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बनिहाल : कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में निकाली जा रही ‘भारत जोड़ो यात्रा' शुक्रवार को सुबह जम्मू-कश्मीर के बनिहाल से आगे घाटी बढ़ी. इस दौरान, बड़ी संख्या में तिरंगा थामे कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता राहुल के साथ पदयात्रा करते नजर आए. बनिहाल में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला भी भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए. राहुल की तरह सफेद टी-शर्ट पहने उमर ने कांग्रेस पार्टी के हजारों समर्थकों के साथ राहुल के साथ पदयात्रा में हिस्सा लिया.
श्रीनगर से 120 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बनिहाल पहुंचने के बाद मीडिया से मुखातिब उमर ने कहा, "भारत जोड़ो यात्रा का मकसद राहुल गांधी की छवि सुधारना नहीं, बल्कि देश के मौजूदा हालातों में बदलाव लाना है." उन्होंने कहा कि वह यात्रा में इसलिए शामिल हो रहे हैं, क्योंकि वह देश की छवि को लेकर ज्यादा चिंतित हैं।
उमर ने कहा, "हम किसी एक व्यक्ति की छवि के लिए नहीं, बल्कि देश की छवि के लिए इसमें हिस्सा ले रहे हैं." नेकां नेता ने कहा कि राहुल गांधी ने निजी उद्देश्यों के चलते यह यात्रा शुरू नहीं की, बल्कि उन्होंने देश में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने की कथित कोशिशों को लेकर अपनी चिंताओं के मद्देनजर यह कदम उठाया.
जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद-370 को निष्प्रभावी बनाए जाने को लेकर कांग्रेस के रुख के बारे में पूछे जाने पर उमर ने कहा, "हम अनुच्छेद-370 की बहाली के लिए अदालत में मुकदमा लड़ेंगे. सरकार संबंधित याचिका पर सुनवाई से जिस तरह से पीछे भाग रही है, उससे पता चलता है कि हमारा मुकदमा काफी मजबूत है."
जम्मू-कश्मीर में चुनाव पर उन्होंने कहा कि इसे आठ साल हो चुके हैं। नेकां नेता ने कहा, "आखिरी विधानसभा चुनाव 2014 में हुए थे. यह जम्मू-कश्मीर में दो चुनावों के बीच सबसे लंबा अंतराल है. घाटी में आतंकवाद के चरम पर होने के दौरान भी ऐसा नहीं हुआ था." उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चाहती है कि जम्मू-कश्मीर के लोग चुनाव के लिए गिड़गिड़ाएं. उमर ने कहा, "हम भिखारी नहीं हैं और हम इसके लिए भीख नहीं मांगेंगे."
नई दिल्ली: पहलवानों के यौन शोषण के आरोपों पर खेल मंत्रालय ने भारतीय कुश्ती संघ से जवाब मांगा है. साफ है कि अब पहलवानों और कुश्ती संघ के बीच जारी विवाद में केंद्र ने भी हस्तक्षेप कर लिया है. बता दें कि राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों दोनों में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय की स्टार महिला पहलवान विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) ने बुधवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) और उसके अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brijbhushan Sharan Singh) पर गंभीर आरोप लगाए.
क्या है पूरा मामला?
अनुभवी एथलीट विनेश फोगाट ने ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है, विनेश फोगाट ने कहा कि "राष्ट्रीय कोचों ने वर्षों से महिला पहलवानों से छेड़छाड़ की. बता दें कि विनेश फोगाट शीर्ष भारतीय पहलवानों के साथ बुधवार को नई दिल्ली के जंतर मंतर पर डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष को पद से हटाने की मांग पर विरोध प्रदर्शन में बैठी हैं. विरोध प्रदर्शन में रियो ओलंपिक पदक विजेता पहलवान साक्षी मलिक, सरिता मोरे (Sarita More) आदि भी शामिल हैं.
विनेश ने आगे कहा, कि "हमें धमकी दी गई थी कि अगर हम बोलेंगे तो हमारा करियर खत्म हो जाएगा. फेडरेशन के सदस्यों ने महिला पहलवानों के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया. फोगाट ने आगे कहा, "हमने प्रधानमंत्री से भी संपर्क किया है, कुछ कोच राष्ट्रीय महासंघों के करीबी हैं उन कोचों ने युवा लड़कियों का शोषण किया है और ना जाने कितनी युवा लड़कियों ने उनकी वजह से दर्द सहा है." ओलंपिक कांस्य पदक विजेता पहलवान बजरंग पुनिया ने कहा, "डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष को हटाए जाने तक हम किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग नहीं लेंगे".
