दृष्टिबाधितों के पर्चे में सवाल, पाचन तंत्र का चित्र बनाओ....
::/introtext::::fulltext::
गौरतलब है कि नौ अंक का यह सवाल तीनों सेट ए , बी, सी में पूछा गया था, जिसे दृष्टिबाधित हल नहीं कर पाए थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) के दसवीं बोर्ड के विज्ञान के पेपर में दृष्टिबाधितों से मानव शरीर के पाचन तंत्र का चित्र बनाने के लिए कहा गया था। अब इस मामले में माशिमं बैकफुट पर है। मामले की जानकारी बच्चों ने अपने प्रिंसिपल को दी थी। आपत्तियां माशिमं के विशेषज्ञों व बोर्ड मेंबर्स के बीच में उठी और इस पर निर्णय लिया गया है कि दृष्टिबाधितों को कृपांक दिया जाए। यह सब कुछ हो पाया माशिमं के सदस्य संजय जोशी के प्रयास से। संजय जोशी परीक्षाफल समिति के सदस्य हैं। उन्होंने बच्चों के इस मुद्दे को सामने लाया और माशिमं ने समिति गठित करके मामले की जांच की। तीन विद्योचित के सहायक प्राध्यापकों की कमेटी की अनुशंसा के आधार पर 47 दृष्टिबाधित छात्र-छात्राओं को नौ अंक कृपांक देने का निर्णय लिया गया है। गौरतलब है कि नौ अंक का यह सवाल तीनों सेट ए , बी, सी में पूछा गया था, जिसे दृष्टिबाधित हल नहीं कर पाए थे।
नकल प्रकरण में कई मामले में उलझे
माशिमं की परीक्षाफल समिति की बैठक में गुरुवार को दसवीं-बारहवीं के नकल प्रकरण के मामलों में चर्चा हुई। दसवीं में 32 और बारहवीं में 39 नकल प्रकरणों में कई मामलों में परीक्षाफल निरस्त करने का निर्णय लिया। एक सामूहिक नकल के प्रकरण में जांच होने के बाद निर्णय लेने की अनुशंसा की गई है। - दृष्टिबाधितों से चित्र बनाने का सवाल पूछा गया था, जो कि अव्यवहारिक लगा। इन बच्चों के लिए बोनस अंक देने की अनुशंसा की गई है।
::/fulltext::