शैलेश पाण्डेय : शिक्षाकर्मियों का भविष्य़ अन्धेरे में…
::/introtext::::fulltext::
बिलासपुर 10 मई 2018 प्रदेश मे रमन सरकार शिक्षाकर्मियो के साथ जिस प्रकार उन्के भविष्य के साथ खेल कर रही है उसको देखते येह लगता है कि शिक्षा को बढावा देना उसकी प्राथमिकता नही है केवल शराब को सिर्फ 8 महिने मे बेचकर जितना महत्व शराब को दिया है और शराबियों को, जो आधी रात मे शराब पीने की जो सुविधा दिया है उससे लगता है कि शराब हि उन्के विकास यात्रा का मुद्दा रहेगा ईस बार। सरकार शराबियों की फौज प्रदेश मे बना कर कोई रिकॉर्ड बनाने वाली है। शिक्षा का महत्व इतना घट गया है कि स्कूल को बंद कर रही है यदि यहां का बच्चा पढेगा नही तो क्या करेगा किस तरह का विकास चाह्ती है येह रमन सरकार जो रोज रोज शिक्षाकर्मी भाई सडक मे उतर रहे है पहले भी सरकार इनके साथ छल कर चुकी है और लाठी से मुह बंद कर चुकी है इनका। इनकी मांगो को अभी तक कोई महत्व नही दिया है इससे प्रदेश का शिक्षा का स्तर गिर रहा है और वातावरण भी खराब हो रहा है इससे देखते हुए लगता है कि शराब ज्यादा जरुरी है प्रदेश के लिये शिक्षा नही
::/fulltext::