बस्तर : शिक्षाकर्मियों के प्रमोशन में गड़बड़ी, जांच......
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पदोन्नति में आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं किए जाने के मामले में पंचायत विभाग ने जांच टीम गठित कर दी है।
रायपुर।बस्तर जिले में सहायक शिक्षक पंचायत से शिक्षक पंचायत के पद पर पदोन्नति में आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं किए जाने के मामले में पंचायत विभाग ने जांच टीम गठित कर दी है। पंचायत विभाग के उप सचिव तारण प्रकाश सिन्हा ने जांच दल के गठन का आदेश जारी किया है। इस जांच टीम में चार अधिकारी शामिल हैं, जो 15 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट पंचायत विभाग को सौंपेंगे।
- बस्तर जिले में सहायक शिक्षक पंचायत से शिक्षक पंचायत के पद पर पदोन्नति सूची जारी की गयी थी। उस प्रमोशन की प्रक्रिया में जिला पंचायत ने आरक्षण नियमों का पालन नहीं किया है। आरक्षण का पालन नहीं होने की वजह से कई शिक्षाकर्मी पदोन्नति से वंचित रह गये हैं।
- अनुसूचित जनजाति वर्ग के 156 सहायक शिक्षक इस आरक्षण रोस्टर के पालन न होने की वजह से प्रभावित हुए हैं। वहीं अन्य वर्ग के शिक्षाकर्मियों को भी आरक्षण रोस्टर के पालन न होने की वजह से लिस्ट से बाहर होना पड़ा है।
- आरक्षण नियमों के पालन न होने की वजह से प्रभावित शिक्षाकर्मियों ने दावा आपत्ति दर्ज करायी थी, जिसके बाद एक जांच कमेटी बनी थी। जांच कमेटी ने दावा आपत्ति को जायज माना था। आरक्षण नियमों का पालन नहीं किये जाने को लेकर बस्तर में शिक्षाकर्मियों ने तीखा प्रदर्शन किया था।
टीएस सिंह देव ने लिखा था पत्र
- इस मामले में नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने भी मुख्य सचिव अजय सिंह को पत्र लिखकर तत्काल प्रमोशन लिस्ट को रद्द करने की मांग के साथ-साथ आरक्षण नियमों का पालन करते हुए दोबारा से प्रमोशन लिस्ट निकालने की मांग की थी।
- इस मांग के बाद पंचायत विभाग ने जांच टीम गठित कर दी है। जांच टीम में कुरुद के पंचायत सचिव प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य पीएस ठाकुर, पंचायत विभाग के डिप्टी डायरेक्टर बीएन मिश्रा, पंचायत विभाग के सहायक संचालक दिनेश अग्रवाल और पंचायत विभाग के वरिष्ठ अंकेक्षक टीआर कुर्रे को शामिल किया गया है।
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