मॉनसून : तीन दिन पहले ही केरल पहुंचा, इस साल सामान्य बारिश होने की संभावना....
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आमतौर पर मॉनसून केरल के तट पर 1 जून को टकराता है. एक महीने में यह देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचता है. मौसम विभाग के अनुसार इस साल सामान्य बारिश होने की संभावना है.
मौसम विभाग ने बताया कि तय समय से तीन दिन पहले ही मॉनसून मंगलवार को केरल तट पर पहुंच गया. हालांकि मौसम विभाग ने मॉनसून के केरल तट पर पहुंचने की तारीख 29 जून बताई थी. एक प्राइवेट वेदर फोरकास्टिंग एजेंसी स्काईमेट ने बताया था कि मॉनसून 28 मई को भारत पहुंचेगा. बता दें कि आमतौर पर मॉनसून केरल के तट पर 1 जून को टकराता है. एक महीने में यह देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचता है. मौसम विभाग के अनुसार इस साल सामान्य बारिश होने की संभावना है. स्काईमेट के सीईओ जतिन सिंह न कहा, "केरल में मॉनसून जैसी स्थितियां हैं. हम कह सकते हैं कि बारिश का मौसम आ गया है." बता दें कि स्काईमेट ने बताया था कि मॉनसून 28 मई को भारत पहुंचेगा जबकि मौसम विभाग ने 29 मई को इसकी संभावना जताई थी. मौसम विभाग के अनुसार, 10 मई के बाद अगर 14 स्टेशनों पर लगातार दो दिनों तक 2.5 मिलीमीटर या उससे ज़्यादा बारिश होती है तो दूसरे दिन मॉनसून आने की घोषणा की जाती है. यह मॉनसून की घोषणा करने का सबसे बड़ा पैरामीटर है. इसके अलावा दूसरे पैरामीटर भी हैं. पश्चिमी हवाएं समुद्र तल से 15000 फीट ऊपर होनी चाहिए और लॉन्ग वेव रेडिएशन पर भी नज़र रखी जाती है.
IRCTC : अब वेटिंग टिकट के समय ही मिलेगी सीट कन्फर्म होने की सूचना, नई वेबसाइट लॉन्च....
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ट्रेन लेट होने के कारणों का वीडियो मैसेज होगा प्रदर्शित अब ट्रेनों के लेट होने का कारण बताते हुए प्लेटफॉर्म पर वीडियो मैसेज दिया जाएगा।
नई दिल्ली [ जेएनएन ]। आपका रेलवे टिकट कन्फर्म है कि नहीं इसकी जानकारी उक्त ट्रेन का चार्ट बनने तक दुविधा बनी रहती थी। ऐसे में आपका चार्ट बनने तक चिंतित होना लाजमी था। लेकिन भारतीय रेलवे की नई व्यवस्था के तहत अब वेटिंग टिकट लेते ही समय आपको यह पता चल जाएगा कि सीट कन्फर्म होने की कितनी संभावना है। इस क्रम में आईआरसीटीसी की वेबसाइट को आज से नया रूप मिल गया है। यात्रियों को इसमें कई नई सुविधाएं मिलेंगी। फिलहाल आईआरसीटीसी की पुरानी वेबसाइट ही नजर आ रही है लेकिन इसमें यात्रियों को नई वेबसाइट की लिंक दी गई है। इसे क्लिक करते ही उन्हें पूरी तरह से फ्रेश और नई वेबसाइट नजर आती है।
आईआरसीटीसी की वेबसाइट सेंटर फॉर रेलवे इन्फॉर्मेशन सिस्टम द्वारा तैयार एल्गोरिदम की मदद से यह यात्रियों को यह बताएगी कि वेटिंग लिस्ट के टिकट के कन्फर्म होने की कितने फीसद संभावना है। एल्गोरिदम एक ठोस व्यावहारिक मॉडल तक पहुंचने के लिए पिछले 13 साल के डेटा का उपयोग करेगा।
ट्रेन लेट होने पर मिलेगा वीडियो मैसेज
ट्रेन लेट होने के कारणों का वीडियो मैसेज होगा प्रदर्शित अब ट्रेनों के लेट होने का कारण बताते हुए प्लेटफॉर्म पर वीडियो मैसेज दिया जाएगा। हर स्टेशन पर एक मिनट के इस वीडियो मैसेज में यात्रियों से धैर्य रखने की अपील की जाएगी। रेलवे का मानना है कि इससे यात्रियों का गुस्सा शांत होगा।
बिना लॉग इन करे ही मिलेगी सीटों की उपलब्धता की जानकारी
इतना ही ट्रेनों और सीटों की उपलब्धता सर्च करने के लिए अब आपको वेबसाइट पर लॉग इन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पुराने वर्जन में केवल रजिस्टर्ड यूजर्स को यह सुविधा मिलती थी। टिकट बुक करते समय हर यात्री के लिए अलग कार्ड होगा जिनमें यूजर यात्री की जरूरत के हिसाब से जानकारी भर सकेगा। यूजर माय प्रोफाइल सेक्शन में कम से कम 6 बैंकों को सिलेक्ट करके पेमेंट ऑप्शन में सेव कर सकता है। यूजर को माय ट्रांजेक्शन फीचर में बुक किए हुए टिकट को यात्रा के दिन, बुकिंग की तारीख, आने वाली यात्रा और पूरी हो चुकी यात्रा के आधार पर देख सकता है।
प्रधानमंत्री ने की सीधी बात- हितग्राहियों से पूछा उज्जवला योजना से लाभ मिल रहा या नहीं.....
