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नई दिल्ली : पंजाब सरकार द्वारा हर कर्मचारी का डोप टेस्ट कराने के फैसले से राज्य समेत देश की राजनीति में बायनबाजी का सिलसिला शुरू हो गया है. पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सूबे में नशे के फैलते जाल को खत्म करने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं, जिनमें से एक फैसला यह है कि राज्य के हर सरकारी कर्मचारी का डोप टेस्ट किया जाएगा. और यह डोप टेस्ट साल में एकबार जरूर किया जाएगा. राज्य में नेश के चलते हो रही लगातार मौतों के चलते राज्य सरकार यह कदम उठाया है.
::/introtext::अमरिंदर सिंह के इस फैसले पर खूब राजनीति भी हो रही है. केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कैप्टन सरकार के इस फैसले पर कटाक्ष किया है. उन्होंने कहा कि इस टेस्ट को जरूर कराना चाहिए लेकिन पहले उन नेताओं को अपना टेस्ट कराना चाहिए, जिन्होंने पंजाब के 70 फीसदी लोगों को नशेड़ी कहा था.
कटाक्ष की इस कड़ी में बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने एक कदम आगे बढ़ते हुए कहा कि पंजाब सरकार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का डोप टेस्ट कराना चाहिए, क्योंकि वे कोकीन का नशा करते हैं.
उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने 70 फीसदी पंजाबियों को नशेड़ी कहने वाले कांग्रेस नेताओं पर जो कटाक्ष किया है उनमें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी शामिल हैं. स्वामी ने कहा कि राहुल गांधी के बयानों को देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि राहुल अपने होशोहवास में बयान नहीं देते हैं. उन्होंने कहा कि राहुल नशे के आदि हैं.
AAP विधायक ने कराया डोप टेस्ट
पंजाब के आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक अमन अरोड़ा ने गुरुवार को मोहाली के एक सरकारी अस्पताल में मादक पदार्थ सेवन का परीक्षण (डोप टेस्ट) कराया. अरोड़ा ने मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को उदाहरण पेशकर इस तरह का टेस्ट खुद का, अपने कैबिनेट सदस्यों व सत्तारूढ़ कांग्रेस विधायकों का कराने की चुनौती दी.
पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, हर सरकारी कर्मचारी का होगा डोप टेस्ट
सुनाम के विधायक अरोड़ा ने कहा कि आम आदमी पार्टी पंजाब में मादक पदार्थों की समस्या पर रोक लगाने के लिए किसी भी प्रगतिशील कदम का समर्थन करेगी. लेकिन, यह बेहतर रहता है अगर मुख्यमंत्री ने खुद का, अपने मंत्रियों व कांग्रेस विधायकों का डोप टेस्ट शुरू किया होता. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार जब तक इन गतिविधियों में माफियाओं के साथ शामिल राजनेताओं व पुलिस अधिकारियों से निपटने की प्रतिबद्धता नहीं दिखाएगी, मादक पदार्थ की समस्या पर रोक नहीं लगेगी. आप विधायक की इस पहल का कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने स्वागत किया है.
लगातार हो रही हैं मौतें
पंजाब में ड्रग्स के ओवरडोज के चलते पिछले एक महीने में कम से कम 30 लोगों की जान चली गई है. इस हालात से निपटने की रणनीति बनाने के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोमवार को कैबिनेट की मीटिंग बुलाई थी. कैबिनेट की बैठक के बाद से पंजाब सरकार लगाताल कड़े फैसले ले रही है.