Wednesday, 12 August 2026

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 महिला हॉकी विश्व कप : भारतीय टीम, सेमीफाइनल का सपना टूटा......

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लंदन (वीएनएस/आईएएनएस)| आयरलैंड ने गुरुवार देर रात वैली हॉकी एंड टेनिस सेंटर पर खेले गए बेहद रोमांचक मैच में भारत को शूट आउट में 3-1 से मात देते हुए महिला हॉकी विश्व कप के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। दोनों टीमों के बीच खेला गया यह क्वार्टर फाइनल मैच तय समय में गोलरहित रहा और मैच शूटआउट में गया। जहां आयरलैंड के लिए अपटन रोइसन, मीके एलिसन, वाटकिंस चोले ने आखिरी तीन प्रयासों में गोल किए। भारत के लिए एक मात्र गोल रीना खोखर ने किया। आयरलैंड की गोलकीपर आयेशा मैक्फारेन दीवर की तरह भारतीय खिलाड़ियों के सामने खड़ी रहीं।

सेमीफाइनल में आयरलैंड का सामना स्पेन से होगा। इस हार के साथ भारत को दूसरी बार सेमीफाइनल खेलने का सपना टूट गया। वह विश्व कप के पहले संस्करण में 1974 में पहली बार सेमीफाइनल खेली थी। इसके बाद भारत कभी भी अंतिम-4 में नहीं पहुंच पाया।
इस मैच में दोनों टीमें किसी को जल्दी मौके नहीं देना चाहती थीं और इसलिए अपने-अपने हाफ में खेली। आयरलैंड ने हालांकि भारत पर दबाव बनाने की कोशिश की जो असफल रही। भारतीय डिफेंस मजबूती से खड़ा रहा।

इस बीच सातवें मिनट में वंदना कटारिया ने बाएं फ्लैंक से आयरलैंड के घेरे में घुसने की कोशिश की जहां वो गेंद को अपने पास नहीं रख पाईं। इस बीच आयरलैंड की टीम भारत को हावी होने लगी थी। 10वें मिनट में वाटकिंस ने भारत को परेशान किया हालांकि भारतीय रक्षापंक्ति को वो भेद नहीं पाई। काफी प्रयासों के बाद पहला क्वार्टर गोलरहित रहा।

दूसरे हाफ में डिएरडिरे ड्यूक और वाटकिंस ने मिलकर कुछ अच्छे मूव बनाए। आयरलैंड आक्रामक हो गई थी और भारतीय महिलाएं अपनी लय खोती दिख रही थीं। 21वें मिनट में नेहा गोयला को रफ खेल के लिए ग्रीन कार्ड दिया गया। दो मिनट बाद मैच में पहली बार भारतीय गोलकीपर सविता की परीक्षा हुई जिसमें वो सफल रहीं। 23वें मिनट में कैथरीन मुलन ने गोलपोस्ट पर बेहतरीन शॉट दागा जिसे सविता बचा ले गई। आयरलैंड के खेल में स्थिरता और तालमेल अच्छा दिख रहा था लेकिन किसी तरह भारतीय डिफेंस ने उन्हें दूसरे क्वार्टर में भी गोल से महरूम रखा।

दूसरे क्वार्टर का खेल हो चुका था और दोनों टीमों के हिस्से एक भी पेनाल्टी कॉर्नर नहीं आया था। आयरलैंड ने तीसरे क्वार्टर में और आक्रामकता दिखाई। भारतीय आक्रामण पंक्ति ने भी मौके बनाने की कोशिश की लेकिन उनके पास सही जगह पहुंचे नहीं। ऐसा ही एक मौका 37वें मिनट में आया जब वंदना ने काउंटर पर मूव बनाया लेकिन वह अकेली पड़ गई।

दो मिनट बाद कप्तान रानी ने मौका देख उदिता को गेंद दी जो शॉट को सही से ले नहीं पाईं। तीसरे क्वार्टर में भी दोनों टीमें गोल का सूखा नहीं खत्म कर पाईं। चौथे क्वार्टर में दोनों टीमों ने आक्रामक खेल खेला। 48वें मिनट में भारत वीडियो रैफरल के माध्यम से पेनाल्टी कॉर्नर लेने में कामयाब रहा, लेकिन आयरलैंड की गोलकीपर ने गोल नहीं होने दिया। यहां से भारतीय महिलाएं हावी होने की कोशिश में थीं और आयरलैंड के बॉक्स में अधिक समय बिता रही थीं लेकिन गेंद पर सही नियंत्रण ने होने के कारण वो गेंद को नेट में नहीं डाल पाईं। चौथे क्वार्टर की समाप्ति तक दोनों टीमें गोल नहीं कर पाईं और मैच शूटआउट में निकला।

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भारतीय महिला टीम का लक्ष्य, आयरलैंड से बदला और सेमीफाइनल....

