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नई दिल्ली : पाकिस्तान (Pakistan) में अभी भी आतंकवादियों को संरक्षण मिल रहा है और वे फल-फूल रहे हैं. जिसका नतीजा यह है कि पाकिस्तान सीरिया से भी ज्यादा खतरनाक हो गया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक आतंक की वजह से सीरिया के मुकाबले पाकिस्तान से मानवता को 3 गुना ज्यादा खतरा है. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और स्ट्रैटजिक फॉरसाइट ग्रुप (SFG) द्वारा ''ह्यूमैनिटी एट रिस्क- ग्लोबल टेरर थ्रेट इंडिकेंट (GTTI)'' के नाम से रिपोर्ट प्रकाशित की है. इस रिपोर्ट के मुताबिक एक तरफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अफगान तालिबान और लश्कर-ए-तैयबा की वजह से जहां सबसे ज्यादा खतरा है. तो दूसरी तरफ, पाकिस्तान उन देशों की लिस्ट में सबसे उपर है, जहां सबसे ज्यादा आतंकियों ने पनाह ले रखी है और यह उनके लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है.
रिपोर्ट के मुताबिक अगर हम दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकी संगठनों पर नजर डालें तो इनमें से ज्यादातर संगठनों को या तो पाकिस्तान का संरक्षण प्राप्त है या उनकी मदद करता है. दूसरी तरफ, अफगानिस्तान के भी तमाम आतंकी संगठन पाकिस्तान की मदद से संचालित किये जाते हैं. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ''चरमपंथ में इजाफा और हथियारों के बेजा इस्तेमाल की वजह से मानव विकास पर नकारात्मक असर पड़ सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक ये सभी आपस में जुड़े यानी इंटरलिंक्ड हैं''. गौरतलब है कि 80 पन्नों से ज्यादा की रिपोर्ट में अगले एक दशक में सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई है और आतंकवाद से निपटने के लिए नीति निर्धारकों को फ्रेमवर्क भी सुझाए गए हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक पिछले पांच वर्षों में आतंकी संगठन ISIS ने मीडिया में सर्वाधिक जगह बनाई. हालांकि इस संगठन का जितनी तेजी से उभार हुआ, उतनी ही तेजी से नीचे भी आया. ऐसे में अल कायदा अभी भी सबसे खतरनाक संगठन बना हुआ है. 2011 तक इस संगठन का अगुवा ओसामा बिन लादेन था, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक अब उसका बेटा हम्जा बिन ओसामा बिन लादेन इस संगठन को लीड करता है. अल कायदा का जन्म पाकिस्तान में हुआ था और फिर पाकिस्तान के प्रभाव वाले अफगानिस्तान में जड़ें जमाता गया. इस संगठन के मुखिया ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान में ही संरक्षण मिला था और वह ऐबटाबाद में पाकिस्तानी मिलिट्री बेस के नजदीक रह रहा था.