आधे भारत में भारी बारिश के कारण बाढ़ के हालात बने हुए हैं। उत्तर भारत में बारिश के वजह से भारी नुकसान की स्थिति बनी हुई है। वहीं दिल्ली में भी यमुना का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है। इसी बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर बताया है कि यमुना में बढ़ते जल स्तर की वजह से 3 वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट बंद करने पड़ रहे हैं। इस वजह से दिल्ली के कुछ इलाकों में पानी की परेशानी होगी।

बारिश में पानी कि किल्लत को देखते हुए जल शुद्धिकरण और संग्रहीत करने के तरीके ढूंढने चाहिए। इसलिए आपकी मदद के लिए हम यहां आपको पानी को शुद्ध करने के कुछ देसी और मॉर्डन तरीकों के बारे में बता रहे हैं।
पानी को उबालकर कीटाणुरहित करने का तरीका सबसे आम है। पहले के जमाने के लोग पानी को उबालकर पीने के काम में लेते थे। पीने के पानी को किसी बड़े बर्तन में उबलने तक गर्म करें, लगभग 5 से 10 मिनट तक इसे ऐसे ही उबलने दें। उसके बाद पानी को ठंडा करके छानकर पी लें।
फिटकरी से पीने के पानी को साफ करके पीना सबसे सरल और सस्ते उपायों में से एक है। सबसे पहले फिटकरी को हाथ से धो लें उसके बाद फिटकरी को पानी में घुमाएं. जैसे हो पानी हल्का सफेद दिखना शुरू हो, फिटकरी घुमाना तुरंत बंद कर दें। इससे पानी में के गंदगी तली में बैठ जाएगी और पानी साफ हो जाएगा।

क्लोरीन से
पानी को साफ करने के लिए क्लोरीन का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। पानी साफ करने में लिए बाजार में क्लोरीन की गोलियां आती हैं। उन्हें पानी में डालकर साफ किया जा सकता है। ध्यान रखें कि गोलियां डालने के बाद उस पानी को आधा घंटे तक इस्तेमाल करने से बचना है।
धूप से करें साफ -
पानी को कांच की बोतल में भरकर 8 घंटे के लिए धूप में रखने से भी यह साफ होता है।
टमाटर और सेब के छिलकों को करीब दो घंटे तक एल्कोहल में डुबाकर रखने के बाद धूप में सुखा दें। सूखने के बाद इन छिलकों को पानी में डाल दें। कुछ घंटे बाद पानी की सारी गंदगी और अशुद्धियां दूर हो जाएंगी।

हैलोजन टैबलेट
इमरजेंसी सिचुएशन में पानी साफ करने के लिए हैलोजन टेबलेट उपयोगी होती है। पानी में इसे कितनी मात्रा में डाला जाए, यह पानी की मात्रा और हैलोजन टैबलेट के ब्रांड के ऊपर निर्भर करता है। यह गोलियां पानी में पूरी तरह घुलनशील होती है।
आरओ सिस्टम :
पिछले कुछ सालों से पानी को साफ करने के लिए घरों में आरओ सिस्टम लगाने का ट्रेंड बढ़ गया है। इस तकनीक का पूरा नाम है- रिवर्स आसमोसिस प्रोसेस यानी आरओ। इस तकनीक में पानी को बेहद तेज दबाव के साथ साफ किया जाता है। आरओ सिस्टम द्वारा साफ पानी में बैक्टीरिया होने की आशंका बहुत कम रहती है।
पानी साफ करने के लिए यूवी रेडिएशन, आरओ के बाद सबसे ज्यादा यूज में लिया जाने वाला मॉर्डन तरीका है। यूवी रेडिएशन सिस्टम से पानी में मौजूद वायरस और बैक्टीरिया के डीएनए को खत्म कर, पानी को पीने योग्य बनाता है। इस प्रक्रिया में पानी में न कुछ मिलाया जाता है और न ही इसमें मौजूद मिनरल्स को खत्म किया जाता है।
