भारत औऱ अमेरिका ने साझा बयान में कहा है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किसी भी देश पर हमले के लिए न हो. अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में तालिबान के कब्जे में पाकिस्तान की अहम भूमिका मानी जाती रही है. .....
नई दिल्ली: अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बीच भारत और अमेरिका ने एक बार फिर परोक्ष तौर पर पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है. भारत औऱ अमेरिका ने साझा बयान में कहा है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किसी भी देश पर हमले के लिए न हो. अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में तालिबान के कब्जे में पाकिस्तान (Pakistan) की अहम भूमिका मानी जाती रही है. साझा बयान में दोनों देशों ने आतंकवाद, कोरोना और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी बात रखी है.
दोनों नेताओं ने कहा कि तालिबान को यूएनएससी के प्रस्ताव 2593 (2021) का पालन करना चाहिए. जिसमें यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि अफगानी क्षेत्र का इस्तेमाल फिर कभी किसी देश को धमकाने या हमले करने, आतंकियों को प्रशिक्षण देने और शरण देने, आतंकी घटनाओं की योजना एवं वित्तपोषण के लिए नहीं होना चाहिए.
अमेरिका और भारत ने तालिबान से इन और अन्य प्रतिबद्धताओं को पालन करने के लिए कहा है. साथ ही अफगानिस्तान से अफगानी नागरिकों और सभी विदेशी नागरिकों सुरक्षित और व्यवस्थित वापसी और अल्पसंख्यक समूहों के सदस्यों, महिलाओं, और बच्चों समेत सभी अफगानियों के मानवाधिकारों का सम्मान करने का आह्वान किया है.
भारत, अमेरिका ने तालिबान से राहत गतिविधि में लगे संयुक्त राष्ट्र, उसकी विशेष एजेंसियों को पूरी तरह, सुरक्षित, प्रत्यक्ष और अबाधित पहुंच बनाने देने का आह्वान किया.
भारत और अमेरिका ने साझा बयान में कहा कि दोनों नेताओं ने स्पष्ट विजन की पुष्टि की है जो भारत-अमेरिका संबंधों को आगे ले जाया जाएगा. इसमें रणनीतिक साझेदारी का निर्माण एवं आसियान एवं क्वॉड सदस्यों समेत क्षेत्रीय समूहों के साथ मिलकर काम करना और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा हितों को बढ़ावा देना है.
इसके अलावा, व्यापार एवं निवेश साझेदारी विकसित करने, कोरोना महामारी और अन्य स्वास्थ्य चुनौतियों के खिलाफ जंग और क्लाइमेट एक्शन को बढ़ाने के लिए वैश्विक प्रयास पर जोर दिया गया है.
