नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने ‘निर्भया’ सामूहिक बलात्कार एवं हत्या मामले में चार दोषियों में से तीन की पुनर्विचार याचिका आज खारिज कर दी. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में तीनों की मौत की सजा बरकरार रखी है. चौथे आरोपी ने इस मामले में पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं की थी. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस आर भानुमति और जस्टिस अशोक भूषण की पीठ ने मुकेश (29), पवन गुप्ता (22) और विनय शर्मा की याचिकाओं पर आज फैसला सुनाते हुए इनकी मौ की सजा बरकरार रखी है.
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चौथे आरोपी अक्षय ने याचिका दाखिल नहीं की थी. छह साल पहले हुए इस गैंगरेप ने राजधानी दिल्ली के साथ साथ पूरे देश को हिला दिया था. इस मामले में एक नाबालिग आरोपी को छोड़ा जा चुका है.
दिल्ली के मुनीरका में 6 लोगों ने चलती बस में पैरामेडिकल की छात्रा से गैंगरेप किया. इसके बाद दरिंदगी की वो सारी हदें पार गए, जिसे देखकर कोई दरिंदा भी दहशत में आ जाए. वारदात के वक्त पीड़िता का दोस्त भी बस में था. दोषियों ने उसके साथ भी मारपीट की थी. इसके बाद युवती और दोस्त को चलती बस से बाहर फेंक दिया था.
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