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सांसद अभिषेक सिंह - राजनांदगांव में आपका स्वागत है, कांग्रेस की विकास खोज पर.....
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::fulltext::सीएम के गृहजिले के गांव सुरगी अौर सांसद पुत्र अभिषक सिंह के गोद लिए गांव भोथीपारा खुर्द का कांग्रेसियों ने किया दौरा.
रायपुर। कांग्रेस की विकास खोजो यात्रा के विरोध में राजनांदगांव के सांसद और सीएम रमन सिंह के पुत्र अभिषेक सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने एक के बाद एक छह ट्वीट किए। इसमें उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल जी और पीएल पुनिया जी हमारे लोकसभा क्षेत्र में आपका हार्दिक स्वागत है। जिस शानदार सड़क से आप भोथिपार खुर्द पहुंचे हैं, आशा है आपको यात्रा में कम समय लगा होगा और आप इतनी अच्छी सड़क से प्रभावित हुए होंगे।
इसके बाद सांसद अभिषेक सिंह ने एक और ट्वीट किया, जिसमें लिखा कि आदरणीय भूपेश बघेल जी और पीएल पुनिया जी हमने राजनांदगांव में मेडिकल कॉलेज शुरू किया है। अत्याधुनिक भवन में आपका स्वागत है।
कांग्रेस ने शुरू की है, विकास खोजो यात्रा
- मुख्यमंत्री रमन सिंह की विकास यात्रा के विरोध में रविवार से कांग्रेस की विकास खोजो यात्रा शुरू होने वाली है। सरकार एक ओर जहां अपने 15 साल की उपलब्धियों को लेकर जनता के बीच पहुंच रही है, वहीं कांग्रेसी नेता उन्हीं में कमियां ढूंढने शनिवार सुबह ही करीब साढ़े पांच बजे सीएम रमन सिंह के गृहजिले के गांव पहुंच गए हैं।
सुबह साढ़े पांच बजे पहुंचे विकास खोजने
- कांग्रेसी नेताओं का पहला पड़ाव सीएम रमन सिंह के गृह जिले का गांव सुरगी और उनके सांसद पुत्र अभिषेक सिंह के गोद लिए गांव भोथीपारा खुर्द बना है। यहां कांग्रेस नेताओं के पहुंचने पर ग्रामीणों ने शिकायतों का अंबार लगा दिया। कांग्रेसियों ने आरोप लगाया कि ग्रामवासी मूलभूत सुविधाओं तक के लिए तरस रहे हैं।
- विकास खोजो यात्रा में छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल, प्रभारी महामंत्री गिरीश देवांगन, प्रदेश महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी, प्रभारी सचिव शिवसिंह ठाकुर, राजनांदगांव जिला अध्यक्ष दिनेश शर्मा, बालोद जिला अध्यक्ष अभिषेक शुक्ला, महेंद्र छाबड़ा, घनश्याम,सहित अन्य कांग्रेसी शामिल हैं।
ये शिकायतें लेकर पहुंचे ग्रामीण
-ग्रामीणों ने चंदा कर तालाब में पानी भरा और फिर गहरीकरण के लिए भी स्वयं खर्च उठाया
- महिलाओं ने कहा कि उज्ज्वला योजना का सिलेंडर महंगा है। कैसे सिलेंडर में गैस भरवाएं।
- पूरे गांव में मात्र चार हैंडपंप जिसमें से सिर्फ एक का ही पानी पीने लायक है।
- स्कूल भवन जर्जर हालत में है। मध्याह्न भोजन करने के बाद बच्चो को पानी पीने के लिए घर जाना पड़ता है।
- गांव में पेयजल का भारी संकट है। घर का एक व्यक्ति काम छोड़कर पानी का इंतजाम करता है।
- मनरेगा के तहत काम भी पूरा नहीं मिला। जो मिला था, उसका भी अभी तक भुगतान नहीं किया गया।
- ग्रामीणों और किसानों काे 2015 का बोनस ही नहीं मिला। ऐसे में 2018 का मिलेगा या नहीं ये भी नहीं पता।
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