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क्या फीकी पड़ने लगी है खान्स की चमक? यह सवाल उठाना थोड़ी जल्दबाजी तो है, लेकिन कहा जा सकता है कि खान्स के मजबूत किले में दरारें पड़ने लगी हैं.....
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::fulltext::बॉलीवुड में वर्षों से खान (आमिर-सलमान-शाहरुख) युग चल रहा है। खान त्रिमूर्ति ने वैसी ही सफलता हासिल की है जैसी कि राज कपूर-दिलीप कुमार और देवआनंद की त्रिमूर्ति ने की थी। ये तीनों खान पुराने कलाकारों जैसी महान फिल्में तो नहीं दे पाए, लेकिन सफल फिल्मों के जरिये अपने दबदबे को बनाए रखा।
क्या फीकी पड़ने लगी है
खान्स की चमक? यह सवाल उठाना थोड़ी जल्दबाजी तो है, लेकिन कहा जा सकता है कि खान्स के मजबूत किले में दरारें पड़ने लगी हैं। कुछ वर्ष पहले सलमान, आमिर और शाहरुख का फिल्म में होना सफलता की गारंटी माना जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं रहा। इन सुपरस्टार्स को भी अब अच्छी कहानी, निर्देशक और सेटअप की जरूरत पड़ने लगी है। सिर्फ अपने स्टारडम के बूते पर खराब फिल्म को भी सुपरहिट कराना इनके बस की बात नहीं रही है।
हां, अभी इनमें इतनी चमक जरूर है कि ये फिल्म को जोरदार ओपनिंग दिलाने में सबसे आगे हैं, लेकिन फिल्म खराब निकलती है तो फिर भी उसे सफल बनाने की ताकत इनमें नहीं है। यदि फिल्म अच्छी निकले तो 300 या 350 करोड़ तक खींच कर ले जाने की क्षमता भी इनमें है।
यदि पिछली 5 फिल्मों (जिनमें ये लीड रोल में हैं) के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन की बात की जाए तो यह स्पष्ट हो जाता है कि खान युग अब ढलान की ओर है।
शाहरुख खान
जब हैरी मेट सेजल (2017) : फ्लॉप
रईस (2017) : औसत
फैन (2016) : फ्लॉप
दिलवाले (2015) : औसत
हैप्पी न्यू ईयर (2014) : सुपरहिट
तीनों खानों में
शाहरुख खान का प्रदर्शन सबसे कमजोर हो गया है और वे इस तिकड़ी के सबसे कमजोर स्टार हैं। उनकी पिछली पांच फिल्मों में से महज एक सुपरहिट रही है। फैन और जब हैरी मेट सेजल तो इतनी बुरी तरह फ्लॉप हुईं कि सौ करोड़ के आंकड़े के पहुंचने के पहले ही धड़ाम हो गई। ज़ीरो पर यदि इस हीरो का दांव असफल रहा तो इस किंग खान का किला ढह जाएगा।
सलमान खान
रेस 3 (2018) : फ्लॉप
टाइगर जिंदा है (2017) : ब्लॉकबस्टर
ट्यूबलाइट (2017) : फ्लॉप
सुल्तान (2016) : ब्लॉकबस्टर
प्रेम रतन धन पायो (2015) : हिट
एक दौर ऐसा था जब माना जाता था कि
सलमान खान यदि किसी फिल्म में ढाई घंटे तक सिर्फ खड़े रहें तो भी फिल्म ब्लॉकबस्टर हो जाएगी, लेकिन अब ऐसा नहीं रहा। ईद और सलमान सफलता की गारंटी वाला मिथक भी टूटा है। सलमान की पिछली पांच फिल्मों में से दो फ्लॉप रही हैं। सलमान की असफल फिल्मों ने फिल्म उद्योग में हलचल मचा दी है। सलमान की असफलता ने खान्स की नैया डगमगा दी है।
आमिर खान
ठग्स ऑफ हिन्दोस्तान (2018) : फ्लॉप
दंगल (2016) : ब्लॉकबस्टर
पीके (2014) : ब्लॉकबस्टर
धूम 3 (2013) : ब्लॉकबस्टर
तलाश (2012) : फ्लॉप
आमिर खान को मिस्टर परफेक्शनिस्ट कहा जाता है। काफी सोच-विचार कर वे फिल्में करते हैं, लेकिन 'ठग्स ऑफ हिन्दोस्तान' ने इस भरोसे को तोड़ दिया है। निहायत ही बेतुकी फिल्म आमिर ने क्यों साइन की यह सवाल उनके फैंस की जुबां पर भी है। लगातार सफल फिल्म दे रहे आमिर को ठग्स ने करारा झटका दिया है। उनकी पिछली पांच फिल्मों में से दो तो फ्लॉप रही हैं, लेकिन तीन फिल्मों ने ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की है इसलिए शाहरुख-सलमान की तुलना में उनका पलड़ा थोड़ा भारी जरूर है।
नए स्टार्स की चुनौती
तीनों को नए स्टार्स की चुनौती मिल रही है। रणबीर कपूर और रणवीर सिंह भी 300 करोड़ क्लब के लिए फिल्म दे चुके हैं। वरुण धवन तेजी से उभर रहे हैं। इनको यदि अच्छा निर्देशक मिल जाता है तो इनकी फिल्में भी बॉक्स ऑफिस पर कमाल कर सकती है। हिरानी के साथ यदि आमिर ने 300 करोड़ का बिजनेस करने वाली फिल्म दी है तो रणबीर के साथ भी दी है।
तमाम असफलताओं और चुनौती के बावजूद फिलहाल खान्स बॉलीवुड के अन्य सितारों से आगे खड़े हैं, लेकिन उनके आगे अब ढलान ही है।
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