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मोदी-जिनपिंग 2 दिन में 9 घंटे साथ रहे, 6 बार मिले: सीमा पर शांति रखने समेत 4 मुद्दों पर बनी सहमति
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::fulltext::2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी की यह चौथी चीन यात्रा थी। जून में वह फिर चीन जा सकते हैं।
बीजिंग/वुहान. नरेंद्र मोदी का दो दिन का चीन दौरा शनिवार को खत्म हो गया। उन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ छह मुलाकातें कीं। इस दौरान दोनों ने करीब 9 घंटे साथ बिताए। यात्रा के दूसरे और आखिरी दिन उन्होंने जिनपिंग के साथ यहां की ईस्ट लेक के किनारे टहलते हुए चाय पर चर्चा की। इसके बाद नाव पर सैर की। जिनपिंग ने मोदी को लंच दिया। दोनों नेताओं के बीच चार मुद्दों- सीमा पर शांति, अफगानिस्तान में साथ काम करने, विशेष प्रतिनिधि नियुक्त करने और आतंकवाद पर सहमति बनी। इससे पहले शुक्रवार को भी मोदी और जिनपिंग के बीच 3 मुलाकातें हुईं। अनौपचारिक वार्ताओं की परंपरा शुरू करने की बात कहते हुए मोदी ने जिनपिंग को अगले साल भारत आने का न्यौता दिया। उन्होंने इस पर सहमति जताई।
सीमा पर शांति बनाए रखेंगे
- भारत के विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया, "दोनों नेताओं के बीच इस बात को लेकर सहमति बनी है कि सीमा पर शांति कायम रखेंगे। इसके लिए सेनाओं के बीच संवाद को बढ़ाया जाएगा।"
- दोनों नेताओं ने तय किया कि दोनों देश आपस में भरोसा बढ़ाएंगे और एक दूसरे को रणनीतिक-मिलिट्री सहयोग देंगे।"
विशेष प्रतिनिधि की नियुक्ति होगी
- गोखले ने बताया, "भारत-चीन सीमा के संबंध में मोदी-जिनपिंग ने माना कि एक विशेष प्रतिनिधि सीमा विवाद का हल खोजेगा।"
अफगानिस्तान में मिलकर प्रोजेक्ट चलाएंगे
- मोदी-जिनपिंग ने इस बात पर भी सहमति जताई कि भारत-चीन मिलकर अफगानिस्तान में संयुक्त आर्थिक परियोजना चलाएंगे।
आतंकवाद-फिल्मों पर भी हुई बात
- गोखले के मुताबिक, "दोनों (मोदी-जिनपिंग) ने आतंकवाद को खत्म करने के लिए सहयोग बढ़ाने पर भी प्रतिबद्धता जताई।"
- "प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के बीच मनोरंजन खासकर फिल्मों के जरिए सहयोग बढ़ाने का भी प्रस्ताव रखा। इसके जवाब में राष्ट्रपति जिनपिंग ने कहा कि उन्होंने कई भारतीय फिल्में देखी हैं और इस क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना एक अच्छी सोच है। ज्यादा से ज्यादा फिल्में भारत से चीन और चीन से भारत जानी चाहिए।"
24 घंटे में मोदी-जिनपिंग की 6 मुलाकातें
- चीन के वुहान में मोदी-जिनपिंग की 24 घंटे में 6 मुलाकातें हुईं।
- शुक्रवार को पहली मुलाकात हुबेई म्यूजियम में हुई। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत और डिनर पर मुलाकात हुई। जिनपिंग ने मोदी के लिए पहली बार प्रोटोकॉल तोड़ा।
- शनिवार को मोदी और जिनपिंग की पहली मुलाकात ईस्ट लेक के किनारे टहलते हुए हुई। इसके बाद दोनों नेताओं ने साथ में नाव पर सैर और चाय पर चर्चा की। जिनपिंग ने मोदी को लंच दिया। इसके बाद प्रधानमंत्री दिल्ली रवाना हो गए।
मोदी ने कहा- पंचशील के नए सिद्धांत से विश्व में शांति आएगी
- शुक्रवार को प्रतिनिधि मंडल स्तर की बातचीत के दौरान मोदी ने चीन के सामने 21वीं सदी के पंचशील की नई व्याख्या पेश की। उन्होंने कहा, "अगर हम समान विजन, मजबूत रिश्ते, साझा संकल्प, बेहतर संवाद और समान सोच के पांच सिद्धांतों वाले पंचशील के इस रास्ते पर चलें तो इससे विश्वशांति, स्थिरता और समृद्धि आएगी।"
- इस पर शी जिनपिंग ने कहा कि उनका देश मोदी के बताए पंचशील के इन नए सिद्धांतों से प्रेरणा लेकर भारत के साथ सहयोग और काम करने को तैयार है।
- बता दें कि इससे पहले चीन और भारत के बीच पंचशील समझौते को लेकर 31 दिसंबर 1953 और 29 अप्रैल 1954 को बैठकें हुई थीं, जिसके बाद बीजिंग में इस पर हस्ताक्षर हुए थे। ये सिद्धांत हैं- 1. एक दूसरे की अखंडता और संप्रभुता का सम्मान, 2. परस्पर आक्रामकता से बचना , 3. एक दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना, 4. समान और परस्पर लाभकारी संबंध, 5. शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व
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