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रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए उज्ज्वला योजना के तहत छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले की तीन लाभार्थी महिलाओं से सीधे बातचीत कर इस योजना के संबंध में जानकारी ली। श्री मोदी ने आज छत्तीसगढ़ सहित देश के पांच राज्यों की महिलाओं से इस योजना के संबंध में बातचीत की। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने नई दिल्ली से रायपुर कलेक्टोरेट के एनआईसी कक्ष में उपस्थित रायपुर जिले के सारागांव निवासी श्रीमती मीना निर्मलकर, मांढर की श्रीमती उर्मिला सिन्हा और नवेडी की श्रीमती विमला टंडन से चर्चा कर जानना चाहा की इस योजना से हितग्राहियों को लाभ मिल रहा है या नहीं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने छत्तीसगढ़ की महिलाओं से जय जोहार कर अपनी बात प्रारंभ की। प्रधानमंत्री ने उज्जवला योजना को स्वास्थ्य से जोड़कर उनके स्वास्थ्य में परिवर्तन के बारे में भी जानकारी ली। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के लाभ के लिए पड़ोसियों को किस प्रकार से प्रेरित किया जा रहा है, इसके बारे में भी पूछा।
रायपुर के सारागांव की श्रीमती मीना निर्मलकर ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को बताया कि पहले अन्य घरों में गैस चूल्हा को देखने से मन में अपने घर में गैस चूल्हा न होने की बात खलती थी। इसके साथ ही खाना बनाने के लिए लकड़ी, गोबर के उपले आदि की व्यवस्था में भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ती थी। जिससे बहुत अधिक समय और मेहनत लगता था। लकड़ी और उपलों से निकलने वाले धुंआ से पूरे परिवार के स्वास्थ्य में बुरा असर पड़ता था। परंतु अब प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस चूल्हा मिल जाने से बच्चों के मनपसंद का खाना एवं व्यंजन जल्दी बन जाते है। साथ ही इससे जो भी समय बचता है वह पूरा का पूरा परिवार और बच्चों के साथ व्यतीत करने लगीं है। श्रीमती मीना ने बताया कि वो पड़ोसियों को भी इस योजना के साथ ही शासन की अन्य योजनाओं के लाभ के बारे में भी बताती है।
गौरतलब है कि छतीसगढ़ राज्य मे 13 अगस्त 2016 को प्रधानमंत्री उज्जवला योजना का शुभारंभ हुआ। इसके तहत पूरे राज्य मे अभी तक 21 लाख 17 हजार 887 कनेक्शन दिए जा चुके है। इससे राज्य मे एलपीजी की उपयोगिता मे भारी वृद्धि हुई है । उज्जवला योजना से पहले 100 परिवार मे से सिर्फ 31 परिवारों के पास ही एलपीजी कनेक्शन था जबकि आज यह संख्या बढ़कर 66 परिवार हो गई है। अप्रैल 2018 से विस्तारित प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना शुरू की गई है इससे छतीसगढ़ में एलपीजी के प्रतिशत और भी बढ़ोत्तरी होगी और इससे शीघ्र ही शतप्रतिशत घरों को धुंआ मुक्त बनाया जा सकेगा।
पन्नीरसेल्वम : स्टरलाइट कॉपर स्मेल्टर प्लांट बंद होगा.....