फेडरेशन ने दिया था ये जवाब
विनेश फोगाट के गंभीर आरोपों के बाद भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (WFI President Brij Bhushan Sharan Singh) ने आरोपों का जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि "जैसे ही मुझे पता चला कि पहलवान विरोध कर रहे हैं, मैं यहां आ गया. क्या कोई ऑन रिकॉर्ड है जो कह सकता है कि फेडरेशन ने हमारे साथ छेड़छाड़ की है?" उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में ये भी कहा कि "अगर आपके पास महासंघ के साथ इस तरह के मुद्दे थे, तो उन्हें 10 साल तक किसी ने क्यों नहीं उठाया? जब भी नियम बनते हैं तो मुद्दे सामने आते हैं."
डब्ल्यूएफआई प्रमुख बृज भूषण ने आगे कहा कि, "मेरे खिलाफ पहलवानों के आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है, अगर एक यौन उत्पीड़न का मामला साबित हो जाता है तो भी मैं फांसी पर चढ़ने को तैयार हूं, मैं डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष का पद नहीं छोड़ूंगा लेकिन मैं सीबीआई या पुलिस की जांच के लिए तैयार हूं.'
मुर्शिदाबाद: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने सोमवार को मुर्शिदाबाद जिले में एक जनसभा के दौरान बीजेपी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने मोदी सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों और प्रमुख योजनाओं के लिए सरकारी धन के कथित दुरूपयोग के आरोप लगाए. ममता ने बंगाल कांग्रेस प्रमुख अधीर रंजन चौधरी के गृह जिले में अपने तीखे भाषण में सीपीएम और कांग्रेस को भी नहीं बख्शा.
ममता बनर्जी ने केंद्रीय एजेंसियों का विपक्ष के खिलाफ दुरुपयोग करने का दावा करते हुए अपनी पार्टी टीएमसी का बचाव किया. उन्होंने कहा, 'हमारे जंगीपुर विधायक जाकिर हुसैन एक व्यापारी हैं. अगर किसी ने कुछ गलत किया है, तो उन्हें उसके अनुसार दंडित किया जाएगा. लेकिन चूंकि वह तृणमूल नेता हैं, इसलिए उन पर हमला किया जा रहा है.' जाकिर हुसैन कुछ दिन पहले आयकर विभाग की जांच का सामना कर रहे थे.
पहले बीजेपी नेताओं की जांच कराएं केंद्र
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा, 'दूसरों पर छापा मारने के लिए एजेंसियों को भेजने से पहले, बीजेपी को खुद को देखना चाहिए. क्योंकि चैरिटी घर से शुरू होती है. सरकार पहले ईडी, सीबीआई और आईटी विभाग से अपने बीजेपी नेताओं की जांच करने के लिए कहें."
ममता ने बीजेपी के साथ-साथ पश्चिम बंगाल में अन्य दो विपक्षी दलों सीपीएम और कांग्रेस को आड़े हाथ लिया है. उन्होंने पार्टियों के लिए 'बाम और श्याम' का इस्तेमाल किया. मुर्शिदाबाद में एक बड़ी अल्पसंख्यक आबादी है और यह कांग्रेस के प्रभाव के अंतिम शेष क्षेत्रों में से एक है. यह एक ऐसा क्षेत्र है, जहां कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के बीच मुकाबला देखा गया है.
गरीबों का पैसा छीनने की कोशिश कर रहा केंद्र
उन्होंने केंद्र सरकार पर 100 दिन की नौकरी की गारंटी योजना और पीएम आवास योजना जैसी प्रमुख योजनाओं के लिए धन रोके रखने का भी आरोप लगाया. बंगाल की सीएम ने कहा, "अगर किसी को लगता है कि हमारे ऊपर जो राशि बकाया है, वह बीजेपी का निजी फंड है, तो वह गलत है. मैं यह स्पष्ट कर दूं, अगर केंद्र को लगता है कि वह गरीबों का पैसा छीन सकता है और विपक्ष पर हमला कर सकता है, तो वे ऐसा करने में सफल नहीं होंगे. हम इस तरह के अलोकतांत्रिक व्यवहार की अनुमति नहीं देंगे."
