अहमदाबाद. गुजरात में एक सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता की पहचान छिपाने के लिए पुलिस ने अनोखा प्रयोग किया। मंगलवार को कोर्ट में पीड़िता के बयान दर्ज होने थे। इसके लिए क्राइम ब्रांच एसपी पन्ना मोमाया ने पीड़िता के साथ उसी जैसी पोशाक पहनाकर 7 महिला कॉन्स्टेबलों को भेज दिया। कोर्ट में पहुंची महिला कॉन्स्टेबलों ने भी अपने चेहरे पर दुपट्टा बांध रखा था।
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एसपी मोमाया ने भास्कर से कहा कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन और महिला के सम्मान की रक्षा के लिए ऐसा प्रयोग पहली बार हुआ है। जरूरत पड़ी तो आगे भी इसे जारी रखेंगे। पुलिस के इस सूझबूझ भरे फैसले को काफी सराहना मिल रही है।
26 मार्च की रात घूमने निकली थी महिला :सेटेलाइट इलाके में कार सवारों पीड़िता को अगवा कर लिया था। सभी मंकी कैप पहने हुए थे। उन्होंने कोई पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर दिया और कार में ही सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोपियों ने महिला का वीडियो भी बनाया और इसे वायरल करने की धमकी देकर रास्ते में फेंक दिया।
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