रायपुर। निर्वाचन आयोग ने छत्तीसगढ़ में आगामी विधान सभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। राजनीतिक दल भी जोर आजमाइश में जुट गए हैं। निर्वाचन आयोग ने इस बार मतदान केन्द्रों में मोबाइल फोन लेकर जाना प्रतिबंधित कर दिया है। आयोग ने यह निर्णय इसलिए लिया है ताकि विधान सभा चुनाव की गोपनीयता भंग ना हो। निर्वाचन आयोग चुनाव में वोट के बदले नोट पर भी सख्त है।
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ज्ञात हो कि प्रदेश में पहली बार विधानसभा चुनाव वीवी पैट मशीन से कराया जाएगा। इस मशीन से वोटिंग करने के बाद मतदाताओं को सात सेकंड़ तक पर्ची दिखाई देगी, इससे मतदाता यह देख पाएंगे कि उनका वोट किस पार्टी तथा प्रत्याशी को गया है। ऐसे में यदि मतदाता के पास मोबाइल रहेगा तो वह फोटो खींचकर उसका गलत उपयोग कर सकता है। इसलिए चुनाव आयोग ने मतदान केन्द्रों पर मोबाइल ले जाने से रोक लगा दिया है।
ज्ञात हो कि राज्य में 90 विधानसभा क्षेत्रों के लिए लगभग 23411 मतदान केन्द्र बनाने की योजना है। पिछले कई चुनावों में राजनीतिक दल ईवीएम मशीनों में छेड़छाड़ के आरोप लगाते रहे हैं। यही वजह है कि चुनाव आयोग ने इस बार सभी ईवीएम मशीनों के साथ वीवी पैट मशीनें भी लगाने जा रहा है। वीवी पैट मशीनों से मतदाता आश्वस्त हो पाएंगे कि उन्होंने जिसे वोट दिया उसे ही वोट गया है। इस बार नए जनरेशन की ईवीएम मशीनें मंगाई गई हैं।
इस मशीन में एक साथ कुल 384 प्रत्याशी का नाम और चुनाव चिन्ह दर्ज हो सकेगा। पहले 64 से ज्यादा प्रत्याशी होने पर एक से ज्यादा मशीन लगानी पड़ती थी। मशीन की खासियत यह है कि वोट डालने के बाद दिखने वाली पर्ची में सीरियल नंबर, प्रत्याशी का नाम और चुनाव चिन्ह अंकित होगा।
चुनाव आयोग जरूरत पड़ने पर पर्ची से वोट का मिलान करवा सकेगा। मशीन से यदि किसी प्रकार की गलती हुई तो खुद ब खुद ही अपनी गलती को स्वीकार कर लेगी।
वोट डालने के 7 सेंकेंड तक दिखेगी पर्ची
निर्वाचन कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि वीवी पैट मशीन में वोट डालने के बाद 7 सेकंड तक पर्ची दिखेगी, उसके बाद यह बाक्स में गिर जाएगी। इस मशीन का निर्माण भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और इलेक्ट्रॉनिक कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने किया है। सबसे पहले इसका इस्तेमाल 2013 में नगालैंड के चुनाव में हुआ था।
- विधान सभा चुनाव में मतदान केन्द्रों पर मोबाइल प्रतिबंधित कर दिया गया है। मतदान केन्द्र पर यदि कोई मोबाइल ले जाता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - सुब्रत साहू, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़
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