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मछली खाने के बाद शरीर में हो जाते हैं सफेद दाग? जानें सफेद दाग से जुड़े Myths & Facts
अभी तक आपने लोगों को यह कहते सुना होगा कि मछली खाने के बाद दूध मत पीना, वर्ना सफेद दाग पड़ जाएंगे! लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि इस बात में कोई सच्चाई नहीं है। जयपुर स्थित स्किना हॉस्पिटल के डर्मेटॉल्जिस्ट पुष्पेंद्र भारद्धाज से जब इस बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने इस बात को सरासर गलत बताया।

फैक्ट: विटिलिगो यानी सफेद दाग एक ऑटो इम्यून सिंड्रोम है, जो भोजन से संबंधित नहीं है।
फैक्ट: विटिलिगो पूरी तरह से त्वचा तक सीमित है। यह शरीर के किसी अन्य अंग को मानसिक या शारीरिक रूप से प्रभावित नहीं करता।
फैक्ट: विटिलिगो का एक अनुवांशिक या हेरेडिटरी फैक्टर है। लेकिन सफेद दाग आनुवांशिक बीमारी नहीं है। सफेद दाग वाले परिवारों में आसानी से शादी की जा सकती है। खान-पान से भी इस बीमारी का कोई लेना-देना नहीं है। आप चिकित्सक की सलाह से कुछ भी खाना खा सकते हैं।
फैक्ट: सफेद दाग कुष्ठ रोग से जुड़ा नहीं है। यह संक्रामक भी नहीं है। इसलिए स्पर्श, रक्त, संभोग, सांस लेना, निजी चीजों जैसे तौलिए को साझा करने या पीने के पानी के लिए एक गिलास का उपयोग करने से एक व्यक्ति से दूसरे तक पहुंच सकता।
मिथक: विटिलिगो लाइलाज बीमारी है?
फैक्ट : ऐसा बिल्कुल नहीं है। हमारे देश में विटिलिगो के इलाज के लिए पूरी दवाएं और तकनीक हैं। इसके इलाज के लिए नवीनतम तकनीक मेलेनॉइट ट्रांसमिशन है, जिसमें सामान्य त्वचा से केवल मेलानोसाइट्स निकाला जाता है और विटिलिंगियस स्पॉट्स पर इंजेक्ट कर दिया जाता है।
फैक्ट : सफेद दाग एक ऑटो-इम्यून बीमारी है। यह शरीर के अंदर शरीर को रंग देने वाली सेल्स की दिक्कत है। ऐसे में शरीर के ऊपर कुछ लगाने से इसको ठीक नहीं किया जा सकता।
