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रायपुर कलेक्टर ओपी चौधरी ने सराहनीय कदम उठाया है
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::fulltext::रायपुर. शहर में लगातार सड़क हादसे बढ़ रहे हैं। इनमें से कई लोगों की जान समय पर हॉस्पिटल नहीं पहुंचने कारण रास्ते में ही हो जाती है। इन परिस्थितियों में घायलों को समय रहते अस्पताल में पहुंचाने के लिए राजधानी रायपुर कलेक्टर ओपी चौधरी ने सराहनीय कदम उठाया है। इसके अंतर्गत कलेक्टर ने ऐलान किया है कि अब तो व्यक्ति घायलों को अस्पताल पहुंचाएगा उसे इनाम के रूप में 5000 रुपए देकर उनका सम्मान किया जाएगा। पढि़ए पूरी खबर...
ये फैसला है काबिले तारीफ
कलेक्टर ओपी चौधरी ने आज ऐलान किया है कि अब से जो सड़क हादसों में घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाएगा, उन्हें 5000 रूपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। ये फैसला उनलोगों के लिए वरदान की तरह है जिनकी मौत समय पर मदद ना मिल पाने के कारण होती है। अब 5000 के लिए ही सही लोग कम से कम मदद तो करेंगे। ये प्रोत्साहन राशि रेड क्रॉस सोसायटी के फण्ड द्वारा दी जाएगी।
24 घंटे के अंदर मिलेंगे पैसे
ओपी चौधरी के आदेश अनुसार, घायलों को अस्पताल पहुंचने के 24 घंटे के अंदर ही पैसे मिल जाएंगे। पैसे रेड क्रॉस सोसायटी के फण्ड द्वारा दिए जाएंगे। साथ ही मदद के लिए आगे आने वालों को कोई परेशानी ना हो इसका भी ध्यान रखा जाएगा।
तत्काल ही लागू हुआ ये फैसला
कलेक्टर द्वारा घोषणा करने के तुरंत बाद से ही यह लागू हो चूका है। जिला प्रशासन को उम्मीद है कि इसका एक सकारात्मक नतीजा सामाजिक नजरिये से सामने आयेगा।सड़क यातायात सुरक्षा समिति के पदेन चेयरमैन के नाते कलेक्टर ओपी चौधरी ने ये निर्णय लिया है।
जल गया बच्चों को पढ़ाने का सपना, कलेक्टर ने कहा करेंगे मदद
आंखों में आंसू और जले हुए नोटों की गाड्डी लेकर खमतराई निवासी सोनिया साहू कलक्टर कर्यालय पहुंची। महिला ने कलेक्टर से फरियाद लगाई कि अब व इन जले हुए नोटों से कैसे अपने बच्चों की पढ़ाई कराएगी। महिला ने अपनी आप बीती कलेक्टर को सुनाई। उनका दर्द सुनकर कलेक्टर ने आपदा प्रबंधन मद से महिला को 50 हजार रुपये देने के आदेश दिया।
महिला ने बताया कि वह मजदूरी का काम करती है। बीती 9 अप्रैल को सुबह वह नवरात्रि की पूजा करके दीपक जला कर मजदूरी करने गई थी। बच्चे स्कूल गए थे। इसी दौरान दीपक से ही घर में आग लग गई। जिसमे घर का पूरा सामान जलकर खाक हो गया। उसके कपडे तक जल गए। साथ ही बच्चों की मार्कसीट भी जलकर राख हो गए।
बच्चों के एडमिशन के लिए पाई-पाई जमा कर रखे थे
महिला ने बताया की उसके तीन बच्चे है। जिनके इस वर्ष स्कूल एडमिशन के लिए 5 हजार रु पाई-पाई जोड़क रखे थे। लेकिन आग ने पूरी मेहनत को खाक कर दिया। घटना से परिवार का जीवन चलाना भी मुश्किल हो गया है।
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