सुपेबेड़ा कहीं कब्रगाह न बन जाए, अब तक 61 ग्रामीणों की सांसे किडनी की बीमारी से थम चुकी है.....
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गरियाबंद: जिले के सुपेबेड़ा गांव में मौत का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है, बुधवार को फिर एक महिला की किडनी की बीमारी के चलते सांसे थम गई। बताया जा रहा है कि सुपेबेड़ा निवासी भोजनी बीते कुछ दिनों से किडनी की बीमारी से पीड़ित थी। पीड़िता को उपचार के लिए रायपुर मेकाहारा में भर्ती कराया गया था, लेकिन बुधवार को उपचार के दौरान भोजनी की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि उपचार के दौरान डॉक्टरों ने लापरवाही किया जिसके चलते पीड़िता की मौत हो गई। बता दें कि यह सुपेबेड़ा के ग्रमीण की 61वीं मौत है, इससे पहले किडनी की बीमारी के चलते 60 लोगों की मौत हो चुकी है।
गौरतलब है कि सुपेबेड़ा में दूषित पानी पीने से चलते रहवासी किडनी की बीमारी से पीड़ित हो रहे हैं। इस बीमरी के चलते ही बीते शनिवार को एक महिला की और मौत हो गई थी, और आज सुबह भी एक महिला की रायपुर मेकाहारा में उपचार के दौरान मौत हो गई। युवती की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 61 हो गई है। लागातार हो रहे मौत के बाद भी प्रशासन कोई सख्त कदम नहीं उठा रही है। प्रशासन के सुस्त रवैये को देखकर ग्रामीणो ने गांव को छत्तीसगढ़ से अलग करने की मांग तक कर चुके हैं।
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