मोबाइल पर देखते हैं Porn तो जरा संभलकर रखें कदम, देखने के कारण मैलवेयर के चपेट में......
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रूस की साइबर सिक्योरिटी कम्पनी Kaspersky Lab की रिपोर्ट के अनुसार करीब 12 लाख एंड्रॉयड यूजर्स पोर्न देखने की वजह से मैलवेयर से प्रभावित हुए हैं.
अगर आपको भी पॉर्न वेबसाइट ज्यादा लुभाते हैं और आप भी पोर्न देखने का शौक रखते हैं तो आपके लिए यह खतरा बन सकता है. क्योंकि रूस की एक साइबर कंपनी ने इससे जुड़ी चौंकाने वाली रिपोर्ट दी है. रूस की साइबर सिक्योरिटी कम्पनी Kaspersky Lab की रिपोर्ट के मुताबिक करीब 12 लाख एंड्रॉयड यूजर्स पोर्न देखने के कारण मैलवेयर के चपेट में आ गए हैं. वहीं बीते साल करीब 49 लाख एंड्रॉयड यूज़र्स मैलवेयर से प्रभावित हुए थे. पोर्न वेबसाइट या ऐप्स के जरिए हैकर्स को एंड्रॉयड डिवाइस में मैलवेयर भेजना ज्यादा आसान होता है. जिसकी वजह ज्यादातर हैकर्स एंड्रॉयड स्मार्टफोन में पोर्न देखने वाले यूजर्स को निशाना बनाते हैं. हैकर्स फेक पोर्न ऐप के जरिए लाखों की तादाद में लोगों को निशाना बनाते हैं. करीब 90,000 बॉट स्पैम फेक पोर्न वेबसाइट से जुड़े है, इन्हीं फेक बॉट के जरिए यूज़र्स के साथ धोखाधड़ी की जाती है.
Kaspersky Lab के शोधकर्ताओं के अनुसार पोर्न के कंटेंट को मैलवेयर की तरह इस्तेमाल करना आसान होता है. जिससे यूज़र्स आसानी से आकर्षित होते हैं. ये मैलवेयर पोर्न के दौरान एड के रूप में आते हैं. इस तरह मैलवेयर के ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ फोन की बैटरी को भी प्रभावित करते हैं. गूगल की पॉलिसी अनुसार किसी भी तरह का एडल्ट कंटेंट से जुड़ें ऐप नियमों के खिलाफ हैं. जिसको ध्यान में रखते हुए हाल ही में गूगल ने करीब 7 लाख ऐप्स को प्लेस्टोर से बाहर किया है.
