CM : वृक्षारोपण का लक्ष्य पूरा नहीं करने पर उद्योगों पर जतायी तीखी नाराजगी.....
::/introtext::::fulltext::
स्वर्गीय मनिराम गोंड के नाम पर दिया जाएगा हरियर छत्तीसगढ़ पुरस्कार…इस वर्ष सात करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य.
रायपुर। हरियर छत्तीसगढ़ वृक्षारोपण महा अभियान की समीक्षा बैठक में आज मुख्यमंत्री ने उद्योगों के रूख से तीखी नाराजगी जतायी। लक्ष्य के अनुरूप उद्योगों की तरफ से पौधे नहीं लगाये जाने पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर इंडस्ट्री की बैठक बुलाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बैठक में प्रदेश में इस वर्ष मानसून के दौरान शासन के विभिन्न विभागों सहित आम जनता और विभिन्न उद्योगों की भागीदारी से सात करोड़ वृक्ष लगाने का लक्ष्य दिया है। उन्होंने वन विभाग से कहा है कि पिछले वर्षाें के दौरान हुए वृक्षारोपण और इस वर्ष होने वाले वृक्षारोपण का अलग-अलग भौतिक सत्यापन किसी तीसरे पक्ष से करवाया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हरियर छत्तीसगढ़ अभियान में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने इस वर्ष के वृक्षारोपण के लक्ष्य को अगले दो माह में (माह अगस्त तक) पूर्ण करने के भी निर्देश दिए। बैठक में वन मंत्री महेश गागड़ा और मुख्य सचिव अजय सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। डॉ. रमन सिंह ने राज्य में वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए हरियर छत्तीसगढ़ पुरस्कार योजना की भी घोषणा की। यह पुरस्कार वन विभाग के फारेस्ट गार्ड स्वर्गीय मनिराम गोंड के नाम पर देने का निर्णय लिया गया, जिन्होंने लगभग 117 वर्ष पहले अंग्रेजों के शासन काल में वर्ष 1891 में रायपुर जिले के वर्तमान उत्तर वन मंडल के ग्राम गिदपुरी के पास शासकीय वन प्रक्षेत्र में स्वप्रेरणा से नौ हेक्टेयर के रकबे में सागौन का प्लांटेशन किया था।
मुख्यमंत्री ने आज की बैठक में कहा कि हरियर छत्तीसगढ़ अभियान के तहत लगाए जाने वाले पौधों की सुरक्षा पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ष प्रदेश में वृक्षारोपण के लिए बाहर से पौधे नहीं खरीदे जाएं। वन विभाग की नर्सरियों में पर्याप्त संख्या में ऐसे पौधे तैयार हैं, जिनकी अच्छी ग्रोथ हो चुकी है। ऐसे पौधों का उपयोग वृक्षारोपण में किया जाना चाहिए। डॉ. सिंह ने प्रदेश के अधिकांश उद्योगों द्वारा पिछले वर्ष के वृक्षारोपण के लक्ष्य को पूरा नहीं किए जाने पर नाराजगी जतायी और मुख्य सचिव से कहा कि वे सभी प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों के मैनेजमेंट के पदाधिकारियों की बैठक बुलाकर उन्हें इस संबंध में जरूरी निर्देश दें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर और सरगुजा जैसे पहाड़ी इलाकों में काजू और कटहल लगाए जाने चाहिए। इसी तरह सड़कों के किनारे आम के वृक्ष लगाए जाएं तो उनसे लम्बे समय तक फलों के साथ-साथ छाया भी मिलेगी।
::/fulltext:: 