हम मार्केट से जब भी कोई डिब्बा बंद फूड आइटम्स लेते हैं तो उस पर मेनुफेक्चरिंग और एक्सपायरी डेट जरूर लिखी होती है लेकिन क्या आप जानते हैं कि तम्बाकू और सिगरेट पर एक्सपायरी डेट नहीं लिखी होती है? ऐसा में ये सवाल उठता है कि क्या डिब्बाबंद सिगरेट और तंबाकू कभी खराब नहीं होते हैं।

डब्लूएचओ की गाइडलाइन
किसी प्रोडक्ट पर लिखी एक्सपायरी डेट से मालूम चलता है कि उसे प्रोडक्ट को कब तक इस्तेमाल में लिया जा सकता है अब तंबाकू प्रोडक्ट्स को देखें तो इनका सेवन किसी भी सूरत में सेहत के लिए हानिकारक होता है। इसी वजह से विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने तम्बाकू पर एक्सपायरी डेट लिखने की मनाही कर रखी है। तम्बाकू हमेशा ही नुकसानदायक है और उस पर एक्सपायरी डेट देने से यह संदेश जाएगा की यह दी गई समयावधि में इसे इस्तेमाल करना सुरक्षित है। यही वजह है कि तम्बाकू, सिगरेट और नशीले पदार्थों पर एक्सपायरी डेट नहीं दी जाती है।
मैन्यूफैक्चेरिंग के समय सिगरेट के न्यू ब्रैंड बंद पैकेट में रखी गई सिगरेट की शेल्फ लाइफ दो साल की होती है। लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि उत्पादन की तारीख कितनी जल्दी या देर बाद की है। जैसे ही आप सिगरेट के पैकेट या तंबाकू पदार्थो की पैकिंग की एयरटाइट सील को खोलते हैं, वैसे ही हवा के सम्पर्क में आते ही सिगरेट बदलने लगता है।
आपको बता दें कि सिगरेट और तम्बाकू भी एक्सपायर होते हैं। एक साल पुराने सिगरेट और तंबाकू ज्यादा खतरनाक हो जाते हैं। इनके एक साल बाद सिगरेट के फिल्टर से कैमिकल रिएक्शन से ब्लड कैंसर का खतरा होने का खतरा रहता है। नए पैकेट के मुकाबले पुराने और एक्सपायर तम्बाकू ज्यादा खतरनाक होते हैं।
