Owner/Director : Anita Khare
Contact No. : 9009991052
Sampadak : Shashank Khare
Contact No. : 7987354738
Raipur C.G. 492007
City Office : In Front of Raj Talkies, Block B1, 2nd Floor, Bombey Market GE Road, Raipur C.G. 492001
——
खास बातें
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 13 करोड़ अमेरिकी डॉलर कीमत वाले मानवरहित अमेरिकी निगरानी ड्रोन विमान को मार गिराए जाने के बाद ईरान पर सैन्य हमला कर देने को शुक्रवार को मंज़ूरी दे दी, लेकिन हमला करने से पहले ही फैसला पलट दिया. यह जानकारी समाचारपत्र 'न्यूयॉर्क टाइम्स' ने दी. 'न्यूयॉर्क टाइम्स' में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, फैसले में शामिल या जानकारी रखने वाले वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि डोनाल्ड ट्रंप ने शुरू में रडार तथा मिसाइल बैटरियों जैसे कुछ ठिकानों पर सैन्य हमले की मंज़ूरी दे दी थी. अधिकारियों ने यह भी कहा कि यह हमला शुक्रवार को सूर्योदय से ठीक पहले होना था, ताकि ईरानी सेना तथा नागरिकों को कम से कम खतरा हो. समाचारपत्र ने एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले कहा, "विमान हवा में थे, और पोत अपनी पोज़ीशन पर मौजूद थे, लेकिन कोई मिसाइल नहीं दागी गई, जब तक शांत रहने का आदेश पहुंचा..."
'न्यूयॉर्क टाइम्स' ने यह भी कहा कि इस तरह अचानक फैसले को पलट दिए जाने से डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मध्य पूर्व के ठिकानों पर किया जाने वाला तीसरा सैन्य हमला टल गया. इससे पहले, डोनाल्ड ट्रंप सीरिया में मौजूद ठिकानों पर 2017 और 2018 में हमले कर चुके हैं. समाचारपत्र ने कहा कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान पर हमले अब भी किए जा सकते हैं या नहीं. यह भी जानकारी नहीं मिल पाई है कि हमले रोक देने का फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति का इरादा बदलने की वजह से किया गया था या प्रशासन की लॉजिस्टिक्स या रणनीति संबंधी चिंताओं की वजह से.
इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा था कि ईरान ने अमेरिकी ड्रोन को गिराकर 'बड़ी गलती' की है. अमेरिका और ईरान दोनों ने स्वीकार किया था कि ईरानी सुरक्षाबलों ने अमेरिकी सैन्य निगरानी ड्रोन को मार गिराया है, लेकिन दोनों ने इस बारे में अलग-अलग जानकारी दी थी. ट्रंप ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के साथ मीडिया को संयुक्त रूप से संबोधित करते हुए कहा, "यह ड्रोन स्पष्ट रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमा पर था... हमारे पास यह सभी तथ्यों के साथ दर्ज है, और हम सिर्फ बातें नहीं बना रहे हैं... ईरान ने बड़ी गलती की है..."
जब उनसे पूछा गया कि वह ईरान की कथित कार्रवाई का क्या जवाब देंगे, तो उन्होंने कहा था, "आपको इसकी जानकारी होगी..." एक सवाल का जवाब देते हुए ट्रंप ने इससे इंकार किया था कि उनके सलाहकार उन्हें ईरान के साथ युद्ध की तरफ धकेल रहे हैं.

बीजिंग। चीन के सिचुआन प्रांत में सोमवार रात और मंगलवार सुबह आए भूकंप के 2 शक्तिशाली झटकों से 12 लोगों की जान चली गई और 122 अन्य लोग घायल हुए हैं। प्रांतीय राजधानी चेंगडू में पूर्व चेतावनी प्रणाली ने भूकंप से करीब एक मिनट पहले ही अलार्म बजाना शुरू कर दिया था।
चीनी भूकंप केंद्र (सीईएनसी) के अनुसार रिक्टर पैमाने पर 6.0 की तीव्रता का पहला भूकंप सोमवार रात स्थानीय समयानुसार 10 बजकर 55 मिनट पर ईबिन शहर के चांगिंग इलाके में आया। मंगलवार सुबह रिक्टर पैमाने पर 5.3 की तीव्रता का दूसरा झटका महसूस किया गया।
चीन की आधिकारिक समाचार एजेंसी शिन्हुआ से एक राहतकर्मी ने कहा, 2 लोग फंसे हुए हैं, उनमें से एक गंभीर स्थिति में है। राहतकर्मी के अनुसार शुआंघे कस्बे में 4 लोगों को मलबे से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है।
ईबिन में लोगों ने बताया कि भूकंप के आधे घंटे बाद झटके भी महसूस किए गए। प्रांतीय राजधानी चेंगडू में पूर्व चेतावनी प्रणाली ने भूकंप से करीब एक मिनट पहले ही अलार्म बजाना शुरू कर दिया था। जब करीब एक मिनट की उलटी गिनती खत्म हुई तो भूकंप के तेज झटके महसूस हुए।
शिन्हुआ के अनुसार आपातकालीन प्रबंधन मंत्रालय और आपातकालीन प्रबंधन के प्रांतीय विभाग ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है। सिचुआन प्रांत में दमकल विभाग की 63 गाड़ियां और 302 बचावकर्मी मौके पर तैनात हैं। वहीं ईबिन में भी स्थानीय दमकल विभाग ने बचाव कार्य के लिए अपने दल भेजे हैं।