बैंकॉक. थाईलैंड की गुफा में 14 दिन से फंसे बच्चों को बचाने के लिए चलाया जा रहा राहत और बचाव कार्य खराब मौसम की वजह से रोक दिया गया है। उधर, थाई नेवी सील के चीफ एडमिरल अपाकाॅर्न ने का कहना है कि गुफा में ऑक्सीजन सिर्फ 15% रह गई है। लिहाजा, बच्चों में हाइपोक्सिया (ऑक्सीजन की कमी से बीमार होना) का खतरा बढ़ सकता है।
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न्यूज एजेंसी के मुताबिक, चियांग राय प्रांत के गवर्नर नरोंगसाक ने अपाकॉर्न के दावे को खारिज किया है। उनका कहना है कि ब्रिटिश एक्सपर्ट्स ने उन्हें बताया है कि गुफा के जिस चेंबर में बच्चे और उनके कोच फंसे हैं, वहां पर्याप्त ऑक्सीजन है। उन्होंने कहा,"अगर तेज बारिश से हालात ज्यादा खराब हुए तो हम फिर उन्होंने निकालने का काम शुरू कर देंगे।
गुफा में हुई एक गोताखोर की मौत : राहत और बचाव में लगे नौसेना के एक गोताखोर की शुक्रवार को गुफा से बाहर निकलते वक्त ऑक्सीजन की कमी से मौत हो गई थी। उसका नाम समन गुनान बताया गया था। अफसरों के मुताबिक, समन बच्चों को ऑक्सीजन मुहैया कराने के बाद लौट रहे थे तब उनके सिलेंडर की ऑक्सीजन खत्म हो गई। इस बीच उनके साथियों ने समन को बाहर निकालने की काफी कोशिश की, लेकिन वे कामयाब नहीं हो पाए।
गुफा में कैसे फंस गए थे बच्चे : गुफा में अंडर-16 फुटबॉल टीम के 11 से 16 साल के 12 बच्चे और उनके 25 साल के कोच फंसे हैं। वे अपने अभ्यास मैच के बाद गुफा देखने गए थे, तभी बारिश और बाढ़ आ गई। यह गुफा 10 किलोमीटर लंबी है। बारिश के मौसम में ये गुफा जुलाई से नवंबर के बीच बंद कर दी जाती है।
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