बस्तर बटालियन : हर युवक और युवती के पास नक्सलियो को लेकर अपने अनुभव....
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अंबिकापुर,21 मई 2018। बस्तर के अपने माटी पुत्रों और पुत्रियों की बनी सेना याने बस्तर बटालियन जिसका मूल नाम है CRPF बटालियन नंबर 241. इस बटालियन के हर युवक और युवती के पास नक्सलियो को लेकर अपने अनुभव है और कोई भी अनुभव ऐसा नही है जिसमें कड़वाहट ना हो। धूर दक्षिण बस्तर बीजापुर सुकमा के साथ साथ अबूझमाड़ के प्रवेश द्वार नारायणपुर और दंतेवाड़ा से विशेष भर्ती के बाद अब CRPF के जंगल वार के लिए प्रशिक्षित होकर फिल्ड में जाने के लिए तैयार बटालियन का हर सदस्य सीधे दो दो हाथ करने को तत्पर है, आमादा है। CRPF के अधिकारियों ने NPG को बताया “इनमें कम से कम चालीस, ऐसे परिवार से आए हैं जिन्होंने माओ आतंकवाद मे सीधा नुक़सान झेला है” यह ट्रेनिंग करीब 44 महिने चली है, और युद्ध की हर विधा से इस बस्तर बटालियन को परिचित कराया जा चुका है। ट्रेनिंग में भी बस्तर की बेटियों ने विलक्षण प्रदर्शन किया है।
गायत्री बघेल,सुखमती और रीना तेलाम खासी खुश थीं क्योंकि बेस्ट फायरर के साथ तीन श्रेणियों में बस्तर बटालियन की वीरांगनाओं ने पहला नंबर हासिल किया है। रीना तेलम वो युवती है, जिसके परिजन फ़ोर्स में जाने के बाद से परेशान थे, लेकिन आज वे सब खुश हैं। रीना को इंतजार है बस्तर पहुँच कर नक्सलियो से लोहा लेने का। बीजापुर के अंदर बसे एक गाँव में मौजुद एक ही परिवार के सगे भाई बहन CRPF की इस बस्तरिया बटालियन के हिस्से हैं। इस पासिंग आउट परेड के बाद अब बटालियन की तैनाती बस्तर में की जानी है, जिसका बेसब्री से इंतजार बस्तरिया बटालियन को है। मनोज कुमार ने जो अपने माता पिता और छोटे भाई बहन के साथ था उसने NPG से कहा “ मांद में घुसकर मारेंगे सर..बस्तर से बाहर खदेड़ कर रहेंगे” पासिंग आउट परेड के बाद बटालियन ने सेल्फी और तस्वीरों के ज़रिए यादों को संजोने का काम शुरु किया जो देर तक जारी रहा।
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