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लंदन। अनुभवी फॉरवर्ड रानी की अगुवाई में भारतीय महिला हॉकी टीम ने महिला के क्वार्टर फाइनल में पहुंचकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है और अब उसका लक्ष्य गुरुवार को से बदला चुकाकर में पहुंचना रहेगा। ने कल क्रॉस ओवर मैच में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए इटली को 3-0 से हराया और क्वार्टर फाइनल में आयरलैंड से भिड़ने का अधिकार हासिल कर लिया। भारत और आयरलैंड टूर्नामेंट के पूल बी में थे जहां भारतीय टीम को ग्रुप चरण में आयरलैंड के हाथों 0-1 से हार झेलनी पड़ी थी।
 
विश्व में 10वें नंबर की टीम भारत का 16वें नंबर की टीम आयरलैंड से क्वार्टर फाइनल में मुकाबला होने जा रहा है। भारत के पास शानदार मौका है कि वह आयरलैंड से उस हार का बदला चुकाए और साथ ही सेमीफाइनल में भी पहुंचे। सातवीं बार विश्वकप खेल रही भारतीय टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1974 के विश्वकप में चौथा स्थान रहा है। मौजूदा भारतीय टीम में सिर्फ कप्तान रानी और दीपिका को ही विश्वकप में खेलने का अनुभव था जबकि बाकी खिलाड़ी पहली बार विश्वकप में खेल रही हैं। इसके बावजूद टीम ने करो या मरो के मुकाबले में बेहतरीन खेल दिखाया।
 
भारतीय टीम ने तीन पूल मैचों में सिर्फ दो गोल किए थे लेकिन निर्णायक मुकाबले में भारतीय टीम ने तीन गोल दाग दिए। भारत की जीत में लालरेमसियामी, नेहा गोयल और वंदना कटारिया ने गोल किए। भारतीय जीत में सबसे अच्छी बात यह रही कि टीम ने मौके बनाए और मौकों को भुनाया भी। इस मैच में पेनल्टी कार्नर पर दो गोल करने से भारतीय खिलाड़ियों का निश्चित रूप से आत्मविश्वास बढ़ेगा। कप्तान रानी रामपाल और कोच शुअर्ड मरीने ने इस जीत पर खुशी जताई और साथ ही कहा कि टीम इस लय को क्वार्टर फाइनल में आयरलैंड के खिलाफ बरकरार रखेगी। आक्रमण के साथ साथ भारतीय टीम का डिफेंस भी मजबूत रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने विश्व की 17वें नंबर की टीम इटली को गोल करने से रोके रखा।
 
भारतीय टीम इस साल राष्ट्रमंडल खेलों में ओलंपिक चैंपियन इंग्लैंड से हारकर चौथे स्थान पर रही थी। लेकिन विश्वकप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचकर उसने अपनी एक मंजिल तो हासिल कर ली है। भारतीय टीम 1974 के विश्वकप में चौथे स्थान पर रहने के बाद 1978 में सातवें, 1983 में 11वें, 1998 में 12वें 2006 में 11वें और 2010 में नौंवें स्थान पर रही थी। भारत ने शीर्ष आठ टीमों में जगह बनाकर पिछले 40 वर्षों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर डाला है और अब उसके पास 1978 के सातवें स्थान से आगे जाने का मौका है।
 
वर्ष 2016 एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में स्वर्ण पदक और 2017 एशिया कप में खिताब जीतने के बाद भारतीय टीम ने आठ साल पहले के नौंवें स्थान को पीछे छोड़ दिया है और अब उसके पास 1974 के इतिहास की बराबरी पर पहुंचने का पूरा मौका है। भारतीय टीम ने इटली के खिलाफ जैसा प्रदर्शन किया उसे देखते हुए वह आयरलैंड को क्वार्टर फाइनल में भी मात दे सकती है। ली वेली हॉकी एवं टेनिस सेंटर में यह बहुप्रतीक्षित मुकाबला दो अगस्त को रात को साढ़े 10 बजे से खेला जाएगा। 
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भारत में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर हमें कोई चिंता नहीं है. यदि अन्य किसी कारण से हमें भविष्य में भारत आकर बहुत खुशी होगी....

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स्विस स्क्वैश टूर्नामेंट में शीर्ष वरीयता प्राप्त महिला खिलाड़ी एंबर एलिन्क्स ने उन ख़बरों को ग़लत बताया है जिनमें कहा गया था कि वे चेन्नई में विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में इसलिए भाग नहीं ले रहीं क्योंकि उनके माता-पिता "भारत को महिलाओं के लिए असुरक्षित" मानते हैं. 18-29 जुलाई के दौरान चेन्नई में चल रहे 13वें विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में स्विटजरलैंड की खिलाड़ी एंबर एलिन्क्स भाग नहीं ले रही हैं.

दो दिन पहले कई अख़बारों और ऑनलाइन मीडिया में यह ख़बर छपी थी जिसमें स्विटजरलैंड स्क्वैश टीम के कोच पास्कल भूरिन ने कहा है, "हमारे देश की नंबर-1 खिलाड़ी एंबर एलिन्क्स इस टूर्नामेंट में भाग लेने को लेकर बहुत उत्सुक थी, लेकिन वो ऐसा नहीं कर सकीं क्योंकि उनकी मां भारत को महिलाओं के लिए असुरक्षित मानती हैं और उन्हें भेजकर कोई जोख़िम नहीं उठाना चाहतीं."

