छत्तीसगढ़ : विधानसभा चुनाव में VVPAT मशीन का पहली बार उपयोग ......
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रायपुर: छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनाव को लेकर आयोग ने कई अहम बदलाव किया है, जिसमें प्रदेश में पहली बार वोटर वेरीफ़ाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) मशीन का इस्तेमाल किया जाएगा। इसी के तहत चुनाव में वीवीपीएटी मशीन का उपयोग किया जाएगा। चुनाव आयोग ने लगातार मिल रहे ईवीएम मशीन में छेड़खानी के की शिकायत को लेकर यह अहम बदलाव करने का फैसला लिया है। वीवीपीएटी मशीन की खासियत यह है कि मतदाता ने जिस पार्टी के प्रत्याशी को वोट दिया है, उसकी जानकारी मतदाता और चुनाव आयोग को एक स्लीप के जरिए तुरंत मिल जाएगी।
इस बार दिव्यांग मतदाताओं का भी चुनाव आयोग विशेष ध्यान रखने जा रही है, विशेष अभियान चलाकर प्रदेश के दिव्यांग मतदाताओं की जानकारी मंगाई गई है और उनका नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने के साथ-साथ मतदाता परिचय पत्र देने की योजना बनाई गई है।
चुनाव आयोग ने जिम्मेदार अधिकारियों को ट्रेनिंग देने के लिए प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है। प्रशिक्षण दो चरणों में दिया जाएगा। पहले चरण में 13 जिलों के कलेक्टरों और अधिकारियों को ट्रेनिंग दी जा रही है, जिसमें बस्तर, बालोद, धमतरी, महासमुंद, जांजगीर—चांपा, राजनांदउगांव, कांकेर, मुंगेली, कबीरधाम और बलौदा बाजार को शामिल किया गया है। दूसरे चरण में बाकी जिलों के कलेक्टरों और अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
बता दें कि ट्रेनिंग के लिए देश के कुशल ट्रेनरों को बुलाया गया है, जिसमें शैलानी चेतल हरियाणा, अतिक अहमद उत्तर प्रदेश, रजनीश सिंह दिल्ली, दीपक अग्रवाल छत्तीसगढ़, रोक्तिमा यादव छत्तीसगढ़ और पुलक भट्टाचार्या छत्तीसगढ़ शामिल हैं।
ये है वोटर वेरीफ़ाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल की खासियत
- वोटर वेरीफ़ाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल यानी वीवीपैट (वीवीपीएट) व्यवस्था के तहत वोटर डालने के तुरंत बाद काग़ज़ की एक पर्ची बनती है।
- इस पर जिस उम्मीदवार को वोट दिया गया है, उनका नाम और चुनाव चिह्न छपा होता है।
- ईवीएम में लगे शीशे के एक स्क्रीन पर यह पर्ची सात सेकंड तक दिखती है।
- भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड ने यह मशीन 2013 में डिज़ायन की।
- सबसे पहले इसका इस्तेमाल नागालैंड के चुनाव में 2013 में हुआ। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने वीवीपैट मशीन बनाने और इसके लिए पैसे मुहैया कराने के आदेश केंद्र सरकार को दिए।
- चुनाव आयोग ने जून 2014 में तय किया किया अगले चुनाव यानी साल 2019 के चुनाव में सभी मतदान केंद्रों पर वीवीपैट का इस्तेमाल किया जाएगा।
- बीईएल ने साल 2016 में 33,500 वीवीरपैट मशीन बनाईं। इसका इस्तेमाल गोवा के चुनाव में 2017 में किया गया।
- बीते दिनों पाच राज्यों के विधानसभा चुनावों में चुनाव आयोग ने 52,000 वीवीपैट का इस्तेमाल किया।