हार नहीं मानी। संगीता की कड़ी मेहनत से उनका चयन छत्तीसगढ़ की महिला वनडे और बीसीसीआइ टी-20 टीम में हुआ।
::/introtext::क्रिकेट के मैदान में चौके-छक्के लगाने वाली संगीता अब फिल्मी पर्दे पर चौके-छक्के लगाते दिखेंगी। अगस्त में रिलीज होने वाली तमिल फिल्म 'कन्ना' में संगीता मुख्य किरदार में नजर आएंगी। फिल्म अगस्त में रिलीज होगी। फिल्म कन्ना की स्टोरी गांव की एक लड़की पर आधारित है।
लड़की का सपना क्रिकेटर बनने का रहता है, लेकिन अभाव की वजह से उसे काफी दिक्कत होती है। लड़की हार नहीं मानती और सपना पूरा करती है। छत्तीसगढ़ की बेटी संगीता की रियल लाइफ फिल्म कन्ना की स्टोरी से मिलती-जुलती है। संगीता के पिता श्रवण कुमार रामटेके भिलाई में ही चाय का ठेला लगाते हैं।
बीसीसीआई द्वारा खेले जा रहे मैच के दौरान सिलेक्शन
चेन्नई में आयोजित बीसीसीआई लीग टूर्नामेंट में छत्तीसगढ़ की महिला टीम खेलने गई थी। छत्तीसगढ़ टीम का मैच खेला जा रहा था। तमिल फिल्म के डायरेक्टर अरुणराज एक्टर की तलाश के लिए मैच देखने ग्राउंड पहुंचे, जहां उन्होंने किरदार के हिसाब से खिलाड़ियों को देखा।
यहीं से डारेक्टर अरुणराज ने आठ से दस खिलाड़ियों को चुना। अलग-अलग टीम के कोच से खिलाड़ियों से मिलने की अनुमति ली। मैच खत्म होने के बाद डायरेक्टर ने सभी से मुलाकात की। संगीता से जब डायरेक्टर ने पूछा कि क्या फिल्म में काम करोगे। संगीता का जवाब था आज तक एक्टिंग की कैमरा भी फेस नहीं किया कैसे होगा।
डायरेक्टर ने कहा ज्यादा कुछ नहीं करना है। जैसे क्रिकेट खेलती हो वैसे ही खेलना है। कुछ चीजें हैं जो 15 दिन ट्रेनिंग में सिखाया जाएगा। संगीता को 15 दिन की ट्रेनिंग दी गई। इसके बाद फिल्म की शूटिंग हुई। संगीता ने गांव की लड़की जो क्रिकेटर बनना चाहती है उसका किरदार निभाया।
कभी हाइट कम होने की वजह से नहीं हुआ चयन
चाय बेचने वाले की बेटी संगीता की रहा कठिनाइयों भरी रही। संगीता ने पिता के चाय ठेले में उनका हाथ बटाया। संगीता बताती हैं कि उन्हें बचपन से ही क्रिकेटर बनना चाहतीं थीं, लेकिन आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने से वे किसी भी बड़ी क्रिकेट एकेडमी की फीस भी नहीं भर पाती थीं।
संगीता के क्रिकेटर बनने की चाहत ने चैन से बैठने नहीं दिया। उन्होंने सेल्समैन में नौकरी की। कुछ पैसे इकट्ठे होने के बाद क्रिकेट क्लब जॉइन किया।
संगीता की हाइट कम होने की वजह से छत्तीसगढ़ टीम में सिलेक्ट होने में पांच साल लग गए। पांच साल बाद संगीता को छत्तीसगढ़ महिला वनडे टीम में जगह मिली। संगीता छत्तीसगढ़ टीम की विकेटकीपर और मध्यक्रम की जुझारू बल्लेबाज हैं। संगीता रायपुर में टर्मिनेटर एकेडमी में प्रैक्ट्सि करती हैं।
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