ख़बर के वायरल होने पर बीबीसी तमिल सेवा के संवाददाता ने चेन्नई में चल रहे टूर्नामेंट के दौरान स्विटजरलैंड के कोच पास्कल से मुलाकात की. पास्कल ने यह स्वीकार किया कि मीडिया में जो कुछ भी आया है वो उन्होंने ही कहा था, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि उन्हें इसकी कतई उम्मीद नहीं थी कि यह इतनी बड़ी ख़बर बन जाएगी. पास्कल की पुष्टि के बाद बीबीसी तमिल ने 13वीं विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में शीर्ष वरीय खिलाड़ी के भाग नहीं लेने पर ख़बर छापी थी.

 

जब बीबीसी ने तमिलनाडु की पहली अंतरराष्ट्रीय फ़ुटबॉल रेफ़री रूपा देवी से इस मुद्दे पर बात की तो उन्होंने कहा, "यह हमारे देश के लिए शर्मनाक ख़बर है. क्रिकेट जैसे अन्य खेलों की तुलना में भारत में स्क्वैश का अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट आयोजित करना बहुत मुश्किल होता है. इसके बावजूद, जब एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी ने इसमें भाग लेने से मना दिया तो यह निश्चित तौर पर भारत के बारे में दुनिया के नज़रिए को दिखाता है."

आख़िर क्या है सच्चाई?

विश्व चैंपियनशिप में भाग नहीं लेने के कारणों की पुष्टि करने के लिए बीबीसी ने एंबर और उनके पिता इगोर से बात की, जिसमें उन्होंने भारतीय मीडिया के दावों से पूरी तरह इनकार कर दिया. एंबर के पिता इगोर ने कहा, "भारतीय मीडिया और सोशल मीडिया में एंबर एलिन्क्स के बारे में जो ख़बर आई है, वो मेरी बेटी के भविष्य के लिए ख़तरनाक है और हम इसके बारे में बहुत चिंतित हैं."

उन्होंने कहा, "कुछ मीडिया में अफवाहें फैली थीं कि एंबर चेन्नई में हो रहे विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में सुरक्षा कारणों से भाग नहीं ले रहीं. यह सच नहीं है. माता-पिता के तौर पर हमने पिछले साल सितंबर में ही दो कारणों से यह फ़ैसला कर लिया था कि इस बार उसे नहीं भेजेंगे." उन्होंने कहा, "पहला कारण कि एंबर मार्च में 16 की हो रही हैं और वो अभी बहुत छोटी हैं, उन्होंने यूरोपियन अंडर-17 टीम इस साल खेला है और अगले साल वो विश्व जूनियर के लिए खेल रही हैं. पिछले साल सीजन के अंत में वो बहुत थक गई थीं और इसलिए हम उसे शारीरिक रूप से और थकाना नहीं चाहते थे."

उन्होंने कहा, "दूसरी बात, हमने सोचा कि यह फैमिली ट्रिप पर जाने का एक बहुत अच्छा मौका है. इसलिए अभी हम मिस्र में हैं जो स्क्वैश का एक अच्छा देश है. हम खुश हैं कि एंबर हमारे साथ हैं." इगोर आग्रह करते हैं, "कृपया अफवाहें फैलाना बंद करें. भारत में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर हमें कोई चिंता नहीं है. यदि कोई टूर्नामेंट हो या अन्य किसी कारण से हमें भविष्य में भारत आकर बहुत खुशी होगी." 

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स्विस स्क्वैश की प्रतिक्रिया

स्विस स्क्वैश ने इस मामले में एक बयान जारी किया. उन्होंने कहा, "विभिन्न मीडिया और सोशल मीडिया में स्विट्जरलैंड की लड़कियों में नंबर-1 खिलाड़ी एंबर एलिन्क्स की चेन्नई में चल रहे विश्व स्क्वैश जूनियर चैंपियनशिप में भाग नहीं लेने को लेकर ग़लत ख़बर छापी गई है. इसमें कहा गया है कि एंबर को कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के कारण उसके माता-पिता ने युवा लड़की के लिए भारत को ख़तरनाक जगह मानते हुए उसे टूर्नामेंट के लिए नहीं भेजा."

उन्होंने यह भी कहा कि यह बयान बिल्कुल झूठा और निंदनीय है.

बयान में कहा गया है, "उन्होंने एंबर, उसके माता-पिता और स्विस स्क्वैश को बदनाम किया है. यह सही है कि एंबर को उनके माता-पिता इस साल जूनियर विश्व चैंपियनशिप में नहीं भेजना चाहते थे क्योंकि वो अभी छोटी हैं और साथ ही परिवार का अपना निजी कार्यक्रम भी था. इस फ़ैसले का मेज़बान देश भारत से कोई लेना देना नहीं था."

इसके साथ ही स्विस स्क्वैश ने भारतीय मीडिया से झूठे बयान पर ध्यान नहीं देने को कहा है और साथ ही इस मसले को लेकर सोशल मीडिया पर एंबर पर हमले नहीं करने का आग्रह किया है.

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