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नई दिल्ली: एयर इंडिया की फ्लाइट में टेक्निकल खराबी आने की वजह से दिल्ली एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करवाई गई. दिल्ली से उड़ान भरने के बाद आई थी खामी वापस दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंडिंग करवाई गई
एअर इंडिया के एक प्रवक्ता ने कहा कि उड़ान संख्या एआई -825 ने 180 यात्रियों के साथ सुबह सवा दस बजकर 15 मिनट पर उड़ान भरी और दस बजकर 55 मिनट पर ‘आपात परिस्थितियों ’ में यह दिल्ली वापस आया और हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतर गया. उन्होंने कहा कि तकनीकी गड़बड़ी का सही कारण पता लगाने की कोशिश की जा रही है.
यात्रियों को दूसरे विमान से भेजने की व्यवस्था की गई.
पुड्डुचेरी
केंद्र शासित प्रदेश पुड्डुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी ने शनिवार को घोषणा की कि यदि गांवों में खुले में कूड़ा फेंका गया या शौच किया गया तो ऐसी जगहों पर मुफ्त में चावल वितरित नहीं किया जाएगा। किरण बेदी ने कहा कि चावल का मुफ्त वितरण शर्तों के साथ होगा। बता दें, राज्य की करीब आधी आबादी को मुफ्त में चावल दिया जाता है।उपराज्यपाल ने कहा कि जो गांव खुले में शौच से मुक्त हो गए हैं। खुले में कूड़ा और प्लास्टिक नहीं फेंका जा रहा है, वहां स्थानीय विधायक और आपूर्ति विभाग के आयुक्त के प्रमाण पत्र के बाद ही मुफ्त में चावल का वितरण किया जाएगा। यह नया आदेश जून महीने से लागू हो जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों और गांववालों को 4 सप्ताह की समयसीमा दी है ताकि वे अपने आसपास के इलाके को साफ सुथरा कर सकें। उन्होंने एक बयान जारी कर कहा, 'तब तक मुफ्त में चावल वितरण कार्य को रोक दिया जाए और उसे सुरक्षित रखा जाए। इस चावल को उन गांवों के नागरिकों को वितरित किया जाए जिसे स्वच्छता का प्रमाण पत्र मिले। गांवों के प्रमाणन को क्रॉस चेक भी किया जाए। सभी विधानसभा क्षेत्रों को 4 सप्ताह का समय दिया जाता है ताकि वे अपने इलाके में सफाई कर सकें। यह समयसीमा 31 मई को खत्म हो जाएगी।'
किरण बेदी ने कहा, 'मैं ग्रामीण स्वच्छता की धीमी गति से निराश हूं। पिछले दो साल में मैंने स्थानीय प्रतिनिधियों और संबंधित पब्लिक ऑफिशल्स को ग्रामीण पुड्डुचेरी को एक समय सीमा के अंदर साफ करने के प्रति प्रतिबद्ध नहीं देखा। मुझे माफ करें, यह नहीं चल सकता है।' इस पूरे मामले को कांग्रेस ने गरीब विरोधी कदम करार दिया है।
बीजिंग/वुहान.नरेंद्र मोदी शुक्रवार और शनिवार को चीन दौरे पर थे। दो दिन में मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच 6 मुलाकातें हुईं। इस दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनकी एक अलग केमिस्ट्री दिखी। दो बार साथ में खाना खाया। शनिवार को मोदी के लिए जिनपिंग ने प्राइवेट लंच रखा था। इसका मेन्यू कार्ड खास तरह का डिजाइन किया गया था। इसमें तिरंगा बना था। साथ ही भारत के राष्ट्रीय पक्षी मोर की भी तस्वीर थी। ऐसा कहा जा रहा है कि इस दौरान जिनपिंग ने हर छोटी-छोटी चीज का ख्याल रखा।
मोदी-जिनपिंग ने एक बार डिनर और एक लंच किया
- नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग ने दो दिन में साथ में एक बार लंच और एक बार डिनर किया। शनिवार को ईस्ट लेक पर चाय पर भी चर्चा की।
खास डिजाइन का था मेन्यू कार्ड
