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रायपुर। प्रदेश की आवो हवा बदलने लगी है, गर्मी धीरे-धीरे कम हो रही है और अब मौसम ठंडा होना शुरू हो चुका है। अधिकतम पारा 40 डिग्री के नीचे जा पहुंचा है। रात का पारा भी 30 के नीचे खिसक रहा है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान अगर सही है तो अगले 48 घंटे में मानसून छत्तीसगढ़ में दस्तक दे देगा। यह पड़ोसी राज्यों में पहुंच चुका है। कर्नाटक में तो बाढ़ के हालात बने हुए हैं। जगदलपुर पहुंचने के पांच दिन के अंदर मानसून रायपुर पहुंच जाएगा। परिस्थितियां पूरी तरह से अनुकूल हैं और यह अपनी रफ्तार के साथ आगे बढ़ रहा है।बुधवार शाम को छह बजे अचानक तेज हवा चलनी शुरू हुई और शहर के कुछ क्षेत्रों में जमकर बारिश हुई। कुछ क्षेत्रों में जल भराव के हालात भी बन गए। मौसम विभाग शुरू से कह रहा है कि इस साल अच्छी बारिश होगी। रायपुर, जगदलपुर, सुकमा, कोंडागांव में बुधवार शाम को अच्छी बारिश हुई।
अभी कहां है मानसून
पश्चिम महाराष्ट्र में, आंतरिक कर्नाटक क्षेत्र में, दक्षिण आंध्रप्रदेश।
कब मानते हैं मानसून
जब लगातार दो दिनों तक बारिश हो या फिर 2.5 मिमी से अधिक वर्षा।
पूर्वानुमान
एक द्रोणिका पंजाब से उत्तरी छत्तीसगढ़ तक उत्तरी मध्यप्रदेश से होते हुए समुद्र तल से 10.5 किमी ऊंचाई पर है। एक ऊपरी हवा का चक्रवात झारखण्ड एवं उसके आसपास 1.5 किमी एवं 2 किमी ऊंचाई पर है।
8-9 जून तक पहुंच जाएगा
अभी मानसून को आगे बढ़ने के लिए फेबरेवल कंडिशन मिल रहा है। विंड पैटर्न सुधर रहा है। अगर सब कुछ सही रहा तो आप यह मानकर चलिए कि निर्धारित समय पर मानसून पहुंच जाएगा। 8-9 जून अभी हम मान कर चल रहे हैं।
- एचपी चंद्रा, वरिष्ठ वैज्ञानी, लालपुर मौसम विज्ञान केंद्र
::/fulltext::नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश के पश्चिमी तट पर स्थित पांच राज्यों - केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात को आज आगाह किया कि इस हफ्ते होने वाली भारी बारिश के कारण ‘अचानक से बाढ़’ आ सकती है और पश्चिमी घाट से निकलने वाली नदियों का जलस्तर काफी बढ़ सकता है। जल संसाधन मंत्रालय ने एक परामर्श में कहा कि मौसम विभाग के एक अनुमान के मुताबिक सात से 12 जून के बीच कुछ जगहों पर 'भारी से भीषण बारिश’ और कोंकण एवं गोवा, मध्य महाराष्ट्र के दूरदराज के इलाकों में ‘अति भीषण बारिश’ हो सकती है।
कल तटीय कर्नाटक में और नौ से 11 जून के बीच पूरे राज्य में जबकि नौ से 10 जून के बीच केरल में दूरदराज के इलाकों में ‘भारी से भीषण बारिश’ हो सकती है। इसमें कहा गया कि तापी एवं तादरी के बीच नदी के बेसिन में, गोदावरी एवं पश्चिम तट के पास उसकी सहायक नदियों, कृष्णा एवं पश्चिम तट के पास उसकी सहायक नदियों, कावेरी एवं पश्चिम तट के पास उसकी सहायक नदियों और तादरी एवं कन्याकुमारी के बीच नदियों में जल स्तर बढ़ सकता है। मुंबई में भीषण बारिश के पूर्वानुमान और दक्षिणपश्चिम मानसून के कारण ज्वारीय लहरों के आगे बढ़ने के साथ महानगर के कुछ इलाकों के जलमग्न होने की आशंका है। परामर्श में चेतावनी दी गई कि ‘बारिश के पूर्वानुमान के साथ पश्चिमी घाट से निकलने वाली और अरब सागर में मिलने वाली नदियों में अचानक बाढ़ आ सकते हैं। चूंकि अधिकतर नदियां सूखी पड़ी हैं, नदी की तलहटी में गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए जरूरी ऐहतियाती उपाय किए जा सकते हैं क्योंकि (जल) प्रवाह में वृद्धि से अचानक लोग एवं सामान डूब सकते हैं।’
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अगले चार दिनों में मानसून दस्तक दे सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, इसके 10 जून तक पहुंचने की संभावना है। इसके चलते लोगों को गर्मी से निजात ताे मिल जाएगी, वहीं लू का भी सामना नहीं करना पड़ेगा।
