प्रदेश में फ्लेजिल-400 की बिक्री पर रोक, सैंपल खराब मिले, देशभर से यह दवा रिकॉल करने के लिए कहा गया....
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कंपनी को पत्र लिखकर देशभर के थोक विक्रेता और दवा दुकानों से यह दवा रिकॉल करने के लिए कहा गया है।
रायगढ़.शहर की दवा दुकान से सैंपल लेकर जांच कराने पर एबॉट हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की एंटी डायरियल फ्लेजिल टेबलेट घटिया क्वालिटी की मिली। इसके बाद प्रदेश के सभी जगहों से दवा वापस बुलाई गई है। कंपनी को पत्र लिखकर देशभर के थोक विक्रेता और दवा दुकानों से यह दवा रिकॉल करने के लिए कहा गया है। रायपुर की सरकारी लैब में FLA7050 बैच नंबर की दवा को अमानक पाए जाने के बाद इसकी बिक्री रोकी गई है। पत्र मिलते ही कंपनी सकते में आ गई, कंपनी के क्वालिटी कंट्रोलर और बड़े अफसर रायगढ़ पहुंचे। उन्होंने प्राइवेट लैब की रिपोर्ट सौंपकर इस बैच नंबर की दवा को सही बताया लेकिन खाद्य व औषधि प्रशासन विभाग ने सरकारी लैब से जांच कराने के लिए कहा है।
- ड्रग इंस्पेक्टर अमित राठौर ने बताया कि उन्होंने दिसंबर 2017 में गांधी चौक स्थित प्रगति इंटरप्राइजेस से फ्लेजिल-400 टेबलेट के सैंपल लिए थे। सैंपल को रायपुर कालीबाड़ी चौक स्थित लैब में जांच के लिए भेजा।
- लैब ने जांच के बाद 28 फरवरी 2018 को रिपोर्ट रायगढ़ भेजी। जिस टैबलेट का सैंपल भेजा गया वह टूटी हुई थी, इसकी गुणवत्ता खराब होने की शंका जताई गई थी। डीआई ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल दवा विक्रेता को नोटिस जारी कर खरीदे गए व बेचे गए दुकानों के नाम पूछे और दवा वापस मंगाने के निर्देश दिए गए। जांच में पता चला कि प्रगति इंटरप्राइजेस को टेबलेट रायपुर एबॉट के डिपो से ही भेजी गई थी।
- यहां से रायगढ़ के 15 रिटेल काउंटरों को बेची गई थी। डीआई ने रायपुर ड्रग विभाग को पत्र लिखा, जिसके बाद पूरे प्रदेश से यह दवा वापस मंगा ली गई। मामले में छत्तीसगढ़ डिप्टी ड्रग कंट्रोलर ने कंपनी और ड्रग कंट्रोलर आफ इंडिया को पत्र लिख कर टेबलेट की पूरी बैच पर प्रतिबंध लगाने के लिए कहा।
एमडी निजी लैब की रिपोर्ट लेकर आए थे रायगढ़
- डीआई अमित राठौर ने बताया कि कंपनी की दवा पूरे छत्तीसगढ़ से वापस मंगाने के बाद 5 अप्रैल को कंपनी के एमडी रंजीत वर्मा हिमाचल प्रदेश से अपने क्वालिटी कंट्रोलर के साथ रायगढ़ डीआई ऑफिस आए थे। यहां उन्होंने निजी लैब रिपोर्ट दिखा कर दवा को सही बताया, चूंकि शासन निजी लैब रिपोर्ट की रिपोर्ट को मान्य नहीं करता इसलिए उनकी कोई सुनवाई नहीं हो सकी।
कंपनी ने देशभर से मंगाई दवा की खेप
- छत्तीसगढ़ में कार्रवाई के बाद बाजार में अपनी विश्वसनीयता बनाए रखने कंपनी ने देश के दूसरे प्रदेशों से भी दवा की खेप वापस मंगा ली है। इस बात की जानकारी कंपनी के एमडी ने रायगढ़ डीआई को दी है। दरअसल यह देश की नामचीन फार्मा कंपनियों में से एक है, ऐसे में गुणवत्ता पर सवाल उठते ही कंपनी ने यह निर्णय लिया है।