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तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री ओ.पन्नीरसेल्वम ने सोमवार को कहा कि सरकार वेदांता लि. के स्टरलाइट कॉपर स्मेल्टर प्लांट को स्थाई तौर पर बंद करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी.
तूतीकोरिन: तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री ओ.पन्नीरसेल्वम ने सोमवार को कहा कि सरकार वेदांता लि. के स्टरलाइट कॉपर स्मेल्टर प्लांट को स्थाई तौर पर बंद करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी. पन्नीरसेल्वम ने यहां अस्पताल का दौरा किया और 22 मई को स्टरलाइट कॉपर के खिलाफ प्रदर्शनक कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी में घायल हुए लोगों का हालचाल जाना.उपमुख्यमंत्री ने यहां संवाददाताओं से बात की और बताया कि घायलों को मुआवजा दे दिया गया है.यहां हालात धीरे-धीरे सामान्य हो गए हैं, दुकानें और अन्य प्रतिष्ठान खुल रहे हैं. इंटरनेट कनेक्टिविटी बहाल हो गई है. तूतीकोरीन ट्रेडर्स संघ के एस.राजा ने आईएएनएस को बताया, दुकानें अब खुल गई हैं.हालात सामान्य हो रहे हैं लेकिन जब तक कॉपर संयंत्र स्थाई तौर पर बंद नहीं होगा, शहर में पूर्ण शांति बहाल नहीं होगी.राजा ने यह भी कहा कि जिन पुलिस अधिकारियों ने गोलियां चलाईं, उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है.राजा के मुताबिक, पुलिस गोलीबारी में मारे गए 13 में से सात का पोस्टमार्टम किया गया है.
जीएसटी हेड सुशील मोदी की राय, पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाने पर कम होंगे दाम?....
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सुशील मोदी ने कहा , ‘जीएसटी व्यवस्था के तहत दुनिया भर में ऐसी व्यवस्था है कि राज्य सबसे ऊंची जीएसटी दर के ऊपर भी कर लगाते हैं.
पटना: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार हो रहे इजाफा के बाद अब यह बहस छिड़ गई है कि क्या पेट्रोलियम को जीएसटी के दायरे में लाने से इसके दाम कम होंगे? केंद्र सरकार के ही कुछ मंत्री यह बोल रहे हैं कि अगर पेट्रोलियम को जीएसटी के अंदर ला दिया गया, तो इसकी कीमतों में कम होगा, मगर बिहार के उपमुख्यमंत्री और जीएसटी नेटवर्क समिति के प्रमुख सुशील कुमार मोदी ने केंद्रीय मंत्रियों के ऐसे दावों को खारिज करते हुए शनिवार को कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाने से इनके दाम कम करने के मामले में कोई ज्यादा असर नहीं होगा.
जीएसटी नेटवर्क समिति के प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल रहे सुशील मोदी ने कहा , ‘यह गलत धारणा (लोगों में) है कि पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने से उसकी कीमत में उल्लेखनीय कमी आएगी. इस कदम से पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में कमी लाने के संदर्भ में मामूली प्रभाव ही पड़ेगा.’ सुशील मोदी ने कहा , ‘जीएसटी व्यवस्था के तहत दुनिया भर में ऐसी व्यवस्था है कि राज्य सबसे ऊंची जीएसटी दर के ऊपर भी कर लगाते हैं. जहां भी जीएसटी लागू हुआ है , वहां यही व्यवस्था अपनाई जाती है.’ सुशील मोदी राज्य स्तरीय बैंकरों की समिति (एसएलबीसी) की 64 वीं तिमाही बैठक की समीक्षा के बाद संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे. उनसे पूछा गया था कि क्या सरकार पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने पर विचार कर रही है? बिहार के वित्त मंत्री की भी जिम्मेदारी संभाल रहे सुशील मोदी ने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने के बारे में जीएसटी परिषद विचार करेगी. उन्होंने कहा , ‘जीएसटी परिषद में इसको लेकर सहमति है कि जब तक जीएसटी व्यवस्था स्थिर नहीं हो जाती पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में नहीं लाया जाएगा.’ जीएसटी पिछले साल एक जुलाई से प्रभाव में आया है.