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नई दिल्ली: चक्रवाती तूफान अम्फन (Cyclone Amphan) की वजह से पश्चिम बंगाल में 12 लोगों की मौत हो गई है. इसकी जानकारी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को दी. बुधवार को पश्चिम बंगाल में अम्फन (Amphan) तूफान ने भारी तबाही मचाई. हजारों घरों को तहस-नहस कर दिया. इसके साथ-साथ हजार से अधिक पेड़ उखड़ गए और सैकड़ों बड़ी इमारतों को नुकसान पहुंचा है. बंगाल ने चक्रवात अम्फन का भारी खामियाजा उठाया. कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों में हवा की रफ्तार 185 किलोमीटर प्रति घंटे की रही. जबकि दमदम में शाम 7 बजकर 20 मिनट पर हवा की रफ्तार 133 किमी प्रति घंटे रिकॉर्ड की गई.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि चक्रवात अम्फान का प्रभाव कोरोनावायरस से भी बदतर है. उन्होंने अम्फान तूफान से करीब 1 लाख करोड़ रुपये तक के नुकसान की आशंका जताई. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि हताहतों की संख्या 12 तक भी जा सकती है. जबरदस्त तूफानों में से इस चक्रवाती तूफान ने दो जिलों को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया.
बता दें कि चक्रवात दोपहर में करीब ढाई बजे पश्चिम बंगाल में दीघा और बांग्लादेश में हटिया द्वीप के बीच तट पर पहुंचा. चक्रवात के कारण तटीय क्षेत्रों में भारी तबाही हुई. चक्रवात की वजह से बड़ी संख्या में पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए वहीं कच्चे मकानों को भी खासा नुकसान हुआ. अधिकारियों के अनुसार चक्रवात आने से पहले पश्चिम बंगाल और ओडिशा में कम से कम 6.58 लाख लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था.
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के महानिदेशक एसएन प्रधान ने कहा कि चक्रवात अम्फान से संबंधित स्थिति तेजी से बदली और उसपर करीब से निगाह रखी गई. चक्रवाती तूफान अम्फान की वजह से बुधवार सुबह पश्चिम बंगाल के दीघा में भारी बारिश और तेज हवाओं का कहर देखने को मिला. मौसम विभाग ने बताया कि दिन में तीन बजकर पांच मिनट पर दमदम हवाई अड्डे पर हवा की रफ्तार 76 किलोमीटर प्रति घंटा थी.
नई दिल्ली: चक्रवाती तूफान अम्फान बुधवार को पश्चिम बंगाल में भारतीय तट से टकरा गया. वहां भारी बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने कहा कि पश्चिम बंगाल में दोपहर 2.30 बजे अम्फान ने दस्तक दी और यह अगले चार घंटे तक यह जारी रहेगा. इससे कोलकाता में 120 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है. बता दें कि चक्रवात की चपेट में आने से बंगाल और ओडिशा में लगभग 4.5 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है. एनडीआरएफ ने जानमाल की हानि/क्षति रोकने के लक्ष्य से बल की 53 टीमें तैनात की हैं.
The landfall process commenced since 2:30 PM, will continue for about 4 hours. The forward sector of the wall cloud region is entering into land in West Bengal: Director, IMD Bhubaneswar #CycloneAmphan
चक्रवाती तूफान अम्फान की वजह से बुधवार सुबह पश्चिम बंगाल के दीघा में भारी बारिश और तेज हवाओं का कहर देखने को मिला. अभी मिली जानकारी के अनुसार तूफान ओडिशा के पारादीप को पार कर चुका है और बंगाल के दीघा की ओर चल पड़ा है और कुछ घंटे में पहुंचने वाला है. तूफान पारादीप 44 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गुजरा लेकिन दीघा और बंगाल की ओर जाते ही इसकी रफ्तार 200 तक पहुंच सकती है. वहीं, मौसम विभाग के महानिदेशक एम मोहपात्रा ने बताया कि अम्फान ओडिशा के पारादीप से 110 किलोमीटर पूर्व की दिशा में केंद्रीत है. यह उत्तर पूर्व दिशा में गति कर रहा है. यह दोपहर से शाम के बीच लैंड फॉल (भूस्खलन) करेगा. यह काफी तबाही मचाने वाला हो सकता है.
