सरदार ने अपने 12 वर्ष के लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर पर विराम लगा दिया, राष्ट्रीय हॉकी संस्था ने उन्हें भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं दी हैं.......
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स्पोर्ट्स डेस्क– भारत और इंग्लैंड के बीच सीरीज का पांचवां और आखिरी टेस्ट मैच जारी है, जहां तीन दिन का खेल खत्म हो गया है, और आज चौथे दिन का खेल खेला जाना है। तीन दिन के खेल में इंग्लैंड ने दूसरी पारी में टीम इंडिया पर अबतक 154 रन की लीड हासिल कर ली है।
जडेजा और हनुमा का अर्धशतक
भारत और इंग्लैंड के बीच सीरीज के पांचवें और आखिरी टेस्ट मैच में जैसे ही भारतीय बल्लेबाज बल्लेबाजी करने उतरे टीम इंडिया की टॉप ऑर्डर तो कुछ कमाल नहीं कर सकी, सस्ते में ही टॉप ऑर्डर ध्वस्त हो गया, लेकिन आखिर में युवा खिलाड़ी हनुमा विहारी और रविंन्द्र जडेजा ने स्कोर को आगे बढ़ाया, हलांकि इंग्लैंड के पहली पारी के स्कोर से लीड तो हासिल नहीं कर सके, लेकिन करीब जरूर ले गए, इंग्लैंड ने पहली पारी में 332 रन बनाए थे, जिसके जवाब में टीम इंडिया की पहली पारी 292 रन पर सिमटी, टीम इंडिया की ओर से रविंन्द्र जडेजा 86 रन बनाकर नाबाद रहे, तो वहीं हनुमा विहारी ने भी 56 रन की पारी खेली। इसके अलावा विराट कोहली ने 49 रन बनाए, लोकेश राहुल और चेतेश्वर पुजारा ने 37-37 रन की पारी खेली, शिखर धवन 3 रन ही बना सके, अजिंक्या रहाणे का खाता भी नहीं खुला, रिषभ पंत 5 रन बनाकर आउट हुए।
इंग्लैंड की गेंदबाजी
पहली पारी में इंग्लैंड के गेंदबाजों में एंडरसन,स्टोक्स, और मोइन अली तीनों ही गेंदबाजों ने 2-2 विकेट निकाले, तो वहीं स्टुअर्ट, ब्रॉड, राशिद और कुर्रान चारो ही गेंदबाजों को 1-1 विकेट मिला।
इंग्लैंड की बल्लेबाजी
पहली पारी में मामूली बढ़त लेने के बाद इंग्लैंड ने दूसरी पारी में अबतक 154 रन की बढ़त हासिल कर ली है। जबकि 2 बल्लेबाज ही आउट हुए हैं, दूसरी पारी में दिन का खेल खत्म होने से पहले एलिस्टर कुक 46 और जो रूट 29 रन बनाकर नाबाद हैं। जेनिंग्स 10 और मोइन अली 20 रन बनाकर आउट हो चुके हैं। इससे पहले इंग्लैंड की टीम ने अपनी पहली पारी में 332 रन बनाए थे।
पारी को जल्दी समेटने की चुनौती
अगर टीम इंडिया को ये मुकाबला जीतना है तो आज जैसे ही मुकाबला शुरू होगा इंग्लैंड की दूसरी पारी जल्दी समेटना होगा, कुक और रूट की साझेदारी को तोड़ना होगा, क्योंकि आज मैच का चौथा दिन है, और टीम इंडिया को पांचवें दिन बल्लेबाजी करनी होगी, जो इतना आसान नहीं होगा, इसीलिए अगर टीम इंडिया इंग्लैंड की दूसरी पारी को जल्दी समेट देती है, तो भारतीय टीम का काम थोड़ी आसान हो जाएगा, जो टीम इंडिया के गेंदबाजों के लिए एक बड़ी चुनौती भी है।
एशियन खेलों में पदक जीतने वाले ज्यादातर खिलाड़ी छोटे शहरों और गांवों के हैं. लेकिन प्रोत्साहित करने की नीति का भी आप अंदाजा लगा सकते हैं.
नई दिल्ली: एशियन खेलों में भारत पदक जीतने के मामले में 8वें नंबर पर रहा है. सबसे ऊपर चीन और दूसरे नंबर जापान रहा है. कहा जाता है शांति के दिनों में खिलाड़ी ही देश के दमखम को दिखाते हैं. ऐसा माना जाता है कि जो देश जितना विकसित और मजबूत होता है उसके खिलाड़ी ओलिंपिक में उतना ही अच्छा प्रदर्शन करते हैं. यही वजह है कि ओलिंपिक में हम हर बार अमेरिका और चीन के बीच होड़ और विवाद की खबरें सुनते हैं. ओलिंपिक की पदक तालिका अगर उठाकर देखें तो इन्हीं देशों के बीच टक्कर रहती है और ये देश खिलाड़ी को हर तरह की सुविधा देने के लिये तैयार रहते हैं और इनके पास एक समान खेल नीति भी है. लेकिन इन सब के बीच अगर हम भारत की बात करें तो एशियन खेलों से ही अंदाजा लगा सकते हैं. ऐसा नही है कि भारत में प्रतिभाओं की कमी है जरूरत ये है कि हमारे यहां इन पर कोई ध्यान देने वाला नहीं है.
एशियन खेलों में पदक जीतने वाले ज्यादातर खिलाड़ी छोटे शहरों और गांवों के हैं. लेकिन प्रोत्साहित करने की नीति का भी आप अंदाजा लगा सकते हैं कि 30 राज्यों में सिर्फ 4 राज्य ही ऐसे हैं जो पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्राइज मनी और नौकरी देते हैं. 10 राज्यों में तो ऐसा कोई नियम ही नही है. कई प्रतिभाएं ऐसी हैं जो राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय पदक जीतने के बावजूद मजदूरी करते हैं. एथलेटिक्स की हेप्टाथलान इवेंट में स्वर्ण पदक जीतने वाली स्वप्ना बर्मन को पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने मात्र 10 लाख रुपये इनाम के रूप में देने की घोषणा की है. दूसरी ओर, एशियाई खेलों की 3000 मीटर स्टीपलचेस इवेंट में रजत पदक जीतने के बावजूद उत्तर प्रदेश की सुधा सिंह अपने राज्य की सरकार से स्वप्ना से अधिक राशि पाने में सफल रही हैं. सुधा को यूपी सरकार ने 30 लाख रुपये का इनाम और राजपत्रित अधिकारी के तौर पर नौकरी देने की घोषणा की है. स्वाभाविक है कि हर राज्य में पुरस्कार राशि अलग-अलग है. इससे दूसरे खिलाड़ियों की तुलना में कम इनामी राशि पाने वाले पदक विजेताओं का मनोबल प्रभावित होता है.
ये राज्य नौकरी के साथ देते हैं प्राइज मनी
2 राज्यो में केवल नौकरी
उत्तर प्रदेश में सभी को क्लास-2 और कर्नाटक में सभी को क्लास-1 की नौकरी दी जाती है. इसके अलावा राज्य सरकार की ओर से पदक विजेताओं को नकद राशि देने की घोषणा भी की जाती है.
10 राज्यों में नौकरी की गारंटी नहीं
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, सिक्कम, नगालैंड, गोवा, त्रिपुरा, बंगाल और मणिपुर.
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