ममता बनर्जी ने आगे कहा, "मैं यहां कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं कर रही हूं. मैं केवल उस राशि की मांग कर रही हूं, जो हमारे कार्यकर्ताओं के लिए 100 दिनों की कार्य योजना के तहत लायक है. उन्हें उनका बकाया कब मिलेगा? भाजपा और माकपा दोनों को जवाब देना होगा."
'बांग्लार बाड़ी' के लिए फंड रोक रही बीजेपी
उन्होंने कहा, "जिन लोगों ने 100 दिनों की कार्य योजना के लिए धन को रोक दिया है, वे सोचते हैं कि वे 'बांग्लार बाड़ी' के लिए धन जारी नहीं करेंगे. हमने PMAY सूची से 17 लाख नाम हटा दिए हैं जो अवैध तरीकों से जोड़े गए थे. भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी पीएमएवाई लाभार्थी सूची में अपने नेताओं के नाम जोड़े. हमारे पास इस गबन को साबित करने के लिए दस्तावेज हैं." बीजेपी पर निशाना साधते हुए ममता बनर्जी ने आगे कहा, 'क्या बीजेपी अपनी ताकत दिखाने की कोशिश कर रही है? मैं आपको बता दूं कि यह ताकत हमेशा नहीं रहेगी. सत्ता गंवाने के बाद आप 'बिग जीरो' बन जाएंगे.'
'बुलडोजर' पॉलिटिक्स की समर्थक नहीं
उन्होंने 'बुलडोजर' को लेकर भी भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. ममता बनर्जी ने कहा, "मैं बुलडोजर के पक्ष में नहीं हूं, लेकिन लोकतंत्र पर बुलडोजर चलाने वालों से मैं कहना चाहती हूं कि यह बुलडोजर के बदले बुलडोजर नहीं होगा. बुलडोजर की जगह आपको बंद का सामना करना पड़ेगा. यह मैं मुर्शिदाबाद की धरती पर कह रही हूं."
भोपाल: मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन बुधवार को अविश्वास प्रस्ताव पर देर रात तक चर्चा जारी है. बुधवार को बहस के दौरान पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने सरकार पर जनता के पैसों की बर्बादी के आरोप लगाये वो भी पार्टी के काम में. बहस के दौरान जीतू पटवारी ने कहा अध्यक्ष जी, मेरे मुख्यमंत्री ने गरीब के पैसे से, मेरे मुख्ययमंत्री ने कर्ज के पैसे से भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय में वहां की मीटिंग्स में इतना दुख और दर्द , इतना भाव है, वहां पर 40 करोड़ रूपये का खाना खिला दिया. कार्यालय में अंदर और जो बात कह रहा हूं, रिकॉर्ड से कह रहा हूं. यह मध्यप्रदेश के साथियों, विधायकों, आप जन प्रतिनिधियों, सत्ता के भी और विपक्ष के भी, यह देश का पहला मुख्ययमंत्री है, जिसने सरकार के पैसे से बीजेपी कार्यालय में खाना खिलाया.
हालांकि आरोप लगाते ही, नगरीय प्रशासन राज्यमंत्री ओपीएस भदौरिया भड़क उठे. वे अपनी सीट से उठे और विपक्ष की तरफ आक्रामक मुद्रा में बढ़े, थोड़ी देर तक इस मुद्दे पर हंगामा हुआ, जिसके बाद संसदीय कार्यमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्र ने इस मामले पर खेद जताया. थोड़ी देर बाद बात शुरू होने पर जीतू पटवारी ने फिर कहा केवल सरकार के पैसे से बीजेपी के कायकर्ता को खाना खिलाया और बीजेपी कार्यालय के अंदर यह प्रश्न सरकार का उत्तर है और पांच साल में 9 करोड़ रुपये का खाना खिलाया तो बीस साल में कितने का खिलाया होगा?
यह है स्वर्णिम मध्य प्रदेश बनाने वाली सरकार, यह संदर्भ था की यह कर्जा जो ले रहे हो, यह जा कहां रहा है? यह कर्जा यहां जा रहा है या हवाई जहाज खरीदी जा रही है. इस मुद्दे पर गृहमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता डॉ नरोत्तम मिश्रा से प्रतिक्रिया के बारे में पूछने पर उन्होंने पुरजोर तरीके से कहा ऐसा कुछ नहीं है