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वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को तुर्की को चेतावनी दी कि यदि वह सीरिया से अमेरिकी बलों की वापसी के मद्देनजर कुर्द लड़ाकों पर हमला करता है तो उसे आर्थिक तबाही का सामना करना पड़ेगा। इसके साथ ही उसने कुर्द लड़ाकों से भी अंकारा को न उकसाने की अपील की।
ट्रंप ने सीरिया से सैनिकों को वापस बुलाने की दिसंबर में घोषणा की थी। तुर्की ने अमेरिका समर्थित कुर्द लड़ाकों की सुरक्षा की शर्त पर बलों की वापसी संबंधी ट्रंप की योजना पर नाराजगी जताई थी। ट्रंप ने ट्वीट किया कि कुर्द बलों पर हमला करने पर तुर्की को आर्थिक रूप से तबाह कर देंगे। उन्होंने लिखा कि इसी तरह हम यह भी नहीं चाहते कि कुर्द अंकारा को उकसाएं। सीरिया में आईएस के खिलाफ अमेरिका नीत अभियान का जमीनी स्तर पर कुर्द बहुल सीरियन डेमोक्रेटिक बल (एसडीएफ) नेतृत्व करता है।
बैंकॉक. एक सप्ताह पहले अपने मु्ल्क सऊदी अरब से भागकर बैंकॉक पहुंची रहाफ मोहम्मद एम अल्कुनन को कनाडा में शरण मिल गई है। घर छोड़कर भागी रहाफ ने ऑस्ट्रेलिया में शरण लेने की इच्छा जताई थी, जिसके बाद ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने भी उसे शरण देना का मन बनाया था। हालांकि, जस्टिन ट्रूडो की सरकार ने आगे आकर सऊदी लड़की को शरण दे दी है, जो अब बैंकॉक से रवाना हो रही है। रहाफ ने कहा था कि अगर उसे वापस सऊदी में उसके परिवार वालों के पास भेजा गया, तो वे लोग उसे जान से मार डालेंगे। हालांकि, मामला नहीं सुलझने तक उसने अपने आपको एयरपोर्ट पर ही एक कैमरे में कैद कर दिया था, जिसके बाद यूएन की टीम ने भी पीड़िता से मुलाकात कर उसे पूरी मदद का आश्वासन दिया था। इस्लाम त्याग चुकी रहाफ ने बैंकॉक से वापस अपने घर लौटने के लिए इनकार किया था। एक सप्ताह तक चले लंबे ड्रामे के बाद आखिरकार कनाडा ने रहाफ को शरण दे दी है। थाईलैंड के इमिग्रेशन ब्यूरो ने शनिवार को कहा है कि रहाफ के कहने पर ही उसे कनाडा भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि रहाफ सियोल के रास्ते से होकर कनाडा पहुंचेगी। उन्होंने आगे कहा कि वह बहुत खुश और स्वस्थ्य है, उसके चेहरे पर अब एक मुस्कुराहट को देखा जा सकता है। ऑस्ट्रेलिया में शरण लेने के लिए कुवैत से भागी रहाफ को बैंकॉक में जब यूएन रिफ्यूजी एजेंसी ने ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में रहने का ऑफर दिया, तब उसने ही कनाडा जाने की इच्छा व्यक्त की। यूएन रिफ्यूजी एजेंसी के सहयोग के बाद रहाफ को सुरक्षित कनाडा पहुंचाया जा रहा है, जहां वह कनाडाई अधिकारियों और इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन की देखरेख में रहेगी। रहाफ ने आरोप लगाया था कि कट्टर इस्लामिक तौर तरीकों को नहीं अपनाने की वजह से परिवार वालों ने उसे परेशान किया। हालांकि, बैंकॉक मिलने पहुंचे उसके पिता और भाई ने रहाफ के आरोपों को खारिज किया है। रहाफ अपने परिवार वालों से मिलने के लिए भी इनकार कर दिया था।
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