मॉनसून सत्र में अब तक विपक्षी सांसदों के हंगामे के बार-बार कार्यवाही टालने की नौबत आई है......
नई दिल्ली: पेगासस जासूसी स्कैंडल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध जारी है और इसके कारण संसद के मॉनसून सत्र (Parliament Monsoon Session) की कार्यवाही बुरी तरह बाधित हो रही है. मॉनसून सत्र में अब तक विपक्षी सांसदों के हंगामे के बार-बार कार्यवाही टालने की नौबत आई है. बुधवार को भी विपक्ष के हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही 12 बजे और फिर दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी. उधर, लोकसभा की कार्यवाही के दौरान 12 बजे विपक्ष ने लोकसभा में स्पीकर के चेयर के ऊपर कागज के टुकड़े फेंके. केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने इसे लोकतंत्र को शर्मसार करने वाली घटना बताया. उन्होंने कहा कि जनता को संसद सत्र का इंतज़ार रहता है ताकि उनके मुद्दे संसद में उठें.आज कांग्रेस और टीएमसी के सांसदों ने हंगामा किया और मर्यादा तोड़ी. पत्रकार दीर्घा तक काग़ज़ फेंकना लोकतंत्र को शर्मसार करने वाली घटना है. पेगासस जासूसी मामला और केंद्रीय कृषि कानूनों समेत कुछ अन्य मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी.
सुबह 11 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष के सांसद तख्तियां लेकर नारेबाजी करने लगे और हंगामे के चलते कार्यवाही टालनी पड़ी.12 बजे तक के स्थगन के बाद राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई. मॉनसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच चल रहे गतिरोध के बीच राज्यसभा में बुधवार को पहली बार प्रश्नकाल हुआ और विभिन्न मंत्रियों ने सदस्यों के पूरक प्रश्नों के जवाब दिए. प्रश्नकाल के दौरान सदस्यों ने पूरक प्रश्न पूछे और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, श्रम एवं रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव तथा सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री प्रतिमा भौमिक ने उनके जवाब दिए. हालांकि इस दौरान विपक्षी सदस्य आसन के समक्ष आ कर हंगामा करते रहे और उप सभापति हरिवंश ने 12 बज कर 41 मिनट पर बैठक दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी.उच्च सदन की कार्यवाही जब 11 बजे प्रारंभ हुई तो सभापति वेंकैया नायडू ने धोलावीरा (Dholavira) को यूनेस्को की वर्ल्ड हैरिटेज लिस्ट में शामिल किए जाने की जानकारी सदन को दी.
गौरतलब है कि मंगलवार को विपक्षी सांसदों के लगातार हंगामे और शोरगुल को लेकर सभापति नाराजगी जताई थी. उन्होंने कहा थाकि इस हंगामे से अन्य चीजों के अलावा देशहित को भी नुकसान पहुंच रहा है. उन्होंने हंगामा कर रहे सदस्यों से अपने रवैये पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया था.लगातार कार्यवाही स्थगित होने को लेकर स्पीकर ओम बिरला ने भी मंगलवार को हंगामा करने वालों के प्रति सख्त रुख दिखाया था. उन्होंने कहा था कि सरकार जवाब देना चाहती है, आप जवाब चाहते हैं तो अपनी जगह पर जाएं. स्पीकर ने कहा कि आप नारेबाजी कर जवाब मांगते हैं फिर जवाब सुनते भी नहीं, यह उचित नहीं है. जनता ने आपको सदन में उनके मुद्दे और समस्याएं उठाने के लिए भेजा है लेकिन जनता के अभाव सामने लाने की जगह आप नारेबाजी और हंगामा कर रहे हैं.हंगामे और नारेबाजी से सदन की गरिमा को गिरा रहे हैं. हंगामा करने वाले सदस्यों का यह आचरण उचित नहीं है.
