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कोच्चि। सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आज जाने की कोशिश करने वाली महिला कार्यकर्ता रेहाना फातिमा को गिरफ्तार कर लिया गया है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद रेहाना ने इससे पहले 19 अक्टूबर को भी मंदिर में प्रवेश करने की कोशिश की थी. लेकिन पुजारियों के कथित तौर पर मंदिर के द्वार बंद कर दिये थे जिसकी वजह से उन्हें वापस लौटना पड़ा था.रेहाना पर फेसबुक पोस्ट के माध्यम से धार्मिक भावनाएं आहत करने का भी आरोप है. रेहाना को धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में आज कोच्चि में बीएसएनएल के दफ्तर से हिरासत में लिया गया. रेहाना यहां काम करती हैं.इससे पहले रेहाना ने अपनी गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए केरल हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी लेकिन कोर्ट ने इसे नामंजूर कर दिया था. रेहाना उस वक्त सुर्खियों में आई थी जब एक प्रोफेसर ने लड़कियों के कपड़े को लेकर एक शर्मनाक बयान दिया था. प्रोफेसर ने कहा था कि मुस्लिम लड़कियां हिजाब नहीं पहनती और तरबूज के टुकड़े की तरह अपना सीना दिखाती हैं. इसके बाद रेहाना ने इस टिप्पणी के विरोध में तरबूज के साथ अपनी अर्धनग्न तस्वीर पोस्ट की थी.
::/fulltext::देहरादून. उत्तराखंड के रुद्रपुर में लालपुर क्षेत्र के एक नाबालिग बेटे से उसकी मां के इलाज के खर्च की भरपाई के लिए बेटे से अस्पताल में साफ-सफाई का शर्मनाक मामला सामने आया है। बताया गया कि अस्पताल प्रबंधन ने उसे बंधक बनाकर अस्पताल में झाड़ू पोछा करवाया है।
न ही उसे घर जाने दिया जा रहा है और न ही उसकी मां का इलाज किया जा रहा है। गांव के पड़ोसी ने चौकी पुलिस को मामले की जानकारी देकर संबंधित अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस को दिये पत्र में एक युवक ने कहा है कि लालपुर की प्रेम कॉलोनी निवासी राजेश ने 14 नवंबर को अपनी पत्नी राखी को धारदार हथियार से गंभीर रूप से घायल कर दिया था। खुद भी खुदकुशी के प्रयास घायल हो गया था।
पुलिस ने राखी और राजेश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। राखी को पहले सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी और फिर उसे बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। राजेश की हालत सुधरने के बाद वह फरार हो गया था। राखी के दो पुत्र राहुल और गुलशन नाबालिग हैं।
मां-बाप के अलावा दोनों की देखभाल करने वाला कोई नहीं है। मां की हालत जानने के लिए राहुल किसी तरह बरेली अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टरों ने उससे इलाज के रुपये मांगे। रुपये न होने की बात सुनकर अस्पताल प्रबंधन ने राहुल को बंधक बना लिया और जबरन उससे अस्पताल की सफाई कराने लगे।
इधर उसकी मां का इलाज भी बंद कर दिया। मौका पाकर राहुल ने फोन पर इसकी सूचना अपने पड़ोसी को दी। पड़ोसी ने आशंका जताई है कि इलाज रुकने के कारण राखी के शरीर में आई चोटों में इंफेक्शन हो सकता है।
उसका एक हाथ पूरी तरह से कटकर चमड़े के सहारे झूल रहा है। संक्रमण होने से उसकी जान को भी खतरा है। चौकी प्रभारी सतपाल सिंह ने कहा कि अस्पताल से संबंधित चौकी को सूचित करके दोषी पाए जाने पर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दोनों को बंधक से मुक्त कराया जाएगा।
::/fulltext::खास बातें
नई दिल्ली: राफेल डील (Rafale Deal) में धांधली की आशंका जताते हुए आर्थिक अपराधों के खिलाफ लड़ाई छेड़ने वाले फ्रांस के एक एनजीओ ने वहां के लोक अभियोजक दफ्तर ( Prosecutor's Office)में शिकायत दर्ज कराई है. एनजीओ ने तथ्यों की गंभीरता से जांच कर यह स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने की मांग की है कि आखिर किन नियम कायदों के जरिए भारत और फ्रांस के बीच 36 राफेल विमानों का सौदा हुआ. इसके अलावा राफेल जेट निर्माता कंपनी दसॉल्ट एविएशन की ओर से किस आधार पर अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस डिफेंस को ऑफसेट पार्टनर के रूप में चुना गया. शेरपा(Sherpa) नामक एनजीओ ने कहा है कि उसकी यह शिकायत पूर्व मंत्री और एक भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले वकील की ओर से सीबीआई में दायर शिकायत के आधार पर की गई है.