मोहपात्रा ने बताया, "चक्रवाती तूफान अम्फान से पश्चिम बंगाल के 24 परगना और ईस्ट मिदनापुर में ज़्यादा असर होगा. कल सुबह यह बांग्लादेश पहुंचेगा. तब तक इसका विंड इमपैट खत्म हो जाएगा पर रेन फॉल इम्पैक्ट रहेगा. इसकी वजह से पश्चिम बंगाल और असम में कल भारी बारिश होगी. आज पश्चिम बंगाल में सबसे ज़्यादा बारिश होगी. इस तूफान में हवा की गति फोनी तूफान की रफ्तार के आसपास है. समुद्र के अंदर 1999 के बाद सुपर साइक्लोन यही है. 4-5 मीटर ऊंची लहरें देखने को मिल सकती है."
मौसम विभाग ने बताया कि चक्रवात ‘अम्फान' ने बुधवार को दोपहर ढाई बजे के करीब पश्चिम बंगाल में दीघा और बांग्लादेश में हटिया द्वीप के बीच दस्तक दी. तेज बारिश और तूफानी हवाओं के साथ अगले चार घंटे में यह चक्रवात और भीषण हो जाएगा. मौसम विभाग के मुताबिक चक्रवात के आगमन के समय इसकी रफ्तार 160-170 किलोमीटर प्रति घंटा थी. आगे इसकी रफ्तार 190 किलोमीटर प्रति घंटा पहुंचने की आशंका है. सुबह से ही पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी क्षेत्र के कई जिलों में भारी बारिश हुई है और तूफानी हवाएं चल रही है. समय के साथ इसकी गति और बढ़ती जा रही है.
मौसम विभाग ने बताया कि दिन में तीन बजकर पांच मिनट पर दमदम हवाई अड्डे पर हवा की रफ्तार 76 किलोमीटर प्रति घंटा थी. आगमन के बाद इसके उत्तर-पूर्वोत्तर हिस्से में बढ़ने का अनुमान है . पूर्वी हिस्से में यह कोलकाता के करीब से गुजरेगा. इससे निचले इलाके में पानी भरने और भारी क्षति की आशंका है.
नई दिल्ली: चक्रवाती तूफान अम्फान बुधवार को जब पश्चिम बंगाल में दस्तक देगा तब बहुत ही भयानक रूप ले लेगा. यह जानकारी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के महानिदेशक एसएन प्रधान ने संवाददाताओं को दे चुके हैं. प्रचंड चक्रवातीय तूफान ‘अम्फान' के आज यानी 20 मई को पश्चिम बंगाल के दीघा और बांग्लादेश के हटिया द्वीप के बीच तट पर पहुंचने का अनुमान है और इस गंभीर घटनाक्रम को ध्यान में रखते हुए एनडीआरएफ ने जानमाल की हानि/क्षति रोकने के लक्ष्य से बल की 53 टीमें तैनात की हैं.
ओडिशा के पारादीप में कल रात से हवा और बारिश की रफ्तार बढ़ गई है. चक्रवाती तूफान अम्फान (Cyclone Amphan) पारादीप से लगभग 125 किमी दक्षिण-पूर्व में है. जबकि पारादीप इलाके में ताजा जानकारी के मुताबिक 106 किलोमीटर प्रति घंटे के रफ्तार से तेज हवा चल रही है.
