बैंकॉक.थाईलैंड की थैम लुआंग गुफा में 11 दिन से फंसे जूनियर फुटबॉल टीम के 12 खिलाड़ियों और उनके कोच तक राहत सामग्री पहुंचा दी गई है। इन्हें सोमवार शाम ब्रिटिश गोताखोरों ने खोजा था। अब इलाके में शुक्रवार तक तूफान आने की आशंका है। इससे पहले से पानी में डूबी गुफा में जलस्तर और बढ़ जाने का खतरा है। थाईलैंड की सेना का कहना है कि गुफा से बाहर आने के लिए इन बच्चों को गहरे पानी में सांस लेने के तरीके सिखाए जा रहे हैं, क्योंकि पूरी टीम को तैराकी नहीं आती है।
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थाईलैंड की सेना के मुताबिक, खाद्य सामग्री, पानी और दवाइयां मिलने के बाद बच्चों की हालत में सुधार नजर आ रहा है। हालांकि अभी वे अपने घरवालों से बातचीत नहीं कर पाए हैं, क्योंकि उनके पास भेजे गए वॉटरप्रूफ फोन संकरी गुफा में मौजूद कीचड़ की वजह से खराब हो गए हैं। दरअसल, ये सभी जमीन से करीब एक किलोमीटर नीचे एक ऐसी जगह पर हैं, जहां अंदर जाने का पर्याप्त रास्ता नहीं है। गुफा में इतना ज्यादा पानी भरा है कि मंगलवार को पंप से हर घंटे 10 हजार लीटर पानी निकालने के बाद भी एक घंटे में वॉटर लेवल एक सेंटीमीटर तक ही कम हो पाया था। बचाव के काम में ब्रिटेन, चीन, म्यांमार, लाओस, ऑस्ट्रेलिया और थाईलैंड के विशेषज्ञों की टीम को लगाया गया है।
गुफा देखने गए तभी बाढ़ आ गई :ये सभी 12 खिलाड़ी अंडर-16 फुटबॉल टीम के सदस्य हैं। इनकी उम्र 11 से 16 साल के बीच है। कोच की उम्र 25 साल है। इस तरह 13 लोग गुफा में फंसे हैं। सभी अभ्यास मैच के बाद गुफा देखने गए थे। ये एक समुद्र तट पर मौजूद रास्ते से गुफा के अंदर गए। रास्ता बहुत संकरा था। तभी बारिश और बाढ़ आ गई। इससे ये 10 किलोमीटर लंबी गुफा में रुक गए। लेकिन पानी बढ़ने से गुफा से बाहर निकलने का संकरा रास्ता बंद हो गया। बारिश के हर मौसम में ये गुफा खतरनाक हो जाती है, इसलिए यहां जुलाई से नवंबर के बीच एंट्री बंद कर दी जाती है। इनकी तलाश और बचाव के काम में 1200 लोगों की टीम लगी है। यह गुफा म्यांमार और लाओस बॉर्डर के पास नेशनल पार्क के भीतर स्थित है। गुफा में छोटी-छोटी सुरंगें हैं। सतह इतनी दलदली है कि उस पर खड़े रहना भी मुश्किल है।
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