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नोएडा : बागपत की जेल में डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या सिर पर दस गोलियां मारकर की गई. ऐसा पहली बार नहीं है कि किसी अपराधी की हत्या पुलिस सुरक्षा में हुई हो. मुन्ना बजरंगी के मामले में उसकी पत्नी सीमा सिंह ने 11 दिन पहले यानी 29 जून को प्रेस कांफ्रेंस करके मुन्ना बजरंगी की हत्या की आशंका जताई थी. सीमा सिंह ने 29 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सुरक्षा की गुहार लगाते हुए मुन्ना बजरंगी के फर्जी एनकाउंटर किए जाने की आशंका जताई थी. सीमा सिंह का कहना था कि यूपी एसटीएफ और पुलिस के उच्चाधिकारी उसके पति को फर्जी एनकाउंटर में मार सकते हैं. इस आशंका के मद्देेेेनजर देखा जाए तो 11 दिन बाद मुन्ना बजरंगी की हत्या कर दी गई.
::/introtext::सीमा के अनुसार मुन्ना बजरंगी पर झांसी की जेल में कई बार जानलेवा हमले भी हो चुके थे. प्रेस कांफ्रेंस करते हुए सीमा सिंह ने कहा था 'मेरे पति को कुछ प्रभावशाली लोगों ने साजिश के तहत कई बार जान से मारने का प्रयास किया है. यह प्रयास पहले कई बार किए गए हैं'. सीमा के अनुसार उनके द्वारा इस मामले की शिकायत भी कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से की गई. साथ ही कोर्ट में भी शिकायत की गई थी. लेकिन फिर भी उनकी जान को खतरा बना हुआ है. सीमा सिंह के अनुसार भ्रष्ट तंत्र के कुछ व्यक्ति उनके पति को व्यक्तिगत लाभ के लिए फर्जी एनकाउंटर में मारने की फिराक में हैं.
सीमा सिंह ने यूपी एसटीएफ और पुलिस के अधिकारियों पर मुन्ना बजरंगी को फर्जी एनकाउंटर में मारने की साजिश रचने का आरोप भी लगाया था. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जेल में उनके पति के भोजन में जहर मिलाकर उन्हें मारने की कोशिश भी की गई थी. सीमा सिंह के अनुसार उनके भाई की हत्या भी 2016 में की गई थी. लेकिन इस मामले में भी पुलिस ने हीलाहवाली की और केस बंद कर दिया. उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके पारिवारिक मित्र तारिक मोहम्मद की हत्या के बाद पुलिस जांच के बजाये परिवार को परेशान कर रही है.
अब मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद उनके वकील वी श्रीवास्तव का कहना है कि पिछली रात को मुन्ना बजरंगी को झांसी की जेल से बागपत की जिला जेल लाया गया था. सोमवार सुबह 06:30 बजे के करीब जेल में उनकी हत्या कर दी गई और पिस्टल को गटर में छिपा दिया गया. उनका कहना है कि उन लोगों ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मुन्ना बजरंगी की हत्या की आशंका को लेकर सूचित किया था.
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