ओडिशा के बालासोर ज़िले के चांदीपुर में तेज़ हवा चलने के साथ बारिश हो रही है. चक्रवात अम्फान से आज भूस्खलन की आशंका है. चक्रवात अम्फान को देखते हुए अब तक 1,704 शेल्टर होम तैयार किए गए हैं और 1,19,075 लोगों को निकाला गया है.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने कहा कि तूफान को देखते हुए वह रेलवे से गुरुवार तक श्रमिक स्पेशल ट्रेने नहीं चलाने को कहेंगी. यह तूफान पश्चिम बंगाल के दिघा और बांग्लादेश के हटिया को बुधवार को पार कर सकता है.
तूफान ‘अम्फन' (Cyclone Amphan) पश्चिम बंगाल के तटवर्ती इलाकों के नजदीक पहुंचने को है ऐसे में कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट (केओपीटी) ने नाविकों को खतरे के प्रति सावधान करते हुए अपनी गादियों पर पोतों की आवाजाही रोक दी है. एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी. बंदरगाह संपत्ति को तूफान में क्षति से बचाने के प्रबंध किए जा रहे हैं. बंदरगाह पर लंगर डाले जहजों को भी बचाव व सुरक्षा की तैयारी करने के निर्दश दिए गए हैं. वहीं डायमंड हार्बर और सागर लंगर क्षेत्र में माल उतारने-चढ़ाने का काम रोक दिया गया है. बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए वहां पोत प्रबंधन प्रणाली बंद रखी जाएगी.
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने मंगलवार को ओडिशा और पश्चिम बंगाल के एक दर्जन से ज्यादा सांसदों से बातचीत करके उनसे चक्रवात 'अम्फान' के मद्देनजर तटीय जिलों में रहनेवाले लोगों को हर संभव सहायता पहुंचाने की अपील की. अध्यक्ष ने सासंदों को संबंधित एजेंसियों द्वारा बचाव कार्य और लोगों की सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों की भी जानकारी दी.
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के महानिदेशक एसएन प्रधान ने कहा है कि एनडीआरएफ 'अम्फान' को हल्के में नहीं ले रहा है क्योंकि ऐसा दूसरी बार हुआ है जब भारत बंगाल की खाड़ी में आये प्रचंड चक्रवातीय तूफान का सामना कर रहा है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक एम. महापात्र ने कहा, ''यह बेहद महत्वपूर्ण घटनाक्रम है क्योंकि 1999 में ओडिशा तट पर आए प्रचंड चक्रवातीय तूफान के बाद यह उस श्रेणी का दूसरा तूफान है. उन्होंने बताया कि चक्रवातीय तूफान ‘अम्फान' के 20 मई को पश्चिम बंगाल के दीघा और बांग्लादेश के हटिया द्वीप के बीच तट से टकराने का अनुमान है.''
एनडीआरएफ प्रमुख ने कहा कि यह तूफान सागरद्वीप और काकद्वीप के बीच भी तट से टकरा सकता है. गौरतलब है कि ये दोनों आबादी वाले क्षेत्र हैं. उन्होंने बताया कि ‘अम्फान' के तट से टकराने के दौरान हवा की गति 195 से 200 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है और यह आबादी वाले इलाके को प्रभावित करेगा.
आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, प्रधान ने बताया कि कच्चे मकान, मकानों की कच्ची छतों , नारियल के पेड़ों, टेलीफोन और बिजली के खंभों को गंभीर क्षति पहुंच सकती है. उन्होंने कहा कि इससे जानमाल की क्षति होने की भी आशंका है इसलिए हमारी तैयारी उसी के अनुरुप होनी चाहिए और राज्य सरकारों को भी यही कहा गया है.
एनडीआरएफ प्रमुख ने कहा कि बल ने ओडिशा और बंगाल में कुल 53 टीमें तैनात की है, इनमें से कुछ को स्टैंडबाई (तैयार) पर भी रखा गया है. पश्चिम बंगाल में 19 टीमें तैनात हैं जबकि चार स्टैंडबाई पर हैं, वहीं ओडिशा में 13 टीमें तैनात हैं और 17 स्टैंडबाई पर हैं. एनडीआरएफ की एक टीम में करीब 45 कर्मी होते हैं.