- प्रदेश में इस बार अच्छी बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि ग्लोबल वार्मिंग का खतरा भी बढ़ा है। इसके चलते इस बार जहां प्रदेश में गर्मी कम पड़ी है, वहीं लोगों को आंधी और तेज हवाओं के साथ बेमौसम बारिश से भी दो-चार होना पड़ा है।
- इस बदलते मौसम ने गर्मी से राहत जरूर दिलाई है, लेकिन बिगड़ते मौसम के कारण बड़ा संकट भी खड़े होने की अोर इशारा किया है। छत्तीसगढ़ में इस बार मई के महीने में एक बार भी लू यानि गर्म हवा वाली लहर नहीं चली है।
- मौसम विभाग के अप्रैल और मई के आंकड़ों के मुताबिक इस बार राज्य में पारा 44 डिग्री के आसपास ही जाकर रुक गया है। ऐसा पिछले कई सालों में पहली बार हुआ है। अगर पिछले साल की बात की जाए तो मई माह में 8 से 12 दिनों तक लू चली थी।
- वहीं इस बार एक भी दिन लू चली ही नहीं है। हालांकि अब लू चलने की आशंका भी काफी कम हो गई है। ऐसा मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि 10 जून तक राज्य में मानसून पहुंच सकता है। मौसम वैज्ञानिक की मानें तो पिछले साल रायपुर का अधिकतम तापमान 46 डिग्री तक पहुंच गया था और बिलासपुर में 47-48 डिग्री के आस पास तापमान दर्ज किया गया था, जो लू चलने का बड़ा कारण था।
- मौसम विभाग की साइट के अनुसार, बार दुर्ग जिले में अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं रायपुर का तापमान अभी तक 45 डिग्री भी नहीं पहुंचा है। आने वाले दिनों में तापमान में कोई खास वृद्धि नहीं होने वाली है। ऐसे में लू का चलना लगभग संभव नहीं है। इस बार रायपुर सहित पूरे प्रदेश में कहीं भी लू नहीं चली है।
रिमझिम फुहारों से बदलेगा मौसम
-राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कुछ हिस्सों में रविवार शाम को मौसम फिर सुहाना हो सकता है। प्रदेश के कुछ हिस्सों में आज फिर हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। रायपुर में आज तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। हालांकि अगले तीन दिनों में इसमें तीन से चार डिग्री का इजाफा होने की संभावना है।
शहरों का तापमान और बारिश की संभावना
- रायपुर :अधिकतम तापमान 35.5, आसमान साफ, बारिश की संभावना 1.5 मिमी
- पेंड्रा रोड :अधिकतम तापमान 38.7, हल्के बादल, बारिश की संभावना 9.8 मिमी
- दुर्ग :अधिकतम तापमान 36.4, आसमान साफ, बारिश की संभावना नहीं
- जगदलपुर :अधिकतम तापमान 34.1, हल्के बादल, बारिश की संभावना नहीं
- अंबिकापुर :अधिकतम तापमान 38, आसमान साफ, बारिश की संभावना 5.8 मिमी
- बिलासपुर :अधिकतम तापमान 40.8, आसमान साफ, बारिश की संभावना 12.2 मिमी
- राजनांदगांव :अधिकतम तापमान 36.2, आसमान साफ, बारिश की संभावना नहीं
::/fulltext::नई दिल्ली/छत्तीसगढ़.इस साल देशभर में जमकर बारिश होने के आसार हैं। छत्तीसगढ़ में 97% बारिश होने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने बुधवार को जारी दूसरे और आखिरी पूर्वानुमान में बारिश की संभावना और बढ़ा दी है। यह अनुमान भी जताया है कि राजस्थान, उत्तरप्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के इलाकों में सौ फीसदी तक बारिश होगी। वहीं दक्षिण भारत और उत्तर-पूर्व में बारिश सामान्य से कम रह सकती है। यह लगातार तीसरा साल है जब मानसून सामान्य रहेगा। मौसम विभाग ने बुधवार को बताया कि इस साल लॉन्ग पीरियड एवरेज (एलपीए) की 97% बारिश की उम्मीद है।
इस साल बारिश औसत के 93% से 101% तक होने की संभावना
- इससे पहले 16 अप्रैल को जारी पहले पूर्वानुमान में भी एलपीए की 97% बारिश की बात कही थी। हालांकि, इसमें घटबढ़ की संभावना 5% से घटाकर 4% कर दी गई है।
- यानी इस साल बारिश औसत के 93% से 101% तक हो सकती है। वर्ष 1951 से 2000 के बीच मानसून के चार महीनों (जून से सितंबर) में देश में एलपीए 89 सेंटीमीटर है। इस औसत के 96% से 104% तक बारिश होने पर मानसून सामान्य कहा जाता है।
उत्तर-पश्चिमी भारत में एलपीए की 100 फीसदी बारिश का अनुमान
