रायपुर। छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा संस्थान की गुणवत्ता की पोल नेशनल एक्रेडिटेशन एंड एसेसमेंट काउंसिल (नैक) की ग्रेडिंग में खुल रही है। राज्य में ए प्लस प्लस ग्रेड के उच्च शिक्षण संस्थान तो दूर, ए प्लस का भी कोई संस्थान नहीं है। प्रदेश में 450 से अधिक कॉलेज और 20 विवि के बाद भी महज 88 कॉलेज और तीन विवि की ग्रेडिंग हो पाई है।
::/introtext::::fulltext::
विशेषज्ञों के मुताबिक राज्य के कॉलेजों में एक दशक से अधिक पुराने सिलेबस से बीए, बीकॉम, बीएससी आदि की पढ़ाई हो रही है है। नैक से ग्रेडिंग कराने के लिए कोर्स का अपडेट होना भी अनिवार्य शर्त है। इसके बावजूद पिछले सालों में उच्च शिक्षा विभाग ने सिलेबस बदलने की जहमत नहीं दिखाई। उच्च शिक्षा के आयुक्त बसव एस राजू का कहना है कि अब स्नातक स्तर पर सिलेबस बदलने की कवायद की जा रही है।
साल 2005 में हुआ था आंशिक संशोधन
साल 2005 में स्नातक स्तर पर सिलेबस में बदलाव की कोशिश की गई थी, लेकिन सिर्फ चेप्टर की हेराफेरी करके विशेषज्ञों ने इतिश्री समझ ली थी। आज मार्केट के हिसाब से जॉब ओरिएंटेड सिलेबस नहीं होने से कॉलेजों को न ही बेहतर ग्रेड मिल पा रहा है न ही केंद्र सरकार के यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन यानी यूजीसी से बेहतर फंडिंग हो पा रही है। लिहाजा उच्च शिक्षा का स्तर लगातार कमजोर हो रहा है।
सिर्फ सात संस्थान को मिल पाया ए ग्रेड
राज्य में अभी तक सिर्फ सात संस्थान को ए ग्रेड मिला है। इनमें पंडित रविशंकर शुक्ल विवि, इंदिरा कला संगीत विवि, गवर्नमेंट ई राघवेद्र राव पोस्ट गे्रजुएट साइंस कॉलेज (ऑटोनॉमस) बिलासपुर, सीएमडी कॉलेज बिलासपुर, बिलासा कन्या स्नातकोत्तर कॉलेज बिलासपुर, विश्वनाथ यादव तामस्कर पीजी कॉलेज (साइंस कॉलेज) और एक अन्य इंस्ट्टीयूट शामिल है।
ऐसे मिलती है सीजीपीए ग्रेडिंग
3.76 से 4.00 ए प्लस-प्लस
3.51 से 3.75 ए प्लस
3.01 से 3.50 ए
2.76 से 3.00 बी प्लस प्लस
2.51 से 2.75 बी प्लस
2.76 से 3.00 बी प्लस प्लस
2.51 से 2.75 बी प्लस
2.01 से 2.50 बी
1.51 से 2.00 सी
1.50 के बराबर या नीचे कोई ग्रेडिंग नहीं मिलेगी
क्यों जरूरी है नैक की ग्रेडिंग
नैक से मिले ग्रेड के आधार पर ही संस्था की गुणवत्ता का पता चलता है। क्वालिटी एजुकेशन, सुविधा संसाधन और फैकल्टी की जानकारी होती है। छात्रों को प्रवेश लेने में मदद मिलती है। रैंकिंग तय होने के बाद संस्था द्वारा जारी रिजल्ट में ग्रेडिंग अंकित होती है। देशभर में एक नई पहचान मिलती है। सुविधाओं के विस्तार के लिए यूजीसी अलग से अनुदान की स्वीकृत देती है।
टॉप ग्रेडिंग के लिए 10 अहम बिन्दु
यूनिवर्सिटी, कॉलेज का सिलेबस हर तीन साल में रिव्यू होना चाहिए ।
संस्था में बेहतर शैक्षणिक माहौल यानी हर साल अच्छा रिजल्ट ।
विभागों में पर्याप्त शिक्षक और कर्मचारियों की नियुक्ति हो ।
स्वयं की बिल्डिंग और रिसर्च आदि में बेहतर प्रदर्शन ।
एनसीसी, एनएसएस की विशेष गतिविधियां।
खेल के मैदान, कैंटीन और हॉस्टल की स्थिति बेहतर हो।
कैंपस में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, सांस्कृतिक गतिविधियां।
यूनिवर्सिटी का इतिहास और एलुमनी की भूमिका।
नए रिसोर्सेस और संस्था के आगे बढ़ने की क्षमता।
शिक्षकों का बर्ताव, अभिभावकों की संतुष्टि।
