रायपुर। पिता के विवादास्पद बयानों से त्रस्त प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने पार्टी के कार्यकर्ताओं को चेतावनी भरा पत्र लिखा है। उन्होंने साफ तौर पर लिखा है कि पार्टी का कोई भी नेता या कार्यकर्ता उनके पिता नंदकुमार बघेल की किसी भी गतिविधि में शामिल न हों। वरना अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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पार्टी के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया और पीसीसी अध्यक्ष पार्टी के सभी नेताओं के बीच तालमेल बनाने में लगे हैं, वहीं नंदकुमार बघेल के विवादित बोल नेताओं के बीच बन रहे संतुलन को गड़बड़ाने का काम करते हैं।
इस कारण पीसीसी अध्यक्ष ने पत्र लिखा है कि उनके पिता नंदकुमार बघेल कांग्रेस के प्राथमिक सदस्य नहीं हैं, न ही उनको पार्टी की ओर से किसी भी प्रकार की गतिविधि संचालित करने के लिए अधिकृत किया गया है।
इस कारण नंदकुमार बघेल के साथ किसी भी गतिविधि में कांग्रेसजन भाग न लें। सभी जिला, शहर, नगर और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, मोर्चा-संगठन, प्रकोष्ठ व विभागों के अध्यक्षों को इस पत्र की प्रति प्रेषित की जा रही है।
"मैंने जो सूची बनाई है उससे बाहर टिकट दिया तो हारेंगे"
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कांग्रेसियों पर उनके पिता नंदकुमार बघेल के कार्यक्रमों में भाग लेने पर प्रतिबंध लगाया है। इससे नंदकुमार बघेल बिफर गए। नईदुनिया से बातचीत में कहा कि मैंने चुनाव के लिए प्रत्याशियों की सूची बनाई है। इसीलिए मुझपर प्रतिबंध लगाया जा रहा है।
मैंने सामाजिक समरसता के आधार पर 12 सीटें ब्राह्मण, बनिया, ठाकुर और मुस्लिम प्रत्याशियों के लिए छोड़ दी हैं। 51 सीटों पर छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को टिकट मिलना चाहिए। अन्य समुदाय का उससे ज्यादा अतिक्रमण हुआ तो हार जाएंगे। जैसे पंडरिया में 70 हजार कुर्मी वोटर हैं।
टीएस बाबा वहां योगीराज को टिकट दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके पास नोट है लेकिन वोट बैंक नहीं है। नंदकुमार ने कहा राहुल अपनी शक्ति नहीं पहचान रहे। उन्हें छोटी पार्टियों से समझौता नहीं करना चाहिए।
अगर समझौता किया तो जहां-जहां छोटी पार्टियों को सीट देंगे वहां वहां हारेंगे। अखंड भारत चाहिए तो समझौता नहीं करना चाहिए। भूपेश या राहुल मानें या न मानें। एक नागरिक के तौर पर विरोध करने का मुझे अधिकार है। बघेल ने कहा-राहुल यूपी की जिम्मेदारी मुझे दें तो मैं साठ सीट जीतकर ले आऊंगा। कांग्रेस अपमान भी करेगी तो सह लूंगा।
विवादित बयानों से मुश्किल में डालते रहे हैं भूपेश का
नंदकुमार बघेल विवादित बयानों से भूपेश को हमेशा मुश्किल में डालते रहे हैं। इसी साल अप्रैल में उन्होंने कहा था कि कांग्रेस में जो राजस्थानी ब्राम्हण हैं, उन्हें टिकट नहीं देना चाहिए। सत्यानारायण शर्मा, मोतीलाल वोरा, अरूण वोरा, चरणदास महंत, रविंद्र चौबे व जयसिंह अग्रवाल भूपेश के खिलाफ साजिश रच रहे हैं।
हाल ही में पाटन में उन्होंने ब्राम्हण, राजपूत और बनिया समुदाय को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। नंदकुमार बघेल ने 2001 में किताब लिखी-ब्राम्हण कुमार रावण को मत मारो। किताब इतनी विवादित थी कि उस पर प्रतिबंध लगा दिया गया। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान भी वे जाति को लेकर टिप्पणी करने के लिए चर्चा में आए थे।
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