पूर्व मंत्री और अधिवक्ता की ओर से पूर्व में की गई शिकायत में पीएम मोदी पर पद का दुरुपयोग कर गलत तरीके से राफेल विमानों का सौदा करने का आरोप है. एनजीओ ने अपनी प्रेस रिलीज में कहा है कि यह उम्मीद है कि देश(फ्रांस) का राष्ट्रीय लोक अभियोजक कार्यालय तथ्यों की गंभीरता से जांच कर संभावित भ्रष्टाचार और अनुचित फायदे के बारे में पता लगाएगा. बता दें कि 36 राफेल विमानों के सौदे को लेकर भारत में पिछले काफी समय से राजनीतिक घमासान मचा हुआ है. कांग्रेस आदि विपक्षी दल मोदी सरकार की ओर से 2016 में फ्रांस के साथ की गई राफेल डील में बड़े घोटाले का आरोप लगाकर जांच की मांग कर रहे हैं.
कांग्रेस का आरोप है कि विमान बनाने के क्षेत्र में बिना किसी अनुभव के ही रिलायंस डिफेंस को59000 करोड़ की राफेल डील में दसॉल्ट ने ऑफसेट पार्टनर के रूप में चुन लिया गया. कांग्रेस का कहना है कि पिछली यूपीए सरकार में दसॉल्ट से 126 राफेल विमानों का सौदा हुआ था. जिसमें 18 विमान उड़ने की स्थिति में मिलने थे और 108 विमानों का निर्माण भारत में सरकारी कंपनी एचएएल की ओर किया जाना था. हालांकि, दासॉल्ट और सरकार ने गांधी के आरोपों को खारिज कर दिया है. दसॉल्ट के सीईओ एरिक ट्रैपियर ने समाचार एजेंसी एएनआई को बीते दिनों बताया था, "हमने खुद को अंबानी चुना है. हमारे पास रिलायंस के अलावा 30 साझेदार हैं."
बिना दलाली के किया राफेल सौदाः निर्मला
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के सिलसिले में पहुंची रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वह राफेल डील पर गुमराह कर रहे हैं. प्रेस कांफ्रेंस में पूछे गए एक सवाल के जवाब में सीतारमन ने बताया, ‘‘वह (राहुल) पूर्व रक्षा मंत्री ए के एंटोनी के साथ बैठकर बात कर लें तो राफेल लड़ाकू विमान सौदे पर उनकी सभी गलतफहमी दूर हो जाएगी.'' उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन उनका इरादा इसे समझने का नहीं है. उनका इरादा राफेल सौदे पर लोगों को गुमराह करने का है. इसलिए वह जहां कहीं जाते हैं, लोगों को गुमराह करने के लिए इसे उठाते हैं.'' सीतारमन ने कहा, ‘‘राहुल के कहने पर जनता गुमराह नहीं होगी. हमने बिना दलाली के राफेल सौदा किया है. इससे पहले रक्षा सौदों में रक्षा मंत्रालय में कभी ऐसी पारदर्शिता नहीं थी.''उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसे अच्छी तरह से जानती है, लेकिन फिर भी वह लोगों को गुमराह करने के लिए इसे उठा रही है. एक अन्य सवाल के जवाब में सीतारमन ने कहा कि उच्चततम न्यायालय वर्तमान में राफेल सौदे की सुनवाई कर रहा है, इसलिए इस पर इससे ज्यादा टिप्पणी करना ठीक नहीं है.