- क्षेत्र के अनुसार मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिमी भारत में एलपीए की 100% बारिश का अनुमान जताया है। इस क्षेत्र में राजस्थान, उत्तरप्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली आते हैं।
- मध्य भारत में एलपीए की 99%, दक्षिण में 95% और उत्तर-पूर्व भारत में एलपीए की 93% बारिश का अनुमान है। यह आंकड़ा 8% कम या ज्यादा रह सकता है।
जुलाई में सबसे ज्यादा, अगस्त में कम होगी बारिश
- जुलाई के दौरान देशभर में एलपीए की 101%, जबकि अगस्त के दौरान 94% बारिश होने का अनुमान है। यह नौ फीसदी कम या ज्यादा रह सकती है।
मानसून कर्नाटक-तमिलनाडु की ओर बढ़ा
- दक्षिण-पश्चिम मानसून 3 दिन पहले केरल पहुंचा। यह लगभग पूरे केरल को कवर चुका है। मानसून अब कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों और तमिलनाडु की ओर बढ़ रहा है। 48 घंटे के दौरान इसके उत्तर-पूर्वी राज्यों की तरफ बढ़ने की स्थितियां भी बन रही हैं। 6 जून तक गोवा और महाराष्ट्र में बारिश शुरू होने की संभावना है।
हालात बने पर नहीं चली लू, लेकिन बारिश पर इसका असर नहीं
- पारा 45 डिग्री के पार होता तब चलती लू लेकिन अब तक 44 डिग्री भी नहीं हुआ, प्री-मानसून बौछारें एक-दो दिन में
रायपुर.इस सीजन में भीषण गर्मी का महीना यानी मई खत्म होने में अब सिर्फ एक दिन बाकी है, और इस साल अब तक राजधानी समेत प्रदेश के मैदानी इलाकों में कहीं भी लू नहीं चली है।
रायपुर और बिलासपुर समेत मैदानी शहरों में मई के अंतिम पखवाड़े में तापमान 45 डिग्री से अधिक हो जाता है और चार-पांच दिन लू चलती है, लेकिन इस बार हालात अलग हैं। रायपुर में पारा 44 डिग्री तक भी नहीं पहुंचा है और बिलासपुर में यह 45 डिग्री के आसपास ही है। हालांकि मौसम विज्ञानियों का दावा है कि लू भले ही नहीं चली हो, लेकिन बारिश पर इसका कोई असर नहीं होगा। बस्तर में 8 जून और रायपुर में 10-12 जून के बीच मानसून सक्रिय होने के आसार बन गए हैं।
जून के पहले हफ्ते से बारिश के आसार
- मानसून पूर्व की बौछारें जून के पहले हफ्ते में ही पड़ने के आसार हैं। 1 जून से राजधानी समेत प्रदेश में दोपहर का तापमान थोड़ा-थोड़ा कम होने लगता है। इसलिए जून में लू की संभावना नहीं है।
- राजधानी में पिछले पिछले दो दिनों से तापमान 44 डिग्री के आसपास है। लेकिन यह सामान्य से केवल एक डिग्री ज्यादा है, जबकि सामान्य से 4 डिग्री ज्यादा होने के बाद ही मौसम विभाग लू की घोषणा करता है।
- अब इसकी संभावना भी नहीं के बराबर है। लेकिन लू का नहीं चलना प्रदेश में बारिश को प्रभावित नहीं करेगा। वरिष्ठ कृषि मौसम विज्ञानी डॉ. एएसआरएएस शास्त्री के अनुसार मानसून ग्लोबल सिस्टम है, इसलिए छत्तीसगढ़ में लू नहीं चलने का इस पर कोई असर नहीं होने वाला है।
आज शाम बौछारें संभव
- मौसम विज्ञानियों के अनुसार उत्तर-पूर्वी राजस्थान से तेलंगाना तक मध्यप्रदेश व पूर्वी विदर्भ होते हुए एक द्रोणिका बनी है। इसके असर से राजधानी समेत प्रदेश के कई स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।
- गुरुवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री के आसपास रह सकता है। बादल छा सकते हैं।
भीषण गर्मी से मिली राहत
- गर्मी के इस सीजन में राजधानी समेत प्रदेश के मैदानी इलाकों में बिलासपुर को छोड़कर कहीं भी अधिकतम तापमान 44 डिग्री से ऊपर नहीं गया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कहीं लू की स्थिति नहीं बनी।
- डॉ. शास्त्री के अनुसार तापमान 44 डिग्री रहा। गर्मी की तपिश भी ज्यादा थी लेकिन लू नहीं चली इसलिए भीषण गर्मी से राहत ही रही। बुधवार को सुबह से लेकर शाम तक गर्म हवा चलती रही।
तीखी धूप के कारण लोग परेशान रहे, लेकिन उतने नहीं जितने 45 डिग्री या अधिक में परेशान होते हैं।
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