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कोलकाता, 23 मई 2018। पुरी-हावड़ा शताब्दी एक्सप्रेस का नाश्ता खाने से 40 यात्रियों की तबियत खराब हो गई। इनमें से 14 यात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना बुधवार सुबह की है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि इस मामले की जांच करवाई जाएगी। ये सभी यात्री ट्रेन के कोच नंबर सी-1 और सी-2 में सफर कर रहे थे और इन्हें नाश्ता सुबह करीब सात बजे के बाद दिया गया था। यात्रियों ने नाश्ते के बाद जब पेट दर्द और उल्टी की शिकायत की तो ट्रेन के खड़गपुर पहुंचने पर करीब 11.45 बजे रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
दक्षिण-पूर्व रेलवे के चीफ पब्लिक रिलेशन ऑफिसर संजॉय घोष ने बताया, ‘यह खाना आईआरसीटीसी ने सप्लाई किया था और ट्रेन में पुरी से रखा गया था। इसे खाने के बाद कुछ यात्रियों की तबियत खराब हो गई। उन यात्रियों का खड़गपुर में इलाज चल रहा है। इस मामले में आईआरसीटीसी और हमारी ओर से जांच की जाएगी।’
वहीं खड़गपुर डिविजनल के डीआरएम के. राबिन कुमार रेड्डी ने बताया, ‘खाने के सैंपल ले लिए गए हैं और हम लोग इस मामले में जरूरी कार्रवाई करेंगे। इसके अलावा हम इस मामले की भी जांच करेंगे कि क्या वेंडर ने बाहर से खाना तो नहीं लिया है।’ जहां रेड्डी का कहना है कि कुछ यात्री हॉकर्स से भी खाना ला सकते हैं, वहीं यात्रियों का कहना है कि उन्होंने वही खाना खाया है जो ट्रेन में परोसा गया है।
एक यात्री काकाली सेनगुप्ता ने कहा, ‘हमें भुवनेश्वर के बाद ट्रेन में ऑमलेट और ब्रेड परोसा गया था। इसे खाने के बाद हमारे पेट में दर्द शुरू हो गया और हम में से काफी लोगों को उल्टी होना शुरु हो गई।’ काकाली का अपने पति रूपम सेनगुप्ता के साथ अस्पताल में इलाज चल रहा है। उनके दो बच्चे भी ट्रेन में नाश्ता का सेवन करने के बाद बीमार पड़ गए थे। ट्रेन पुरी से सुबह करीब 5.45 बजे निकली थी और नाश्ता 7 बजे परोसा गया था।
::/fulltext::नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री शिवप्रताप शुक्ला ने कहा है, "कच्चा तेल आयातित होता है. विदेशी कंपनियां कीमतें बढ़ा रही हैं. पेट्रोलियम मंत्रालय कह चुका है कि पेट्रोल तथा डीज़ल को GST के दायरे में लाया जाना चाहिए, लेकिन मुद्दा यह है कि इस प्रस्ताव को GST काउंसिल के समक्ष तब तक नहीं लाया जा सकता, जब तक सभी राज्यों के वित्त मंत्रालय इसे मंज़ूरी न दें." देश में पेट्रोल के दाम करीब 12 दिनों से लगातार बढ़ते जा रहे हैं. लोगों में इस बात से नाराजगी बढ़ती जा रही है कि सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है जिससे उन्हें सीधे लाभ मिले. वहीं, इस पूरे मुद्दे पर विपक्ष सरकार पर हमलावर है और रोज बीजेपी के मंत्रियों के पुराने बयान साझा कर सफाई मांग रहा है. विपक्षी नेता साफ तौर पर कह चुके हैं कि सरकार को पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए. जानकारों का मानना है कि पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी की दायरे में लाने से पेट्रोल के दाम वर्तमान की दर से करीब 30 रुपये प्रतिलीटर सस्ते हो जाएंगे. जीएसटी में अधिकतम दर यानी 28 फीसदी की दर से भी यदि टैक्स लगेगा तब भी लोगों को इसका फायदा मिलेगा. वर्तमान में पेट्रोल की कीमत जो आम आदमी चुकाता है उस पर करीब आधा कर के रूप में दिया जाता है. यानी करीब 50 फीसदी जनता टैक्स देती है. जीएसटी लागू हो जाने पर यह 50 से सीधे 28 फीसदी रह जाएगा और कीमत कम हो जाएगी.
नई दिल्ली: मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने तूतीकोरिन में स्टरलाइट कॉपर यूनिट के निर्माण पर रोक लगा दी है. तमिलनाडु के तूतीकोरिन में पिछले एक महीने से वेदांता की स्टरलाइट कॉपर यूनिट को बंद करने की मांग को लेकर प्रदर्शन में अब तक 11 लोगों की मौत हो गई है. मंगलवार को स्टरलाइट कॉपर यूनिट के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक हो गया. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर जमकर लाठियां बरसाईं और अपने बचाव में फायरिंग भी की. पुलिस से हुई हिंसक झड़प में 30 से ज्यादा लोगों के घायल हो गये हैं. इस घटना पर राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, 'तमिलनाडू में स्टरलाइट कॉपर यूनिट के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में 11 की मौत राज्य पोषित आतंकवाद का क्रूर उदाहरण है. इन नागरिकों की हत्या अन्याय के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए की गई. इन शहीदों और घायलों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदना.'
इससे पहले तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई पलानीस्वामी ने 9 लोगों के मरने की पुष्टि की थी. उन्होंने कहा कि मरने वालों के परिवारों को 9 लाख रुपये और घायलों को 4 लाख रुपये दिए जाएंगे.पुलिस सूत्रों ने बताया कि संयंत्र की तरफ बढ़ने से रोके जाने कारण प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और पुलिस के वाहनों को पलट दिया. उन्होंने बताया कि मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार इकाई को सुरक्षा प्रदान करने के लिए क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गई है.रैली निकालने की अनुमति न मिलने पर प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाकर्मियों को खदेड़ने की कोशिश की और नारेबाजी करने लगे. पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारी पथराव करने लगे और पुलिस वाहन को पलट दिया. इसके बाद पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े. उन्होंने बताया कि पथराव की घटना में बीस से अधिक लोगों को मामूली चोट आई हैं और कुछ वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया. इसके बाद से क्षेत्र में तनाव का माहौल है. दर्शनकारियों का आरोप है कि संबंधित इकाई की वजह से क्षेत्र में भूजल प्रदूषित हो रहा है. गौरतलब है कि वहां 20 हजार से अधिक प्रदर्शनकारी जमा हुए थे.