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भोपाल: राहुल गांधी 'भारत जोड़ो यात्रा' के लिए 20 नवंबर को मध्यप्रदेश में बुरहानपुर के रास्ते प्रवेश करेंगे. 3 नवंबर तक को खंडवा, खरगोन, इंदौर, उज्जैन, आगरा-मालवा जैसे जिलों से होते हुए राजस्थान निकल जाएंगे, लेकिन उनके आने से पहले सत्तारूढ़ बीजेपी और कांग्रेस के बीच तोड़ो-जोड़ो की बयानबाज़ी तेज हो गई है. सूत्रों की मानें तो बीजेपी की नजर कांग्रेस के उन विधायकों पर है, जिन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में क्रॉस वोटिंग की थी.
पीसीसी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ खुद तैयारी में जुटे हैं. निमाड़ के कुछ जिलों में पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण यादव की जगह कमान निर्दलीय विधायक शेरा को सौंपी गई है. इस बीच चर्चा है कि बीजेपी ऑपरेशन लोटस-2 की तैयारी में है, मालवा-निमाड़ से 6, महाकौशल और बुंदेलखंड से दो-दो और ग्वालियर-चंबल अंचल से एक विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं. वहीं कांग्रेस कह रही है उसके संपर्क में भी बीजेपी के कई विधायक हैं.
मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि बीजेपी के बहुत सारे विधायक हमारे संपर्क में हैं, जो सोचते हैं कि उन्हें टिकट नहीं मिलेगी. लेकिन हम अपने संगठन को प्राथमिकता देंगे.
वहीं मध्यप्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्र ने कहा कि कमलनाथ जब-जब बोलते हैं, कांग्रेस टूट जाती है. पहली बार किया तो सरकार चली गई. उपचुनाव में बोला तो पार्टी बैठ गई, वहीं राष्ट्रपति चुनाव के पहले बोला तो कांग्रेस के 17 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कर दी.
कैबिनेट मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि अभी भी अनेक नेता कांग्रेस छोड़ने के लिए संपर्क कर रहे हैं, इस भय से कांग्रेस अपने विधायकों को बंधक बनाने की कोशिश कर रही है. कोई स्वेच्छा से भाजपा में आना चाहता है, तो पार्टी उस पर विचार करेगी.
कांग्रेस ने 114 विधायकों के साथ सरकार बनाई थी, लेकिन अब वो 95 के साथ खड़ी है. सूत्रों के मुताबिक 'भारत जोड़ो यात्रा' के पहले दिन सबको बुरहानपुर के गांव में मौजूद रहने की हिदायत मिली है, यानी उसी दिन एक और परीक्षा हो जाएगी.
मध्यप्रदेश आकर राहुल गांधी यात्रा को थोड़ा विराम देंगे. गुजरात में प्रचार के लिए जाएंगे. फिर यहां 23 नवंबर से यात्रा शुरू होकर 5 दिसंबर तक चलेगी. लेकिन बीजेपी के बयानों में अगर जरा भी दम है तो शायद कांग्रेस को अपने विधायकों को और मजबूती से जोड़ने की जरूरत होगी.
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के प्रमुख और दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर भविष्यवाणी की है. अरविंद केजरीवाल ने एनडीटीवी के टाउनहॉल में एक कागज पर लिखा कि गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के हिस्से में पांच से भी कम सीटें आएंगी.
साथ ही केजरीवाल ने कहा कि गुजरात में आम आदमी पार्टी सरकार बनाने जा रही है.
जब उनसे भाजपा को लेकर सवाल पूछा गया तो केजरीवाल ने कहा, "बाकि की भविष्यवाणियां किसी और दिन की जाएंगी."
अरविंद केजरीवाल ने एनडीटीवी के टाउनहॉल में भाजपा और कांग्रेस दोनों पर निशाने साधे हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा अपने उम्मीदवारों के साथ-साथ कांग्रेस उम्मीदवारों को भी फंड दे रही है. बीजेपी और कांग्रेस में पति-पत्नी/भाई-बहन का रिश्ता है. इसलिए ये लड़ाई आप बनाम भाजपा-कांग्रेस की है. बीजेपी ने गुजरात के सभी टीवी चैनलों को धमकी दी है कि वे AAP के किसी नेता को अपने डिबेट शो में न बुलाएं.
गुजरात की 182 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में 1 दिसंबर और 5 दिसंबर को मतदान होंगे. चुनाव के परिणामों का ऐलान हिमाचल प्रदेश के साथ 8 दिसंबर को किया जाएगा.
अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को पूर्व टीवी एंकर इसुदान गढ़वी को आम आदमी पार्टी का मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाने का ऐलान किया था. आम आदमी पार्टी ने अपने मुख्यमंत्री उम्मीदवार के लिए गुजरात के लोगों से राय मांगी थी.
जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज अलवर में कांग्रेस नेता सचिन पायलट (Sachin Pilot) के बयान पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि, ''उन्हें ऐसी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए. केसी वेणुगोपाल ने पार्टी में सभी से इस तरह की कोई भी टिप्पणी नहीं करने को कहा है. हम चाहते हैं कि सभी अनुशासन का पालन करें. सचिन पायलट ने पीएम मोदी (PM Modi) द्वारा अशोक गहलोत की तारीफ किए जाने पर सवाल उठाया है.''
राजस्थान के कांग्रेस विधायक सचिन पायलट ने कहा था कि"...मुझे पीएम मोदी की ओर से (कल सीएम गहलोत) की तारीफ करना बहुत दिलचस्प लग रहा है. पीएम ने संसद में गुलाम नबी आजाद की भी इसी तरह प्रशंसा की थी. हमने देखा कि उसके बाद क्या हुआ. यह कल हुई एक दिलचस्प घटना है, इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए..."
राजस्थान में सत्तारूढ़ कांग्रेस में आंतरिक विवाद समाप्त नहीं हो रहा है. सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के वफदार विधायकों पर वार करते हुए उन्हें सजा देने की मांग भी की है. सचिन पायलट ने कहा कि नए कांग्रेस अध्यक्ष को राजस्थान के 'बागी' विधायकों' को सज़ा देनी चाहिए. सचिन पायलट ने आज एनडीटीवी से बातचीत में कांग्रेस के नए अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के सामने अपनी मांग रखते हुए कहा जिन विधायकों को नोटिस दिया गया है, उन्हें अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा जाना चाहिए.
उन्होंने कहा “कांग्रेस एक पुरानी पार्टी है, जिसमें सभी के लिए समान नियम हैं, चाहे वह कितना भी वरिष्ठ क्यों न हो. मुझे यकीन है कि नए अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे कार्रवाई करेंगे. यह उल्लेख करते हुए कि राज्य में 13 महीने में मतदान होने हैं, उन्होंने कहा कि पार्टी पर्यवेक्षक केसी वेणुगोपाल ने कहा था कि "राजस्थान की स्थिति" पर भी जल्द ही निर्णय लिया जाएगा.
गौरतलब है कि, गहलोत के वफादार नेताओं को 25 सितंबर को जयपुर में मंत्री शांति धारीवाल के आवास पर कांग्रेस विधायक दल (CLP) के विधायकों की समानांतर बैठक करने के बाद नोटिस जारी किए गए थे. यह नोटिस, पर्यवेक्षक बनकर आए अजय माकन और मल्लिकार्जुन खरगे की रिपोर्ट के बाद जारी किए गए थे.
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव में खडे होने की घोषणा के बाद उनका उत्तराधिकारी चुनने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से एक प्रस्ताव को पारित करने के लिए कांग्रेस विधायक दल की बैठक मुख्यमंत्री आवास पर बुलाई गई थी. गहलोत के वफादार विधायक चाहते थे कि अगर गहलोत को बदलना पड़ा तो जिन 102 विधायकों ने जुलाई 2020 में संकट के दौरान अशोक गहलोत सरकार का समर्थन किया था उनमें से किसी भी विधायक को मुख्यमंत्री चुना जाए.
श्रीनगर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के केंद्र शासित प्रदेश के अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान जम्मू-कश्मीर में पहाड़ी समुदाय के लिए अनुसूचित जनजाति (एसटी) के दर्जे की घोषणा करने की उम्मीद है. शाह आज जम्मू पहुंचने वाले हैं. दौरे के दौरान वे मंगलवार और बुधवार को राजौरी और बारामूला में दो रैलियों को संबोधित करेंगे, जिसमें बड़ी संख्या में पहाड़ी समुदाय के लोगों के शामिल होने की उम्मीद है.
बता दें कि पहाड़ियों को एसटी का दर्जा देने की संभावना ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के अंदर एक राजनीतिक विवाद और मतभेद को जन्म दिया है.
नेशनल कांफ्रेंस के एक वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक ने आश्चर्यजनक कदम उठाते हुए जम्मू-कश्मीर के लोगों से केंद्रीय गृह मंत्री की रैली में शामिल होने की अपील की है. दो बार नेशनल कांफ्रेंस के पूर्व विधायक कफील उर रहमान ने कहा, "समुदाय पहले आता है. राजनीति बाद में. हम सभी को रैली में शामिल होना चाहिए और अपनी सामूहिक ताकत दिखानी चाहिए. अगर हम आज एसटी का दर्जा हासिल नहीं करते हैं, तो हम इसे कभी नहीं पाएंगे."
नेशनल कांफ्रेंस के मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने कहा कि उन्हें रहमान के बयान की जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा, "निश्चित रूप से यह पार्टी की स्थिति नहीं है. मैं उनके बयान की जांच करूंगा और आपसे संपर्क करूंगा."