- शी जिनपिंग ने मोदी के दौरे के आखिरी दिन दिल्ली लौटने से पहले खास लंच रखा। इस दौरान जिनपिंग ने छोटी-छोटी बातों का ध्यान दिया। एजेंसी के मुताबिक, लंच के दौरान एक खास डिजाइन का मेन्यू कार्ड बनाया गया था। इसमें ऊपर की ओर केसरिया रंंग, बीच में सफेद और नीचे हरा रंग था। कार्ड के बीच में भारत के राष्ट्रीय पक्षी मोर का चित्र भी बना था।
प्रोटोकॉल तोड़कर मोदी से मिले थे जिनपिंग
- चीन दौरे में नरेंद मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच 6 बार मुलाकात हुई। पहली मुलाकात हुबई म्यूजियम में हुई। यहां जिनपिंग प्रोटोकॉल तोड़कर पहली बार किसी देश के नेता से मिले।
ईस्ट लेक के किनारे चाय पर हुई चर्चा
- यात्रा के दूसरे और आखिरी दिन दोनों नेताओं ने नाव पर सैर की। दोनों नेताओं के बीच चार मुद्दों- सीमा पर शांति, अफगानिस्तान में साथ काम करने, विशेष प्रतिनिधि नियुक्त करने और आतंकवाद पर सहमति बनी।
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बीजिंग/वुहान. नरेंद्र मोदी का दो दिन का चीन दौरा शनिवार को खत्म हो गया। उन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ छह मुलाकातें कीं। इस दौरान दोनों ने करीब 9 घंटे साथ बिताए। यात्रा के दूसरे और आखिरी दिन उन्होंने जिनपिंग के साथ यहां की ईस्ट लेक के किनारे टहलते हुए चाय पर चर्चा की। इसके बाद नाव पर सैर की। जिनपिंग ने मोदी को लंच दिया। दोनों नेताओं के बीच चार मुद्दों- सीमा पर शांति, अफगानिस्तान में साथ काम करने, विशेष प्रतिनिधि नियुक्त करने और आतंकवाद पर सहमति बनी। इससे पहले शुक्रवार को भी मोदी और जिनपिंग के बीच 3 मुलाकातें हुईं। अनौपचारिक वार्ताओं की परंपरा शुरू करने की बात कहते हुए मोदी ने जिनपिंग को अगले साल भारत आने का न्यौता दिया। उन्होंने इस पर सहमति जताई।
सीमा पर शांति बनाए रखेंगे
- भारत के विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया, "दोनों नेताओं के बीच इस बात को लेकर सहमति बनी है कि सीमा पर शांति कायम रखेंगे। इसके लिए सेनाओं के बीच संवाद को बढ़ाया जाएगा।"
- दोनों नेताओं ने तय किया कि दोनों देश आपस में भरोसा बढ़ाएंगे और एक दूसरे को रणनीतिक-मिलिट्री सहयोग देंगे।"
विशेष प्रतिनिधि की नियुक्ति होगी
- गोखले ने बताया, "भारत-चीन सीमा के संबंध में मोदी-जिनपिंग ने माना कि एक विशेष प्रतिनिधि सीमा विवाद का हल खोजेगा।"
अफगानिस्तान में मिलकर प्रोजेक्ट चलाएंगे
- मोदी-जिनपिंग ने इस बात पर भी सहमति जताई कि भारत-चीन मिलकर अफगानिस्तान में संयुक्त आर्थिक परियोजना चलाएंगे।
आतंकवाद-फिल्मों पर भी हुई बात
- गोखले के मुताबिक, "दोनों (मोदी-जिनपिंग) ने आतंकवाद को खत्म करने के लिए सहयोग बढ़ाने पर भी प्रतिबद्धता जताई।"
- "प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के बीच मनोरंजन खासकर फिल्मों के जरिए सहयोग बढ़ाने का भी प्रस्ताव रखा। इसके जवाब में राष्ट्रपति जिनपिंग ने कहा कि उन्होंने कई भारतीय फिल्में देखी हैं और इस क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना एक अच्छी सोच है। ज्यादा से ज्यादा फिल्में भारत से चीन और चीन से भारत जानी चाहिए।"
24 घंटे में मोदी-जिनपिंग की 6 मुलाकातें
- चीन के वुहान में मोदी-जिनपिंग की 24 घंटे में 6 मुलाकातें हुईं।
- शुक्रवार को पहली मुलाकात हुबेई म्यूजियम में हुई। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत और डिनर पर मुलाकात हुई। जिनपिंग ने मोदी के लिए पहली बार प्रोटोकॉल तोड़ा।
- शनिवार को मोदी और जिनपिंग की पहली मुलाकात ईस्ट लेक के किनारे टहलते हुए हुई। इसके बाद दोनों नेताओं ने साथ में नाव पर सैर और चाय पर चर्चा की। जिनपिंग ने मोदी को लंच दिया। इसके बाद प्रधानमंत्री दिल्ली रवाना हो गए।
मोदी ने कहा- पंचशील के नए सिद्धांत से विश्व में शांति आएगी
- शुक्रवार को प्रतिनिधि मंडल स्तर की बातचीत के दौरान मोदी ने चीन के सामने 21वीं सदी के पंचशील की नई व्याख्या पेश की। उन्होंने कहा, "अगर हम समान विजन, मजबूत रिश्ते, साझा संकल्प, बेहतर संवाद और समान सोच के पांच सिद्धांतों वाले पंचशील के इस रास्ते पर चलें तो इससे विश्वशांति, स्थिरता और समृद्धि आएगी।"
- इस पर शी जिनपिंग ने कहा कि उनका देश मोदी के बताए पंचशील के इन नए सिद्धांतों से प्रेरणा लेकर भारत के साथ सहयोग और काम करने को तैयार है।
- बता दें कि इससे पहले चीन और भारत के बीच पंचशील समझौते को लेकर 31 दिसंबर 1953 और 29 अप्रैल 1954 को बैठकें हुई थीं, जिसके बाद बीजिंग में इस पर हस्ताक्षर हुए थे। ये सिद्धांत हैं- 1. एक दूसरे की अखंडता और संप्रभुता का सम्मान, 2. परस्पर आक्रामकता से बचना , 3. एक दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना, 4. समान और परस्पर लाभकारी संबंध, 5. शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व
::/fulltext::प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के हाथों उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले के भानुप्रतापपुर से गुदुम के बीच 17 किलोमीटर इस नई रेल सेवा का लोकार्पण हुआ, उसके अंतर्गत उत्तर बस्तर अब राजधानी रायपुर से सीधे जुड़ गया है और भारत के रेल्वे के नक्शे पर भी चिन्हांकित होने लगा है। लोग अब रायपुर से भानुप्रतापपुर तक लगभग एक सौ किलोमीटर का सफर रेलगाड़ी से भी तय कर सकेंगे। आज प्रधानमंत्री ने भानुप्रतापपुर से गुदुम तक 17 किलोमीटर नई रेललाइन का और गुदुम में निर्मित रेलवे स्टेशन का लोकार्पण बस्तर संभाग के ग्राम जांगला (जिला-बीजापुर) से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हरी झंडी दिखाकर किया। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में वहां अम्बेडकर जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा सहित छत्तीसगढ़ सरकार के अनेक मंत्री और जनप्रतिनिधि तथा वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे
::/introtext::उल्लेखनीय है कि यह नई रेल सेवा दल्लीराजहरा-रावघाट-जगदलपुर 235 किलोमीटर की रेल परियोजना का एक हिस्सा है। इस परियोजना के प्रथम चरण में दल्लीराजहरा से रावघाट तक 95 किलोमीटर तक रेलमार्ग का निर्माण एक हजार 142 करोड़ रूपए की लागत से किया जा रहा है। इसमें से दल्लीराजहरा से बालोद जिले के गुदुम तक 17 किलोमीटर का रेलमार्ग का निर्माण पूर्ण कर उसमें पैसेंजर सेवा वर्ष 2016 में शुरू कर दी गई थी। इस खंड पर यात्री गाड़ी सेवा की शुरूआत होने पर आदिवासी बहुल बालोद जिले के साथ बस्तर संभाग ने भी विकास की दिशा में एक नया कदम बढ़ाया। इस नई रेल सेवा से उत्तर बस्तर जिले के यात्रियों को रायपुर तक आने-जाने की सुविधा मिलने लगेगी। यह पैसेंजर रेलगाड़ी 78815 रायपुर-भानुप्रतापपुर-डेमू और 78818-भानुप्रतापपुर-दुर्ग के बीच नियमित रूप से चलेगी। रेलवे द्वारा घोषित टाईम-टेबल के अनुसार गाड़ी नंबर 78815-रायपुर-भानुप्रतापपुर-डेम राजधानी रायपुर से सुबह 9 बजकर 20 मिनट पर खुलेगी और दुर्ग, मरौदा, पउवारा, रिसामा, गुंडरदेही, सिकोसा, लाटाबोर, बालोद, कुसुमकसा, दल्लीराजहरा, गुदुम स्टेशनों से होते हुए दोपहर एक बजकर 15 मिनट पर भानुप्रतापपुर पहुंचेगी। गाड़ी नं. 78818-भानुप्रतापपुर-दुर्ग-डेमू का टाईम-टेबल भी रेल्वे ने घोषित कर दिया है। यह रेलगाड़ी भानुप्रतापपुर से दोपहर 1.25 बजे निकलकर शाम 4.20 बजे दुर्ग आएगी।
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